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पहलः चंडीगढ़ के चार सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगी स्मार्ट शिक्षा, पूरा हुआ 50 प्रतिशत काम
Fri, 03 Jan 2020 01:32 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jan 2020 01:32 PM IST
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जून के अंत तक शहर के बच्चों को स्मार्ट स्कूल की सुविधा मिलना शुरू हो जाएगी। स्मार्ट सिटी योजना के तहत चार में से दो स्कूलों में लगभग 50 प्रतिशत काम पूरा कर लिया है। दोनों स्कूलों में काम पूरा होने के बाद अगले दो स्कूलों में काम किया जाएगा। सेक्टर 22 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर 43 के गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल में स्मार्ट सिटी की ओर से काम कराया जा रहा है।
स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शहर के चार सरकारी स्कूलों को 4.8 करोड़ रुपये से स्मार्ट बनाना है। इसके तहत 90 कक्षाएं स्मार्ट होंगी। इसमें 2720 छात्र और 2088 छात्राओं को लाभ मिलेगा। स्कूल में कंप्यूटर लैब, इंटेलिजेंट लाइटिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल नोटिस बोर्ड, पढ़ने के लिए टैबलेट, सर्विलांस सिस्टम, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधा होगी।
सीबीएसई सिलेबस के अलावा थ्रीडी मॉडल पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। फिलहाल सेक्टर 22 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर 43 के गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल में 50 प्रतिशत काम हो चुका है। इसके अलावा सेक्टर 35 के हायर सेकेंडरी स्कूल व सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी कक्षाओं को स्मार्ट बनाने का काम किया जाना है। स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि जून माह के अंत तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
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25 में से 15 प्रोजेक्ट पूरे, 7 पर काम जारी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत 25 प्रोजेक्ट हैं। इसमें से 15 पूरे हो चुके हैं। सात प्रोजेक्ट पर काम जारी है। एक प्रोजेक्ट का टेंडर देना है और 2 की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। 15 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी 166.84 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। 7 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी को 86.78 करोड़ रुपये खर्च करना है। एक प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे और 2 प्रोजेक्ट पर 10.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बचे हुए प्रोजेक्ट का काम काफी तेजी से हो रहा है।
2019 में हुआ तेजी से काम
चंडीगढ़ को वर्ष 2015 मेें स्मार्ट सिटी घोषित किया गया। इस दौरान योजना के तहत काम करने के लिए 500 करोड़ रुपये चंडीगढ़ को मिले थे। चार साल में स्मार्ट सिटी कुछ ही फंड का उपयोग कर सकी थी। वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट का टेंडर हुआ। अधिकारियों को 2020 में ज्यादातर प्रोजेक्ट पूरे होने की उम्मीद है।
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स्मार्ट सिटी के सीईओ केके यादव ने बताया कि वर्तमान में स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत शहर के चार सरकारी स्कूलों को 4.8 करोड़ रुपये से स्मार्ट बनाना है। इसके तहत 90 कक्षाएं स्मार्ट होंगी। इसमें 2720 छात्र और 2088 छात्राओं को लाभ मिलेगा। स्कूल में कंप्यूटर लैब, इंटेलिजेंट लाइटिंग सिस्टम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, डिजिटल नोटिस बोर्ड, पढ़ने के लिए टैबलेट, सर्विलांस सिस्टम, विजिटर मैनेजमेंट सिस्टम की सुविधा होगी।
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सीबीएसई सिलेबस के अलावा थ्रीडी मॉडल पर बच्चों को शिक्षा दी जाएगी। फिलहाल सेक्टर 22 के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल और सेक्टर 43 के गवर्नमेंट मॉडल हाईस्कूल में 50 प्रतिशत काम हो चुका है। इसके अलावा सेक्टर 35 के हायर सेकेंडरी स्कूल व सीनियर सेकेंडरी स्कूल में भी कक्षाओं को स्मार्ट बनाने का काम किया जाना है। स्मार्ट सिटी के जीएम एनपी शर्मा ने बताया कि जून माह के अंत तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
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25 में से 15 प्रोजेक्ट पूरे, 7 पर काम जारी
स्मार्ट सिटी योजना के तहत 25 प्रोजेक्ट हैं। इसमें से 15 पूरे हो चुके हैं। सात प्रोजेक्ट पर काम जारी है। एक प्रोजेक्ट का टेंडर देना है और 2 की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार है। 15 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी 166.84 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। 7 प्रोजेक्ट पर स्मार्ट सिटी को 86.78 करोड़ रुपये खर्च करना है। एक प्रोजेक्ट पर पांच करोड़ रुपये खर्च होंगे और 2 प्रोजेक्ट पर 10.50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बचे हुए प्रोजेक्ट का काम काफी तेजी से हो रहा है।
2019 में हुआ तेजी से काम
चंडीगढ़ को वर्ष 2015 मेें स्मार्ट सिटी घोषित किया गया। इस दौरान योजना के तहत काम करने के लिए 500 करोड़ रुपये चंडीगढ़ को मिले थे। चार साल में स्मार्ट सिटी कुछ ही फंड का उपयोग कर सकी थी। वर्ष 2019 में स्मार्ट सिटी के सभी प्रोजेक्ट का टेंडर हुआ। अधिकारियों को 2020 में ज्यादातर प्रोजेक्ट पूरे होने की उम्मीद है।