फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   youth club to encourage talent of government schools students

चंडीगढ़ के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के टैलेंट को उभारने को बनेंगे ‘यूथ क्लब’, ऐसे करेंगे काम

Tue, 13 Aug 2019 03:17 PM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 13 Aug 2019 03:17 PM IST
विज्ञापन
youth club to encourage talent of government schools students
यूथ क्लब - फोटो : फाइल फोटो
समय के साथ यंगस्टर्स और लिटिल चैंप भी तेजी से बदल रहे हैं। अच्छे मार्क एंड ग्रेड वाले एजुकेशन सिस्टम के साथ एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी पर बच्चों का फोकस बढ़ने लगा है। बीते पांच सालों की तुलना करें तो शहर के एजुकेशन सिस्टम में क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं। पहले स्कूलों में सिर्फ कोर्स स्टडी पर फोकस होता था। अब हर स्कूल बच्चों के टैलेंट को उभारने में लगे हैं। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग भी नए प्रयोग करने में जुटा है। इको क्लब के बाद सभी स्कूलों में यूथ क्लब बनाने के आदेश जारी किए गए हैं।
विज्ञापन


इको क्लब की तरह यह भी सभी स्कूलों के लिए अनिवार्य होगा। यूथ क्लब के लिए 25 लाख रुपये का फंड अनुमानित है। क्लब के माध्यम से स्टूडेंट्स स्कूल में ड्रामा, डिबेट, म्यूजिक, गेम्स आदि जैसे कई कंपटीशन का आयोजन कर सकेंगे। दरअसल प्राइवेट स्कूलों में एजुकेशन के साथ साथ अन्य एक्टिविटी सीखाई जा रही हैं। इसमें ड्रामा, डिबेट, सिंगिंग, डांसिंग, स्वीमिंग, एथलेटिक्स, पावर योगा, फॉरेन लैंग्वेज, वालीबॉल, फुटबॉल सहित अन्य गतिविधि सीखाई जा रही है। इनके लिए टीचिंग स्टॉफ के अलावा ट्रेनर भी रखे गए हैं। इसका पॉजीटिव रिजल्ट भी मिला है।
विज्ञापन


इसको देखते हुए अब सरकारी स्कूलों में यूथ क्लब के माध्यम से एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटी को बढ़ावा दिया जाएगा। साइकोलॉजिस्ट का भी मानना है, स्टूडेंट्स पर लगातार पढ़ाई का दबाव नहीं बनाया जाना चाहिए। पसंद के अनुसार कुछ समय उनके इंटरेस्ट और टेलेंट को देना चाहिए। सभी एक्टिविटी को बराबर समय मिलने पर बच्चों का पढ़ाई में मन भी लगेगा। इससे परिणामों में सुधार दिखाई देगा। यूथ क्लब के गठन और कार्यों पर नजर रखने के लिए विभाग द्वारा समय समय पर जांच भी की जाएगी। साथ ही स्कूलों को रिपोर्ट भी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कैसे काम करेगा यूथ क्लब

यूथ क्लब का काम स्कूल के संसाधन जिनका इस्तेमाल कम है, उनको पूरी तरह से उपयोग में लाना है। लाइब्रेरी, प्ले ग्राउंड, स्पोर्ट्स इक्यूपमेंट्स, म्यूजिक, आर्ट रूम, स्कूल के ऑडिटोरियम का इस्तेमाल ड्रामा, डिबेट, स्पोर्ट्स, गेम्स आदि के लिए करना होगा। इससे  बच्चों टैलैंट भी निखरेगा और स्कूल के संसाधनों का अच्छी तरह से इस्तेमाल भी होगा।

प्रिंसिपल/वाइस प्रिंसिपल यूथ क्लब के इंचार्ज होंगे। एक शिक्षक को रोटेशन के आधार पर नोडल व्यक्ति का चार्ज सौंपा जाएगा, जो युवा क्लब गतिविधियों की सुविधा के लिए स्कूल खत्म होने के बाद कुछ घंटों तक स्कूल में उपस्थित रहेंगे। विभाग को उम्मीद है कि यूथ क्लब के गठन और उसके कार्य करने से एनरोलमेंट पर भी असर पड़ेगा।

अभी स्कूलों में सिर्फ इको क्लब
केंद्र सरकार के पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्कूलों में इको क्लब के गठन के आदेश दिए थे। इसमें स्कूली बच्चे संरक्षण अभियान के संचालक के रूप में काम करते हैं। इको क्लब का गठन कर स्कूल के सभी शिक्षक, कर्मचारियों व आसपास के लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया जाता है। हर स्कूल को इको क्लब के लिए फंड मिलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed