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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट की बैठक में जमकर हुआ हंगामा और हाथापाई, वीसी निकले बाहर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:50 AM IST
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वीसी राजकुमार
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पंजाब विश्वविद्यालय की शनिवार को हुई सीनेट की बैठक में जमकर बवाल हुआ। मामला कहासुनी से शुरू हुआ और हाथापाई तक पहुंच गया। स्थिति यह हो गई कि सीनेट अध्यक्ष एवं वाइस चांसलर प्रो. राज कुमार और रजिस्ट्रार प्रो. करमजीत सिंह सदन छोड़कर बाहर चले गए। जैसे-तैसे कुछ सीनेटरों ने मामले को शांत कराने की कोशिश की। इसके कुछ देर बाद वीसी व रजिस्ट्रार को बुलाया गया, लेकिन उसके बाद भी खींचतान चलती रही।
घंटों हंगामा चलता रहा। काफी देर समझाने के बाद मामला शांत हुआ। सीनेट की बैठक शनिवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई। इसके बाद बीच-बीच में बहस और नोकझोंक होती रही। दोपहर में जब एजेंडा नंबर-16 रखा गया, जिसमें गवर्नमेंट कॉलेज लुधियाना में बीए प्रथम ईयर की कक्षाएं शुरू किए जाने की बात कही गई थी तो इस एजेंडे पर कुछ सीनेटर्स ने हामी भरी तो कुछ ने विरोध किया।
सीनेटर्स ने कहा कि बुक्स आदि की संख्या व उनकी कॉस्ट कम मिलने पर भी कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी जाती है या फिर दी नहीं जाती। एफिलिएशन कमेटी सही से काम नहीं कर रही है। पैरामीटर पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कॉलेज में तैनात शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिलता, लेकिन उस पर कमेटी की ओर से विचार नहीं किया जाता और न ऑब्जेक्शन लगाए जाते हैं। सीनेटर्स ने कहा कि यह इंस्पेक्टरराज बंद होना चाहिए। नियम बने कि पहले कॉलेज मानक पूरा करें, फिर उसके बाद ही इंस्पेक्शन हो।
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यूं शुरू हुआ विवाद
इसी दौरान सीनेटर विक्की गिल ने कहा कि सीनेटर्स को इंस्पेक्शन के कार्य में न लगाया जाए। इसके लिए प्रोफेसर को भेजा जाए। इसी को लेकर सीनेटर संदीप ने आपत्ति जताई। विक्की ने इंस्पेक्शन के नाम पर होने वाले खेल को उजागर कर दिया। उन्होंने कहा कि नोटों की राजनीति तक होती है। इसी को लेकर कुछ सीनेटर खड़े हो गए और हंगामा बढ़ गया। एक पक्ष सीनेटर विक्की का सपोर्ट कर रहा था तो दूसरा सीनेटर संदीप की बात को सही मान रहा था। दोनों गुटों में नोकझोंक तेज हो गई।
इसी बीच सीनेटर कुर्सी छोड़कर बीच गैलरी में आ गए और हाथापाई तक हो गई। मामला बढ़ा तो वीसी व रजिस्ट्रार कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए। इसके बाद काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसी दौरान कुछ सीनेटर भी बाहर चले गए। कुछ ने मामला शांत कराया। उसके बाद डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने वीसी व रजिस्ट्रार को बाहर से बुलाया। उसके बाद सदन की आगे की कार्रवाई शुरू हुई।
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घंटों हंगामा चलता रहा। काफी देर समझाने के बाद मामला शांत हुआ। सीनेट की बैठक शनिवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई। इसके बाद बीच-बीच में बहस और नोकझोंक होती रही। दोपहर में जब एजेंडा नंबर-16 रखा गया, जिसमें गवर्नमेंट कॉलेज लुधियाना में बीए प्रथम ईयर की कक्षाएं शुरू किए जाने की बात कही गई थी तो इस एजेंडे पर कुछ सीनेटर्स ने हामी भरी तो कुछ ने विरोध किया।
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सीनेटर्स ने कहा कि बुक्स आदि की संख्या व उनकी कॉस्ट कम मिलने पर भी कॉलेजों की मान्यता रद्द कर दी जाती है या फिर दी नहीं जाती। एफिलिएशन कमेटी सही से काम नहीं कर रही है। पैरामीटर पर भी ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कॉलेज में तैनात शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिलता, लेकिन उस पर कमेटी की ओर से विचार नहीं किया जाता और न ऑब्जेक्शन लगाए जाते हैं। सीनेटर्स ने कहा कि यह इंस्पेक्टरराज बंद होना चाहिए। नियम बने कि पहले कॉलेज मानक पूरा करें, फिर उसके बाद ही इंस्पेक्शन हो।
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यूं शुरू हुआ विवाद
इसी दौरान सीनेटर विक्की गिल ने कहा कि सीनेटर्स को इंस्पेक्शन के कार्य में न लगाया जाए। इसके लिए प्रोफेसर को भेजा जाए। इसी को लेकर सीनेटर संदीप ने आपत्ति जताई। विक्की ने इंस्पेक्शन के नाम पर होने वाले खेल को उजागर कर दिया। उन्होंने कहा कि नोटों की राजनीति तक होती है। इसी को लेकर कुछ सीनेटर खड़े हो गए और हंगामा बढ़ गया। एक पक्ष सीनेटर विक्की का सपोर्ट कर रहा था तो दूसरा सीनेटर संदीप की बात को सही मान रहा था। दोनों गुटों में नोकझोंक तेज हो गई।
इसी बीच सीनेटर कुर्सी छोड़कर बीच गैलरी में आ गए और हाथापाई तक हो गई। मामला बढ़ा तो वीसी व रजिस्ट्रार कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए। इसके बाद काफी देर तक हंगामा चलता रहा। इसी दौरान कुछ सीनेटर भी बाहर चले गए। कुछ ने मामला शांत कराया। उसके बाद डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर ने वीसी व रजिस्ट्रार को बाहर से बुलाया। उसके बाद सदन की आगे की कार्रवाई शुरू हुई।