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पंजाब यूनिवर्सिटी के अगले डीयूई होंगे आरके सिंगला और डीन रिसर्च वीरआर सिन्हा, मुहर लग गई
Tue, 28 Apr 2020 11:06 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Tue, 28 Apr 2020 11:06 AM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी के डीयूआई प्रो. शंकरजी झा 30 अप्रैल को अपना कार्यकाल पूरा कर रहे हैं। इस पद पर कौन काबिज होगा, इसको लेकर कुछ दिनों से पीयू में घमासान चल रहा है। अपने-अपने चेहरों को इस कुर्सी पर बैठाने की कोशिश हो रही है।
जानकारों का कहना है कि पीयू कैलेंडर के मुताबिक सीनियर शिक्षक को यह चार्ज दिया जाता है। इसलिए डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला का डीयूआई बनना तय है। वहीं डीन रिसर्च की खाली होने वाली कुर्सी पर वरिष्ठता के आधार पर प्रो. वीरआर सिन्हा को जगह दी जा सकती है। हालांकि अभी खींचतान चल रही है।
पीयू में डीयूआई का पद महत्वपूर्ण होता है। वाइस चांसलर के बाद उन्हीं का नंबर आता है। डीयूआई का कार्य पूरा एकेडमिक है। तमाम महत्वपूर्ण निर्णय उनकी ओर से लिए जाते हैं। इस पद तैनात प्रो. शंकरजी झा को इस पद के लिए एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था। अब उनका कार्यकाल 30 अप्रैल को पूरा हो रहा है।
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उसके बाद सीनेटर एवं सिंडिकेट मेंबर प्रो. नवदीप गोयल व कुछ अन्य सिंडिकेट मेंबर्स ने सिफारिश की कि डीयूआई का चार्ज डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला को दे दिया जाए। साथ ही डीन रिसर्च पद पर वरिष्ठता के आधार पर फार्मास्युटिकल साइंसेज के प्रोफेसर वीआर सिन्हा को काबिज किया जा सकता है। जैसे ही यह पत्र सिंडिकेट के अन्य मेंबर्स के पास पहुंचा तो अधिकांश ने सहमति जता दी, लेकिन दो सदस्यों ने इस बात का समर्थन नहीं किया।
पीयू का कैलेंडर कहता है कि वरिष्ठता के आधार पर डीयूआई, डीन रिसर्च बनते हैं। ऐसे में सबसे सीनियर प्रोफेसर आरके सिंगला हैं जो वर्तमान में डीन रिसर्च हैं। इनके बाद वरिष्ठता में प्रो. वीआर सिन्हा आते हैं। इसलिए डीन रिसर्च का खाली होने वाला पद इनको दिया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला की छवि पूरे विश्वविद्यालय में सही है। साथ ही वह वीसी प्रो. राजकुमार के भी करीबी हैं। साथ ही गोयल ग्रुप से भी वह लंबे समय से जुड़े हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं दो नामों पर 30 अप्रैल तक फाइनल मुहर लगेगी।
डीएसडब्ल्यू अगले माह हो रहे हैं सेवानिवृत्त
डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर 30 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में यह महत्वपूर्ण पद भी खाली होने जा रहा है। इस पद के अधिक दावेदार हैं। इन दावेदारों में प्रमुख रूप से प्रो. हरीश कुमार, प्रो. जतिंदर ग्रोवर आदि नाम शामिल हैं। मालूम हो कि पिछले साल डीएसडब्ल्यू प्रो. नाहर को हटा दिया गया था और प्रो. जगत भूषण को चार्ज दे दिया गया था।
हाईकोर्ट में यह मामला चला गया। इसमें गोयल ग्रुप को जीत हासिल हुई। माना जा रहा है कि इस पद के लिए भी गोयल ग्रुप ने ताकत झोक दी है। सूत्रों का कहना है कि इस पद ऐसा चेहरा लाया जाएगा जो वीसी के भी नजदीक हो और गोयल ग्रुप का भी भरपूर समर्थन करता हो।
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जानकारों का कहना है कि पीयू कैलेंडर के मुताबिक सीनियर शिक्षक को यह चार्ज दिया जाता है। इसलिए डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला का डीयूआई बनना तय है। वहीं डीन रिसर्च की खाली होने वाली कुर्सी पर वरिष्ठता के आधार पर प्रो. वीरआर सिन्हा को जगह दी जा सकती है। हालांकि अभी खींचतान चल रही है।
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पीयू में डीयूआई का पद महत्वपूर्ण होता है। वाइस चांसलर के बाद उन्हीं का नंबर आता है। डीयूआई का कार्य पूरा एकेडमिक है। तमाम महत्वपूर्ण निर्णय उनकी ओर से लिए जाते हैं। इस पद तैनात प्रो. शंकरजी झा को इस पद के लिए एक साल का एक्सटेंशन दिया गया था। अब उनका कार्यकाल 30 अप्रैल को पूरा हो रहा है।
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उसके बाद सीनेटर एवं सिंडिकेट मेंबर प्रो. नवदीप गोयल व कुछ अन्य सिंडिकेट मेंबर्स ने सिफारिश की कि डीयूआई का चार्ज डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला को दे दिया जाए। साथ ही डीन रिसर्च पद पर वरिष्ठता के आधार पर फार्मास्युटिकल साइंसेज के प्रोफेसर वीआर सिन्हा को काबिज किया जा सकता है। जैसे ही यह पत्र सिंडिकेट के अन्य मेंबर्स के पास पहुंचा तो अधिकांश ने सहमति जता दी, लेकिन दो सदस्यों ने इस बात का समर्थन नहीं किया।
पीयू का कैलेंडर कहता है कि वरिष्ठता के आधार पर डीयूआई, डीन रिसर्च बनते हैं। ऐसे में सबसे सीनियर प्रोफेसर आरके सिंगला हैं जो वर्तमान में डीन रिसर्च हैं। इनके बाद वरिष्ठता में प्रो. वीआर सिन्हा आते हैं। इसलिए डीन रिसर्च का खाली होने वाला पद इनको दिया जा सकता है।
सूत्रों का कहना है कि डीन रिसर्च प्रो. आरके सिंगला की छवि पूरे विश्वविद्यालय में सही है। साथ ही वह वीसी प्रो. राजकुमार के भी करीबी हैं। साथ ही गोयल ग्रुप से भी वह लंबे समय से जुड़े हैं। माना जा रहा है कि इन्हीं दो नामों पर 30 अप्रैल तक फाइनल मुहर लगेगी।
डीएसडब्ल्यू अगले माह हो रहे हैं सेवानिवृत्त
डीएसडब्ल्यू प्रो. इमैनुअल नाहर 30 मई को सेवानिवृत्त हो रहे हैं। ऐसे में यह महत्वपूर्ण पद भी खाली होने जा रहा है। इस पद के अधिक दावेदार हैं। इन दावेदारों में प्रमुख रूप से प्रो. हरीश कुमार, प्रो. जतिंदर ग्रोवर आदि नाम शामिल हैं। मालूम हो कि पिछले साल डीएसडब्ल्यू प्रो. नाहर को हटा दिया गया था और प्रो. जगत भूषण को चार्ज दे दिया गया था।
हाईकोर्ट में यह मामला चला गया। इसमें गोयल ग्रुप को जीत हासिल हुई। माना जा रहा है कि इस पद के लिए भी गोयल ग्रुप ने ताकत झोक दी है। सूत्रों का कहना है कि इस पद ऐसा चेहरा लाया जाएगा जो वीसी के भी नजदीक हो और गोयल ग्रुप का भी भरपूर समर्थन करता हो।