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Hindi News ›   Chandigarh ›   CBSE 10th result 2020: Five students of Panchkula top in tri-city in CBSE 10th exam

CBSE 10th result: एक ही स्कूल के पांच छात्रों का कमाल, सभी ने 99 फीसदी अंकों के साथ किया ट्राइसिटी टॉप

Thu, 16 Jul 2020 12:49 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 16 Jul 2020 12:49 PM IST
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CBSE 10th result 2020: Five students of Panchkula top in tri-city in CBSE 10th exam
CBSE 10th Result

सीबीएसई 10वीं के परीक्षा परिणामों में भवन विद्यालय के पांच विद्यार्थियों ने 99 प्रतिशत अंक प्राप्त कर ट्राइसिटी में संयुक्त रूप से टॉप किया है। इस उपलब्धि से स्कूल में बुधवार को उत्सव जैसा माहौल था। स्कूल स्टाफ, विद्यार्थी और परिजन सभी लोग उत्साहित होकर एक दूसरे को बधाई दे रहे थे।

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संयुक्त रूप से ट्राइसिटी टॉप करने वालों में अस्मिता सेन गुप्ता, भुवी कांसल, गरिमा, पर्व अग्रवाल और राश्लीन कौर दुआ शामिल हैं। भवन विद्यालय सेक्टर-15 की प्रिंसिपल गुलशन कौर ने बताया कि स्टूडेंट्स ने अपनी मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। स्टूडेंट्स ने स्कूल और अपना नाम रोशन किया है।
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अस्मिता आईएएस बनकर करना चाहती हैं देश सेवा
अस्मिता सेन गुप्ता का कहना है कि वह आईएएस बनना चाहती हैं। बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए रोजाना पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थीं। उनके पिता अनिद्यया सेन गुप्ता निजी कंपनी में मैनेजर हैं जबकि उनकी मां मिली गुप्ता स्कूल में कार्यरत हैं। उनको बैडमिंटन खेलने का शौक है। उनका कहना है कि यूपीएससी की तैयारी कर अपना मुकाम हासिल करेंगी।

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रिजल्ट देखकर छाई चेहरे पर खुशी

CBSE 10th result 2020: Five students of Panchkula top in tri-city in CBSE 10th exam
परिवार के साथ छात्रा गरिमा खुशी मनाते हुए।

राश्लीन कौर दुआ भी यूपीएससी की तैयारी करेंगी। उनका कहना है कि पढ़ाई के दबाव से मुक्त रहने के लिए बैडमिंटन खेलती थीं। पिता कंवलजीत सिंह फार्मास्युटिकल कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। मां अपनीत कौर ट्यूशन पढ़ाती हैं। उन्होंने बताया कि किसी भी टॉपिक का कांसेप्ट अच्छे तरीके से पढ़ा जाना चाहिए।

कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं गरिमा
गरिमा के पिता सुनील कुमार बैनिवाल और मां सुनीता बैनीवाल उद्योगपति हैं। गरिमा को बास्केटवाल और बैडमिंटन खेलना पसंद है। वह पढ़ाई के साथ स्वयं को अपडेट रखने के लिए टीवी भी देखती हैं। वह कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं। उनके टॉप करने पर घर के खुशी का माहौल है।

सेना में जाकर करूंगी देश सेवा
भूवी कांसल ने पांच से सात घंटे पढ़ाई कर यह उपलब्धि हासिल की है। भूवी का सपना सेना में जाने का है। वह मार्शल आर्ट में गोल्ड मेडलिस्ट हैं। पिता अनिल कुमार प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं। मां भारत इलेक्ट्रिकल कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।

पर्व भी कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते हैं 
पर्व अग्रवाल कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनको बैडमिंटन और चेस खेलना पसंद है। वह पांच से सात घंटे पढ़ाई करते थे। पर्व कहते हैं कि वह हमेशा अपना फोकस क्लियर रखते हैं और संबंधित टॉपिक को ध्यान लगाकर पढ़ते हैं। पर्व अग्रवाल के पिता संदीप अग्रवाल का कहना है कि बेटे की इस कामयाबी से सभी लोग खुश हैं। 

ट्राइसिटी की सेकेंड टॉपर वृंदा के तीन विषय में 100 में 100 अंक

CBSE 10th result 2020: Five students of Panchkula top in tri-city in CBSE 10th exam
खुशी मनात हुए छात्रा भूमि कांसल।

सेक्टर-27 भवन विद्यालय की छात्रा व पंचकूला सेक्टर-16 निवासी वृंदा गुप्ता ने सीबीएसई दसवीं में 98.8 फीसदी अंक लेकर ट्राइसिटी की सेकेंड टॉपर रहीं हैं। वह सीए (चार्टर्ड अकाउंटेंट) बनना चाहती हैं, जिसकी तैयारी अभी से शुरू कर दी है। सीए पंकज गुप्ता की बेटी वृंदा कहती हैं कि जितनी पढ़ाई की थी उसी के मुताबिक अंक मिले हैं। 

मैथ, सोशल साइंस, संस्कृत में 100 में से 100 अंक आए हैं। अंग्रेजी में 96 व साइंस में 98 अंक मिले हैं। वह कहती हैं कि परीक्षा के समय वह रोजाना चार से पांच घंटे रोज पढ़ती थीं। मां वंदना गुप्ता शेयर मार्केट में कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट के पद पर तैनात हैं। वह बेटी की पढ़ाई में काफी मदद करती हैं।

मां वंदना ने बताया कि बेटी से जो उम्मीद थी, उस पर वह खरी उतरी। वृंदा का कहना है कि उसे लिखना व पेंटिंग करना पसंद है। वह एक ब्लॉग भी चलाती हैं, जिसमें कविताएं व कहानियां लिखती हैं। आईसीएआई नेशनल क्विज प्रतियोगिता में उन्होंने एक हजार का पुरस्कार जीता है। उन्होंने युवाओं को संदेश दिया है कि वह जितने देर भी पढ़ें लेकिन मन लगाकर पढ़ें।

ट्राइसिटी की थर्ड टॉपर आशिमा बोलीं- पढ़ाई के साथ एक हॉबी जरूर हो

CBSE 10th result 2020: Five students of Panchkula top in tri-city in CBSE 10th exam
घरवालों के साथ छात्र पर्व अग्रवाल। - फोटो : अमर उजाला

विवेक हाईस्कूल चंडीगढ़ की छात्रा व पंचकूला सेक्टर-6 की रहने वाली आशिमा गर्ग ने 98.6 फीसदी अंक प्राप्त कर ट्राइसिटी में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वह अपने अंकों से संतुष्ट हैं। आगे वह इंजीनियर बनना चाहती हैं। आशिमा के पैरेंट्स अतुल गर्ग व पायल गर्ग कोचिंग सेंटर चलाते हैं। अपने ही कोचिंग सेंटर में मैथ की कोचिंग की और शत-प्रतिशत अंक ले आईं। 

कहती हैं कि ट्यूशन पढ़ने से रास्ते खुलते हैं। नई जानकारियां मिलती हैं। आशिमा को साइंस व सोशल साइंस में 99-99 अंक मिले हैं। अंग्रेजी में 98 व हिंदी में 97 फीसदी अंक हासिल हुए हैं। वह कहती हैं कि उन्हें खेलना पसंद है। वह बास्केटबाल व सेंसिंग की खिलाड़ी हैं। हैदराबाद में हुई सेंसिंग की प्रतियोगिता में उनकी टीम को सिल्वर मेडल मिला था। वह कहती हैं कि हर युवा में पढ़ाई के साथ-साथ एक ऐसी हॉबी होनी चाहिए जो उसको निखार दे। उस हॉबी के जरिये ही आउटपुट बेहतर आता है। कहती हैं कि उनकी सफलता के पीछे माता-पिता का हाथ है।

पढ़ाई के दौरान बनाए नोट्स परीक्षा में काम आए : गुरजोत सिंह 
सेक्टर-7 स्थित केबी डीएवी स्कूल में पढ़ने वाले गुरजोत सिंह ने भी 98.6 प्रतिशक अंक लेकर ट्राइसिटी में तीसरा स्थान हासिल किया है। जीरकपुर में रहने वाले गुरजोतआगे की पढ़ाई कॉमर्स से करना चाहते हैं और भविष्य में सीए या बिजनेसमैन बनना चाहते हैं। गुरजोतने बताया कि उनके पिता नरिंदर सिंह व्यापारी व मां कमलजोत कौर हाउसवाइफ हैं।

CBSE 10th result 2020: Five students of Panchkula top in tri-city in CBSE 10th exam
परिवार के साथ छात्रा राश्लीन कौर दुआ।

गुरजोत सिंह बताया कि परीक्षाओं के दौरान उन्होंने पढ़ाई के समय को बढ़ा दिया। साल भर पढ़ाई के दौरान जो नोट्स बनाए, उन्हें परीक्षा के वक्त रिवाइज किया। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की वजह से मार्किंग पर थोड़ा असर पड़ा है लेकिन उससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है। उन्होंने कहा कि अच्छे नंबर लाने के लिए रोजाना पढ़ाई करनी होगी। भले ही कम समय के लिए पढ़े लेकिन रोजाना पढ़ाई से ही अच्छे नंबर संभव है।

बेहतर रिजल्ट के लिए छोटे गोल तय करें
आपको जीवन मे बेहतर रिजल्ट चाहिए तो छोटे-छोटे गोल तय करें। यह कहना है 98.4 अंक लाकर ट्राइसिटी में चौथा स्थान हासिल करने वाली तनीषी का। सेक्टर सात केबीडीएवी पब्लिक स्कूल की छात्रा तनिषी भविष्य में डॉक्टर बनना चाहती हैं। तनिषी के पिता सीआईएसएफ में तैनात हैं जबकि मां गृहिणी हैं।

उन्होंने बताया कि उनके परीक्षा परिणाम में मां का बड़ा योगदान है। उनकी हर चीज का ख्याल रखना मां ने बखूबी निभाया। अब छोटी बहन को भी बेहतर अंक दिलाना अगला लक्ष्य है। कोरोना संकट के बारे में उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में सभी कक्षाएं ऑनलाइन हो गई हैं। इससे ध्यान केंद्रित नहीं हो पाता। नेटवर्क न हो तो आप कभी एक पीरियड भी पूरा नहीं कर सकते हैं। इसलिए अब इंतजार है कि जल्द फिजिकल कक्षाएं शुरू हों।

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