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यूके में रिसर्च के लिए चुनी गई पंजाब यूनिवर्सिटी की अक्षी गोयल, पर्यावरण अध्ययन विभाग से हैं

Wed, 22 Jan 2020 04:16 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Wed, 22 Jan 2020 04:16 PM IST
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Punjab University Research Scholar Akshi Goyal Selected for Research in United Kingdom
अक्षी गोयल - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी की पीएचडी स्कॉलर अक्षी गोयल का यूके में रिसर्च के लिए चयन हुआ है। पर्यावरण अध्ययन विभाग की अक्षी का न्यूटन भाभा पीएचडी प्लेसमेंट प्रोग्राम 2019-2020 के तहत चयन किया गया है। अक्षी यूनिवर्सिटी ऑफ वॉरस्टर, यूके में चार महीने के लिए रिसर्च करेंगी। अक्षी पौधों से निकलने वाले परागों का पर्यावरण पर प्रभाव के बारे में रिसर्च कर रही हैं।
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अमर उजाला के साथ बातचीत में अक्षी ने बताया कि वह दिल्ली की रहने वाली हैं। उन्होंने एमडीयू रोहतक में एमएससी इन इंवायरमेंटल साइंसेज में टॉपर किया है। उन्हें बीएससी इंस्पायर स्कॉलरशिप से भी नवाजा गया है। इसके बाद उन्होंने यूजीसी नेट के तहत पीयू पर्यावरण विभाग में पीएचडी के लिए दाखिला लिया। अक्षी की माता दिल्ली में शिक्षिका और पिता बिजनेसमैन हैं। अभी अक्षी ने पीयू में रिसर्च का तीसरा साल पूरा किया है। वह अप्रैल में रिसर्च के लिए यूके जाएंगी। उन्होंने कहा, चयन होना उनके लिए गर्व की बात है।
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डॉ. सुमन मोर और डॉ. रविंद्र खाईवाल के पर्यवेक्षण में कर रही रिसर्च
पीयू में अक्षी गोयल पर्यावरण विभाग की अस्सिटेंट प्रोफेसर डॉ. सुमन मोर और पीजीआई की डॉ. रविंद्र खाईवाल के पर्यवेक्षण में रिसर्च कार्य कर रही हैं। ब्रिटिश काउंसिल इंडिया, डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टैक्नोलॉजी और इंडीयन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस ने हाल ही में न्यूटन भाभा पीएचडी प्लेसमेंट प्रोग्राम 2019-20 का परिणाम घोषित किया। वॉरस्टर यूनिवर्सिटी एरोबॉयोलॉजी के क्षेत्र में विश्व में विशेष स्थान रखता है। यहां अक्षी के प्रोेफेसर कार्स्टन एम्बेलाज के सुपरविजन में रिसर्च करेंगी।
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अक्षी ‘इम्पैक्ट ऑफ पोलन्स’ पर कर रही रिसर्च
अक्षी पंजाब यूनिवर्सिटी में पिछले तीन वर्षों से ‘इम्पैक्ट ऑफ पोलन्स’ पर रिसर्च कर रही है। सुपरवाइजर डॉ. सुमन ने बताया कि वह यूके में भी वह इसी विषय पर चार महीने तक रिसर्च करेंगी। अगर इस दौरान उनका रिसर्च वर्क पूरा नहीं होता तो वापस पीयू आकर अपनी फाइनल सबमिशन देंगी। अक्षी की रिसर्च पौधों से निकलने वाले परागों का पर्यावरण पर प्रभाव के बारे में हैं। इसके अलावा सुपरवाइजर की मदद से कैलेंडर बनाया जाएगा कि पर्यावरण में पराग की कितनी स्पीशीज हैं। इसके साथ ही पर्यारवरण में मौजूद इन स्पीशीज का इंसान के श्वसन तंत्र पर प्रभाव को भी दर्शाया जाएगा।
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