चंडीगढ़: युवाओं को भा रहा सोशल मीडिया का ट्रेंड, हुनर दिखाने के साथ बन रहा कमाई का भी जरिया 

कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़।  Published by: निवेदिता वर्मा Updated Tue, 24 Aug 2021 01:34 PM IST

सार

पढ़ाई के साथ कला के जरिए कमाई करना काफी मुश्किल है, क्योंकि हर कलात्मक गतिविधि को करने में समय बहुत लगता है। इसलिए उसके लिए समय प्रबंधन भी बहुत जरूरी है। 
सोशल मीडिया।
सोशल मीडिया। - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार

सोशल मीडिया के बढ़ते ट्रेंड को युवाओं ने अपना कॅरिअर का साधन भी बना लिया है। कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी कक्षा लगाने के बाद बचे हुए खाली समय में अपनी कलात्मक गुण को निखारने पर काम कर रहे हैं। वहीं अपनी कला को सोशल मीडिया के जरिए लोगों तक पहुंचा रहे हैं। इस कला के माध्यम से ही पढ़ाई के साथ वे कमाई भी कर रहे हैं। युवाओं से बातचीत में उन्होंने बताया कि पढ़ाई के साथ कला के जरिए कमाई करना काफी मुश्किल है, क्योंकि हर कलात्मक गतिविधि को करने में समय बहुत लगता है। इसलिए उसके लिए समय प्रबंधन भी बहुत जरूरी है। 
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बहन के साथ वीडियो देख जगी मेकअप में रुचि, अब बना कमाई का साधन 
जब नौवीं कक्षा में थी, उस दौरान बहन यूट्यूब पर मेकअप वीडियो देखा करती थी। उसके साथ मैं भी बैठ जाती थी। धीरे-धीरे वीडियो देखकर मेरी भी मेकअप में रुचि बनने लगी। मैंने वीडियो देख-देखकर घर पर ही बहन और अपने चेहरे पर प्रयोग किए। इसके बारे पढ़ना शुरू किया। इससे जुड़े लोगों की वीडियो देखती, उनसे सीखती और प्रयोग करती। 12वीं कक्षा में मैंने पहला वीडियो बनाया। इसे बहन को दिखाया तो उसे पंसद आया। शुरुआत में प्रयोगी तौर पर मैंने इसे सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। बाद में कुछ और वीडियो बनाए और इंस्टाग्राम पर डाले। जब लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगी तो हौसला मिला। शुरुआत में सिर्फ मेहनत और निरंतरता बनाई रखी, इससे मुझे कोई कमाई नहीं होती थी। लेकिन अब इंस्टाग्राम और यू-ट्यूब पर अच्छा कंटेट हो चुका है तो यह कमाई का साधन भी बन गया है। अभी बीए अंतिम वर्ष की परीक्षा हुई है, एमए करने के साथ ही इसी क्षेत्र में कॅरिअर बनाने की कोशिश कर रही हूं। इसके लिए मैं अच्छे और कलात्मक कंटेट पर काम कर रही हूं। - मुस्कान, मेकअप आर्टिस्ट और विद्यार्थी

स्टाइल और एक्टिंग में रुचि को बनाया कमाई का साधन  

भविष्य में साइकोलॉजी में अपना कॅरिअर बनाना चाहती हूं। लेकिन रंगमंच और स्टाइलिंग का शौक है। इस क्षेत्र में पिछले लगभग तीन साल से काम कर रही हूं और आगे जारी भी रखना चाहती हूं। कॉलेज के बाद एक घंटा रंगमंच और एक घंटा मॉडलिंग की रिहर्सल के बाद शाम को घर लौटकर बचे समय में वीडियो के लिए कंटेट तैयार करने के साथ उसकी एडिटिंग करती हूं। स्टाइलिंग, फैशन, एक्टिंग और कॉमेडी वीडियो को इंस्टाग्राम के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाता है। इससे कमाई भी होती है। वीडियो खुद से शूट करनी पड़ती है, इसके लिए मैंने अच्छी वीडियो क्वालिटी का फोन खरीदा और कमरे में कैमरा लाइट की व्यवस्था की। फोन को ट्राइपोड आदि पर स्थिर कर वीडियो बनाती हूं। बाद में इसे फोन पर ही एडिट करती हूं। सोशल मीडिया पर कलात्मक गतिविधियों से कमाई करने के लिए समय प्रबंधन के साथ निरंतरता बनाए रखना और दर्शकों को नया कंटेट उपलब्ध करवाना बहुत जरूरी है। तभी इसे युवा कॅरिअर के विकल्प की तरह देख सकते हैं। शुरुआत में बहुत मेहनत करनी पड़ती है। -विष्णुप्रिया डोडा, एक्टर और विद्यार्थी

कला को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए चुना सोशल मीडिया 
लगभग चार वर्ष पहले कलात्मक यात्रा शुरू हुई। डिजाइन स्कूल में दाखिला नहीं मिलने के कारण मनोविज्ञान में ही पढ़ाई कर रही हूं। लेकिन सेरेमिक कला में काम करना मेरा जुनून है, इसलिए मैंने कॉलेज के बाद इस कला को निखारने और इसके बारे में सीखना शुरू किया। धीरे-धीरे इसमें हाथ परखने के बाद मैंने अपने काम को सोशल मीडिया पर पोस्ट करना शुरू किया। यहां से लोगों की अच्छी प्रतिक्रियाएं मिलीं। सेरेमिक में कप, प्लेट, एश ट्रे, फूलदान और सजावटी वस्तुएं बनाने के साथ इंटीरियर को सेरेमिक कला और सीमेंट का उपयोग कर बेहतर बनाने के लिए दीवारों इत्यादि पर भी काम करती हूं। सारा काम सोशल मीडिया के जरिए पोस्ट कर लोगों तक पहुंचाती हूं। इससे लोग सोशल मीडिया के जरिए ही ऑर्डर की मांग कर लेते हैं। लोधी गार्डन, दिल्ली की दीवारों को डिजाइन करने वाले कलाकारों का भी सहयोग किया था। अगर युवाओं में कला है तो आज के समय में उस क्षेत्र में कॅरियर बनाने के लिए सोशल मीडिया  बेहतरीन प्लेटफॉर्म है। - अदिति (मैडिटीस), कलाकार और विद्यार्थी 
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