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टीचरों और प्रिंसीपलों के लिए सरकारी फरमान, अगले सेशन में 75 फीसदी रिजल्ट दो, नहीं तो...

Fri, 13 Jul 2018 02:49 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 13 Jul 2018 02:49 PM IST
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warning circular for teachers and principals related to result
फाइल फोटो
दसवीं और बारहवीं के स्टूडेंट्स का रिजल्ट खराब होने के बाद सरकारी स्कूलों के प्रिंसिपल और हेडमास्टरों के लिए एक सरकारी फरमान जारी किया गया है। वीरवार को चंडीगढ़ के शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा ने बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगले सत्र में अगर दसवीं और 12वीं का रिजल्ट 75 फीसदी होना चाहिए। अगर अगले सत्र में इतना रिजल्ट नहीं आया तो टीचर्स, प्रिंसिपल और जांच कर रही कमेटियों पर कार्रवाई की जाएगी।
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दसवीं और बारहवीं के खराब रिजल्ट पर उन्होंने नाखुशी जताई। उन्होंने कहा कि टीचर और प्रिंसिपलों को अपना काम पूरी ईमानदारी से करना चाहिए। हमारे पास टीचर्स की फौज है। इसके बावजूद रिजल्ट खराब होने से स्कूलों की बदनामी होती है। बैठक के दौरान अच्छे रिजल्ट वाले स्कूलों के प्रिंसिपलों को भी खड़ा किया और उनके लिए सभी ने तालियां बजाईं। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों के मॉडल से हमें सीख लेनी चाहिए जिससे कि स्कूलों का रिजल्ट बेहतरीन हो।
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बैठक के दौरान शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा ने टीचर्स यूनियन की ओर से किए गए प्रदर्शन पर नाखुशी जताई। उन्हाेंने कहा कि टीचर्स अगर अपना समय नेतागिरी करने के बजाय पढ़ाई पर दें तो स्कूलों के स्टूडेंट्स का रिजल्ट बेहतर होगा। इसके लिए टीचर्स को यूनियन के बहकावे में नहीं आना चाहिए। इस तरह के हालात में स्टूडेंट्स पर बुरा असर पड़ता है।
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कमेटी का होगा गठन
प्रिंसिपल और हेडमास्टर की कमेटियों का गठन किया जाएगा जो स्कूल लेवल पर चेकिंग करने के बाद पूरी रिपोर्ट डीएसई और शिक्षा सचिव को देंगी। स्टूडेंट्स और टीचर्स को किस तरह की प्रॉब्लम आ रही है। यह जांच कमेटी की ओर से की जाएगी। वहीं कमेटी स्कूल के इन्फ्रास्ट्रक्चर में क्या खामियां हैं। इसकी रिपोर्ट भी देगी। यह रिपोर्ट शिक्षा सचिव खुद देखेंगे।

इसके बाद समस्याओं का निस्तारण किस प्रकार से करना है। वह इसका प्लान बनाएंगे। स्कूलों की बदहाल शिक्षा को दुरुस्त करने के लिए चंडीगढ़  शिक्षा सचिव बंसी लाल शर्मा और डीएसई रूबिंदर जीत सिंह बराड़ पूरी जांच कर काम करेंगे। दसवीं का रिजल्ट 48 फीसदी आने के बाद शहर में तीन टीचर्स और पांच प्रिंसिपलों को सस्पेंड किया गया था।

इस कारण टीचर्स ने धरना प्रदर्शन किया था। इस पर रोक लगाने के लिए विभाग ने सख्त कार्रवाई की थी। बता दें कि शिक्षा विभाग ने सूची जारी कर बताया था कि 60 टीचर्स के सब्जेट के रिजल्ट बहुत ही खराब रहे हैं। बच्चे पास मार्किंग तक भी नहीं पहुंचे हैं। इन टीचर्स के विषय का रिजल्ट 10 से 32 फीसदी के बीच है इसलिए इन शिक्षकों को शिक्षा विभाग ने शोकॉज नोटिस दिए हैं।


15 से 25 साल से अधिक समय से जमें टीचर्स के ट्रांसफर को लेकर भी शिक्षकाें की राय जानी गई। इसमें प्रिंसिपल ने भी ट्रांसफर होने की बात पर सहमति जताई।  वहीं ग्रेस मार्क भी इस साल से नौवीं में पूरी तरह से खत्म किए जाएंगे। वहीं 504 टीचर्स की कमी को भी जल्द ही पूरा करने की बात कही गई है।
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