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पीयू में ग्लोबल समिट, गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय बोले- पाठ्यक्रम में 60 प्रतिशत प्रैक्टिकल होना चाहिए
Fri, 14 Feb 2020 01:10 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Feb 2020 01:10 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी में ग्लोबल समिट
- फोटो : अमर उजाला
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विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में 60 प्रतिशत प्रैक्टिकल और 40 प्रतिशत थ्योरी को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों में रिसर्च और एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा मिल सके। सभी कॉलेजों में इंक्यूबेशन सेंटर खुलने चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को रिसर्च के लिए प्लेटफॉर्म मिल सके। इसके साथ ही शिक्षा और रिसर्च के क्षेत्र में महिलाओं की संख्या बढ़ने के लिए हॉल में मौजूद महिलाओं को बधाई। ये बातें हिमाचल प्रदेश के गवर्नर बंडारू दत्तात्रेय ने पीयू ग्लोबल समिट के दौरान हॉल में उपस्थित प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहीं।
पंजाब विश्वविद्यालय में वीरवार को ग्लोबल समिट ऑन नेक्सट-जेन पैराडिज्म इन हेल्थ केयर ‘आयकोनिका’ का आयोजन किया गया। इस मौके पर पीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार के साथ फॉर्माक्सिल के चेयरमैन डॉ. दिनेश दुआ, डीयूआई प्रो. शंकरजी झा, डीन रिसर्च प्रो. रविदंर सिंह सिंगला, डीएसडब्ल्यू, पीयू डीन, चेयरपर्सन अन्य इंडस्ट्री के स्पीकर इत्यादि शामिल रहे। दो दिवसीय कार्यक्रम में भारत समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि इंटलेक्चुअल प्रोपटी राइट्स, थ्री डी प्रिंटिग का भविष्य, दिमागी और मानसिक परेशानियों का निवारण संबंधी विषयों पर लेक्चर देंगे।
भारत 206 देशों को उपलब्ध करवा रहा सस्ती दवाएं : दुआ
लेक्चर के दौरान डॉ. दिनेश दुआ ने बताया कि भारत 206 देशों को सस्ती दवाएं उपलब्ध करवा रहा है। इसके साथ ही भारतीय फॉर्मा इंडस्ट्री युवाओं को 10 से 20 लाख नई नौकरियां भी देने जा रही है। 2020-21 के बजट में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन योजना के लिए 6400 करोड़ और रूरल हेल्थ मिशन के लिए 27039 करोड़ दिए गए हैं। इससे आने वाले समय में ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में इजाफा होगा। अन्य देशों के साथ तुलना करें तो भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी आगे है। चीन में 16000 से ज्यादा कोरोना से संक्रमित हैं और यूरोप में भी कई केस आए हैं। भारत में अभी तक केवल तीन केस दर्ज किए गए हैं। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है।
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स्वास्थ्य प्रबंधन में विद्यार्थी कौशल का करें उपयोग : डॉ. दीवान
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेज में आइकोनिका पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज, यूटी चंडीगढ़ इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। डॉ. दीवान ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का कई आयामों में विस्तार हो रहा है। प्रबंधन के छात्रों को अपने कामकाज और पहुंच को कारगर बनाने के लिए अपने कौशल का उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर हेल्थकेयर इंडस्ट्री के प्रख्यात वक्ताओं की ओर से विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। डॉ. अदिति, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच सेक्टर-32 ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में परिचालन प्रबंधन की बारीकियों को साझा किया।
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पंजाब विश्वविद्यालय में वीरवार को ग्लोबल समिट ऑन नेक्सट-जेन पैराडिज्म इन हेल्थ केयर ‘आयकोनिका’ का आयोजन किया गया। इस मौके पर पीयू के वाइस चांसलर प्रोफेसर राजकुमार के साथ फॉर्माक्सिल के चेयरमैन डॉ. दिनेश दुआ, डीयूआई प्रो. शंकरजी झा, डीन रिसर्च प्रो. रविदंर सिंह सिंगला, डीएसडब्ल्यू, पीयू डीन, चेयरपर्सन अन्य इंडस्ट्री के स्पीकर इत्यादि शामिल रहे। दो दिवसीय कार्यक्रम में भारत समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि इंटलेक्चुअल प्रोपटी राइट्स, थ्री डी प्रिंटिग का भविष्य, दिमागी और मानसिक परेशानियों का निवारण संबंधी विषयों पर लेक्चर देंगे।
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भारत 206 देशों को उपलब्ध करवा रहा सस्ती दवाएं : दुआ
लेक्चर के दौरान डॉ. दिनेश दुआ ने बताया कि भारत 206 देशों को सस्ती दवाएं उपलब्ध करवा रहा है। इसके साथ ही भारतीय फॉर्मा इंडस्ट्री युवाओं को 10 से 20 लाख नई नौकरियां भी देने जा रही है। 2020-21 के बजट में आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन योजना के लिए 6400 करोड़ और रूरल हेल्थ मिशन के लिए 27039 करोड़ दिए गए हैं। इससे आने वाले समय में ग्रामीण और शहरी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर में इजाफा होगा। अन्य देशों के साथ तुलना करें तो भारत स्वास्थ्य के क्षेत्र में काफी आगे है। चीन में 16000 से ज्यादा कोरोना से संक्रमित हैं और यूरोप में भी कई केस आए हैं। भारत में अभी तक केवल तीन केस दर्ज किए गए हैं। यह हमारे लिए बड़ी उपलब्धि है।
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स्वास्थ्य प्रबंधन में विद्यार्थी कौशल का करें उपयोग : डॉ. दीवान
यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड मैनेजमेंट साइंसेज में आइकोनिका पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। डॉ. जी दीवान, डायरेक्टर जनरल हेल्थ सर्विसेज, यूटी चंडीगढ़ इस अवसर पर मुख्य अतिथि थे। डॉ. दीवान ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र का कई आयामों में विस्तार हो रहा है। प्रबंधन के छात्रों को अपने कामकाज और पहुंच को कारगर बनाने के लिए अपने कौशल का उपयोग करना चाहिए। इस अवसर पर हेल्थकेयर इंडस्ट्री के प्रख्यात वक्ताओं की ओर से विभिन्न सत्र आयोजित किए गए। डॉ. अदिति, डिप्टी मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमसीएच सेक्टर-32 ने स्वास्थ्य देखभाल क्षेत्र में परिचालन प्रबंधन की बारीकियों को साझा किया।