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कोरोनाः पंजाब यूनिवर्सिटी के सामने संकट, अस्पताल बनाने के लिए कैसे दें हॉस्टल, चल रहा मंथन
Wed, 15 Apr 2020 12:30 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Apr 2020 12:30 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी हॉस्टल
कोरोना के बढ़ रहे मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पतालों की व्यवस्था की जा रही है। इसी के तहत यूटी प्रशासन ने पंजाब यूनिवर्सिटी के चार हॉस्टल आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए मांगे हैं। इसके लिए पीयू प्रशासन को चिट्ठी भेजी गई है। पीयू के अधिकारियों ने इसको लेकर मंथन किया। पीयू के सामने संकट ये खड़ा है कि हॉस्टलों में विद्यार्थियों का सामान कहां रखा जाएगा और उन्हें कैसे खाली किया जाएगा। इसके लिए रास्ते निकाले जा रहे हैं।
पीयू में हॉस्टलों की संख्या 20 है। इसमें दस छात्राओं के तो दस ही छात्रों के हैं। लगभग आठ हजार विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था पीयू के पास है। कोरोना जिस तरह पैर पसार रहा है उसी तरह प्रशासन को व्यवस्था करनी है। उनको भर्ती करने के लिए बेड चाहिए। साथ ही आइसोलेशन वार्ड की जरूरत होगी।
इसके लिए यूटी प्रशासन ने पीयू के चार हॉस्टलों की मांग की है। पहले पीयू ने सभी हॉस्टलों की संख्या व विद्यार्थियों की जानकारी भेजी थी। लेकिन अब हॉस्टल चाहिए जिन्हें आइसोलेशन वार्ड के लिए बनाया जा सके। पीयू प्रशासन को इसके लिए मंगलवार को चिट्ठी मिली तो अधिकारियों ने मंथन किया। एक-दूसरे अधिकारियों ने फोन पर ही वार्ता की।
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चार हॉस्टल में रहते हैं करीब 1000 छात्र, सामान निकालना नहीं आसान
सबसे बड़ा संकट पीयू के सामने ये आ रहा है कि विद्यार्थियों का सामान कैसे निकालेंगे और उनकी सुरक्षा व सामान की पहचान कैसे करेंगे ताकि वह विद्यार्थियों को वापस सुरक्षित दे सकें। चार हॉस्टलों में लगभग एक हजार विद्यार्थी रहते हैं। इतना सामान निकालना भी आसान नहीं है। अब पीयू के अधिकारी रास्ता निकालने में जुटे हैं।
अटैच बाथरूम नहीं है हॉस्टलों में
जानकारों का कहना है कि आइसोलेशन वार्ड वहां बनाना अच्छा होता है जहां पर रूम के साथ ही बाथरूम भी अटैच हो। लेकिन पीयू में ऐसे हॉस्टल नहीं हैं। हॉस्टल नंबर दस जरूर है, लेकिन उसकी भी क्षमता अधिक नहीं है। यदि विद्यार्थियों का सामान हॉस्टल रूम में ही रहने दिया जाता है तो मरीजों के पहुंचने के बाद सामान संक्रमित होने का बड़ा खतरा होगा।
स्टूडेंट्स भी इस सामान को हाथ लगाने से कतराएंगे। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रथम दृष्टया तो इस स्थिति को देखते हुए हॉस्टल देने के मूड में नहीं हैं, क्योंकि उनके पास इसके लिए रास्ते नहीं मिल रहे हैं। यदि प्रशासन दबाव बनाता है तो फिर कुछ और रास्ते निकाले जा सकते हैं।
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पीयू में हॉस्टलों की संख्या 20 है। इसमें दस छात्राओं के तो दस ही छात्रों के हैं। लगभग आठ हजार विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था पीयू के पास है। कोरोना जिस तरह पैर पसार रहा है उसी तरह प्रशासन को व्यवस्था करनी है। उनको भर्ती करने के लिए बेड चाहिए। साथ ही आइसोलेशन वार्ड की जरूरत होगी।
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इसके लिए यूटी प्रशासन ने पीयू के चार हॉस्टलों की मांग की है। पहले पीयू ने सभी हॉस्टलों की संख्या व विद्यार्थियों की जानकारी भेजी थी। लेकिन अब हॉस्टल चाहिए जिन्हें आइसोलेशन वार्ड के लिए बनाया जा सके। पीयू प्रशासन को इसके लिए मंगलवार को चिट्ठी मिली तो अधिकारियों ने मंथन किया। एक-दूसरे अधिकारियों ने फोन पर ही वार्ता की।
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चार हॉस्टल में रहते हैं करीब 1000 छात्र, सामान निकालना नहीं आसान
सबसे बड़ा संकट पीयू के सामने ये आ रहा है कि विद्यार्थियों का सामान कैसे निकालेंगे और उनकी सुरक्षा व सामान की पहचान कैसे करेंगे ताकि वह विद्यार्थियों को वापस सुरक्षित दे सकें। चार हॉस्टलों में लगभग एक हजार विद्यार्थी रहते हैं। इतना सामान निकालना भी आसान नहीं है। अब पीयू के अधिकारी रास्ता निकालने में जुटे हैं।
अटैच बाथरूम नहीं है हॉस्टलों में
जानकारों का कहना है कि आइसोलेशन वार्ड वहां बनाना अच्छा होता है जहां पर रूम के साथ ही बाथरूम भी अटैच हो। लेकिन पीयू में ऐसे हॉस्टल नहीं हैं। हॉस्टल नंबर दस जरूर है, लेकिन उसकी भी क्षमता अधिक नहीं है। यदि विद्यार्थियों का सामान हॉस्टल रूम में ही रहने दिया जाता है तो मरीजों के पहुंचने के बाद सामान संक्रमित होने का बड़ा खतरा होगा।
स्टूडेंट्स भी इस सामान को हाथ लगाने से कतराएंगे। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रथम दृष्टया तो इस स्थिति को देखते हुए हॉस्टल देने के मूड में नहीं हैं, क्योंकि उनके पास इसके लिए रास्ते नहीं मिल रहे हैं। यदि प्रशासन दबाव बनाता है तो फिर कुछ और रास्ते निकाले जा सकते हैं।