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पंजाब यूनिवर्सिटीः दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई को लेकर शिक्षकों में असमंजस, चाहिए 90 दिन मिलेंगे 80
Fri, 03 Jan 2020 01:26 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 01:26 PM IST
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यूजीसी के नियमानुसार सेमेस्टर के एग्जाम से 90 दिन पहले पढ़ाई शुरू हो जानी चाहिए, लेकिन इस बार पीयू के दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई में देरी हो गई। दूसरे सेमेस्टर के लिए शिक्षकों को 80 दिन मिल रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थियों की धड़कनें बढ़ रही हैं कि वह आनन फानन में आखिरी समय में कैसे तैयारी कर पाएंगे। वहीं शिक्षक भी परेशान हैं कि वह अतिरिक्त कक्षाएं लगाएंगे या फिर कुछ अन्य उपाय करेंगे। पहले ही शिक्षकों के पास कई अतिरिक्त कार्य हैं। ऐसे में अव्यवस्था होने के आसार नजर आ रहे हैं।
पीयू दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई 3 जनवरी से अपने कागजों में करवा रहा है। इस दिन शुक्रवार पड़ रहा है। शनिवार व रविवार का अवकाश होता है। तमाम विद्यार्थी अपने घर शीतकालीन अवकाश पर गए हैं तो कई शिक्षक भी घूमने गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों व शिक्षकों का एक साथ 3 जनवरी को मौजूद होने पर संशय बना हुआ है। इस दिन पढ़ाई नहीं होने के आसार हैं। जानकारों का कहना है कि पीयू 90 दिन पूरा करने के लिए 3 जनवरी को पढ़ाई का दिन तय कर दिया जबकि यह समय 6 जनवरी का होना था।
कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस बार कोर्स किसी हाल में पूरा होता नहीं दिख रहा। ऐसे में शिक्षकों के भी पसीने छूटेंगे और विद्यार्थियों को भी अधिक मेहनत करनी होगी। यदि शिक्षकों के पास केवल पढ़ाने का ही काम होता तो वह जैसे-तैसे कोर्स पूरा करवा देते, लेकिन उनके पास रिसर्च प्रोजेक्ट से लेकर कई विभागीय व प्रशासनिक कार्य हैं। नियम ये भी है कि परीक्षा शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले कोर्स पूरा हो जाना चाहिए। यदि नियम का पालन किया जाएगा तो फिर दिन पढ़ाने के और कम होंगे।
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ये है छुट्टियों का गणित
जनवरी से लेकर अप्रैल तक 121 दिन बनते हैं। इसमें शनिवार व रविवार के अवकाश देखें तो उनकी संख्या 33 है। इसके अलावा होली व अन्य त्योहारों के अवकाश पड़ रहे हैं। साथ ही पांच दिन जनवरी माह के वैसे ही निकल जाएंगे, ऐसे में पढ़ाई के लिए 79 से 80 दिन ही बच रहे हैं। इसमें कोर्स पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। शिक्षकों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि इस सेमेस्टर का शुभारंभ जल्दी होना चाहिए था। यदि कोर्स पूरा नहीं हुआ तो इसका असर विद्यार्थियों के रिजल्ट पर पड़ेगा।
3 जनवरी से दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू होगी। समय से कोर्स पूरा करवाने की कोशिश होगी, कुछ कोर्स पूरा नहीं होगा तो अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जाएंगी।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई
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पीयू दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई 3 जनवरी से अपने कागजों में करवा रहा है। इस दिन शुक्रवार पड़ रहा है। शनिवार व रविवार का अवकाश होता है। तमाम विद्यार्थी अपने घर शीतकालीन अवकाश पर गए हैं तो कई शिक्षक भी घूमने गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों व शिक्षकों का एक साथ 3 जनवरी को मौजूद होने पर संशय बना हुआ है। इस दिन पढ़ाई नहीं होने के आसार हैं। जानकारों का कहना है कि पीयू 90 दिन पूरा करने के लिए 3 जनवरी को पढ़ाई का दिन तय कर दिया जबकि यह समय 6 जनवरी का होना था।
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कुछ शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस बार कोर्स किसी हाल में पूरा होता नहीं दिख रहा। ऐसे में शिक्षकों के भी पसीने छूटेंगे और विद्यार्थियों को भी अधिक मेहनत करनी होगी। यदि शिक्षकों के पास केवल पढ़ाने का ही काम होता तो वह जैसे-तैसे कोर्स पूरा करवा देते, लेकिन उनके पास रिसर्च प्रोजेक्ट से लेकर कई विभागीय व प्रशासनिक कार्य हैं। नियम ये भी है कि परीक्षा शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले कोर्स पूरा हो जाना चाहिए। यदि नियम का पालन किया जाएगा तो फिर दिन पढ़ाने के और कम होंगे।
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ये है छुट्टियों का गणित
जनवरी से लेकर अप्रैल तक 121 दिन बनते हैं। इसमें शनिवार व रविवार के अवकाश देखें तो उनकी संख्या 33 है। इसके अलावा होली व अन्य त्योहारों के अवकाश पड़ रहे हैं। साथ ही पांच दिन जनवरी माह के वैसे ही निकल जाएंगे, ऐसे में पढ़ाई के लिए 79 से 80 दिन ही बच रहे हैं। इसमें कोर्स पूरा होना संभव नहीं दिख रहा है। शिक्षकों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। जानकारों का कहना है कि इस सेमेस्टर का शुभारंभ जल्दी होना चाहिए था। यदि कोर्स पूरा नहीं हुआ तो इसका असर विद्यार्थियों के रिजल्ट पर पड़ेगा।
3 जनवरी से दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई शुरू होगी। समय से कोर्स पूरा करवाने की कोशिश होगी, कुछ कोर्स पूरा नहीं होगा तो अतिरिक्त कक्षाएं लगवाई जाएंगी।
- प्रो. शंकरजी झा, डीयूआई