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पंजाब यूनिवर्सिटी के पूर्व वीसी के खिलाफ यौन शोषण प्रकरण ने तूल पकड़ा, पीड़िता के इस्तीफे की मांग
Mon, 17 Aug 2020 11:20 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Mon, 17 Aug 2020 11:20 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
पीयू के पूर्व वीसी प्रो. एके ग्रोवर पर यौन शोषण के आरोप लगाने वाली महिला प्रोफेसर का मामला तूल पकड़ गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षकों के बीच से आवाजें आने लगी हैं। उनका कहना है कि आरोप सिद्ध नहीं हो पाए, ऐसे में महिला प्रोफेसर को नैतिक रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पुटा के कार्यकारी सदस्य प्रो. मुहम्मद खालिद ने पुटा सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पूर्व वीसी पर आरोपों की जांच को कमेटियां गठित की गईं, जो दो साल से जांच की जा रही है। महिला प्रोफेसर को जांच कमेटी ने छह बार बुलाया लेकिन वह नहीं पहुंची।
खालिद ने पत्र में कहा कि यदि आरोप सही होते तो महिला प्रोफेसर जांच कमेटी के समक्ष जाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कमेटी ने पूर्व वीसी को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा है कि यह प्रकरण कई वर्षों सुर्खियों में रहा है। पीयू में प्रमुख अधिकारी पर ऐसे आरोप लगने से पीयू में पढ़ने वाली छात्राओं ने भी असहज महसूस किया।
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पीयू की देशभर में छवि धूमिल हुई लेकिन जांच हुई तो सब साफ हो गया। कहा कि महिला प्रोफेसर सीनियर हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था जबकि वह पुटा के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं। कहा कि उन्हें नैतिक रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही सचिव से कहा है कि सभी सदस्यों की आपात बैठक बुलाई जाए।
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पुटा के कार्यकारी सदस्य प्रो. मुहम्मद खालिद ने पुटा सचिव को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि पूर्व वीसी पर आरोपों की जांच को कमेटियां गठित की गईं, जो दो साल से जांच की जा रही है। महिला प्रोफेसर को जांच कमेटी ने छह बार बुलाया लेकिन वह नहीं पहुंची।
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खालिद ने पत्र में कहा कि यदि आरोप सही होते तो महिला प्रोफेसर जांच कमेटी के समक्ष जाती लेकिन ऐसा नहीं हुआ और कमेटी ने पूर्व वीसी को क्लीन चिट दे दी। उन्होंने कहा है कि यह प्रकरण कई वर्षों सुर्खियों में रहा है। पीयू में प्रमुख अधिकारी पर ऐसे आरोप लगने से पीयू में पढ़ने वाली छात्राओं ने भी असहज महसूस किया।
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पीयू की देशभर में छवि धूमिल हुई लेकिन जांच हुई तो सब साफ हो गया। कहा कि महिला प्रोफेसर सीनियर हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था जबकि वह पुटा के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं। कहा कि उन्हें नैतिक रूप से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही सचिव से कहा है कि सभी सदस्यों की आपात बैठक बुलाई जाए।