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पंजाब यूनिवर्सिटीः केमेस्ट्री का कोर्स इंजीनियरिंग विभाग में चल रहा है, छात्रों का हो रहा नुकसान

Tue, 19 May 2020 12:58 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Tue, 19 May 2020 12:58 PM IST
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Chemistry department's course running in engineering department, punjab university
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्षों से केमेस्ट्री विभाग का एक कोर्स कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग में चलाया जा रहा है। इससे छात्रों को नुकसान बहुत हो रहा है। न तो उनकी बेहतर प्लेसमेंट हो रही है और न ही अच्छा पैकेज मिल रहा है। छात्रों को अपने भविष्य की चिंता सता रही है।
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उन्होंने पीयू प्रशासन को पत्र लिखकर कहा है कि जल्द से जल्द इस विभाग का संचालन केमेस्ट्री के अंतर्गत करवाया जाए ताकि पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों का भविष्य चौपट होने से बच सके। छात्रों ने दूसरे विश्वविद्यालयों का सिलेबस भी पीयू को मुहैया कराया है, जिसमें बताया गया हे कि अन्य विश्वविद्यालय एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री का संचालन केमेस्ट्री विभाग के जरिये करवा रहे हैं।
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एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री कोर्स का संचालन पीयू में वर्षों से कैमिकल इंजीनियरिंग विभाग की ओर से किया जा रहा है। इस कोर्स में 18 सीटें हैं। सालाना फीस पीयू को 45 हजार रुपये विद्यार्थी देते हैं। दो साल का यह कोर्स है। इस कोर्स में एडमिशन प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है। छात्रों का आरोप है कि यूआईसीईटी विभाग में इस कोर्स के संचालन से उनकी पढ़ाई बेहतर नहीं हो पाती। साथ ही एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री के विषय विशेषज्ञ नहीं हैं। सिलेबस भी बिल्कुल अलग है।
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हर साल प्लेसमेंट के लिए कंपनियां आती हैं, लेकिन वह एमएससी इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री के विद्यार्थियों को नौकरी देने में रुचि नहीं दिखाती। आरोप है कि शत-प्रतिशत विद्यार्थियों को नौकरी नहीं मिलती। प्लेसमेंट होता भी है तो सालाना पैकेज सवा दो लाख से ढाई लाख रुपये तक जाता है जबकि केमेस्ट्री विभाग से इस कोर्स का संचालन हो तो उनकी प्लेसमेंट अच्छी कंपनियों में होगी। साथ ही पैकेज भी चार लाख से ऊपर पहुंचेगा। यह भी कहा कि वह इसकी पढ़ाई यूआईसीईटी विभाग से करने के बाद प्रोफेसर भी नहीं बन सकते।

छात्रों का गंभीर आरोप है कि इस कोर्स का संचालन यूआईसीईटी विभाग से क्यों किया गया? पीयू केवल फीस का लाभ चाहता है। उन्हें छात्रों की समस्याओं व उनके भविष्य से कोई लेना देना नहीं है। छात्रों ने पीयू प्रशासन को पहले भी पत्र भेजे लेकिन कार्रवाई किसी ने नहीं की, क्योंकि कोर्स केमेस्ट्री विभाग के अधीन संचालन के लिए लंबी प्रक्रिया का पालन करना होता है। यदि पहले ही यह प्रक्रिया चालू हो जाती तो दर्जनों विद्यार्थियों को भविष्य की चिंता नहीं सताती। वर्तमान में पढ़ाई कर रहे छात्रों ने कहा कि पीयू जल्द निर्णय ले और उन्हें भी केमेस्ट्री विभाग से इस कोर्स के संचालन की डिग्रियां प्रदान करे।


स्टूडेंट्स अपनी समस्याएं विभागीय डीन के पास लिखित में जमा करा दें। इसके लिए बाकायदा बैठक होगी और कई प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद यह प्रस्ताव सिंडिकेट में पास होगा। छात्रों की समस्या हल करने की पूरी कोशिश की जाएगी।
--- प्रो. आरके सिंगला, डीयूआई
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