फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Unity in Student Organizations for Implementation of Punjabi Language in Punjab University

पंजाबी भाषा को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी में विवाद गहराया, एक मंच पर आए 10 छात्र संगठन

Sat, 20 Oct 2018 02:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Sat, 20 Oct 2018 02:57 PM IST
विज्ञापन
Unity in Student Organizations for Implementation of Punjabi Language in Punjab University
छात्र संगठन
पंजाबी भाषा को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी में विवाद गहराता जा रहा है। पंजाबी भाषा को लागू करवाने को लेकर दस छात्र संगठन एक मंच पर आ गए। उन्होंने एक स्वर में कहा कि पहली भाषा के रूप में पंजाबी लागू हो, उसके बाद अन्य भाषाएं। उन्होंने मांग उठाई कि छात्रों को पेपर देने का हक पंजाबी भाषा में मिलना चाहिए। इसके अलावा रिसर्च का हक भी पंजाबी भाषा में दिया जाए।
विज्ञापन


साथ ही किताबों का भी ट्रांसलेशन छात्रों की मांग के आधार पर किया जाना चाहिए। शुक्रवार की शाम पीयू कैंपस में स्टूडेंट नेताओं ने बैठक की। इसमें आइसा, एनएसयूआई, एसएफएस, पीएसयू ललकार, सत्थ, एसएफआई आदि संगठनों के नेता शामिल हुए। इस दौरान नेताओं ने कहा कि वह हिंदी का विरोध नहीं कर रहे हैं, लेकिन यहां की क्षेत्रीय भाषा पंजाबी है इसलिए उसी में छात्रों का पढ़ने का हक मिलना चाहिए ताकि उन्हें दिक्कतें न आएं।
विज्ञापन


इस दौरान मां बोली चेतना मंच की ओर से 30 अक्तूबर को होने वाले सेमिनार की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। स्टूडेंट नेताओं ने बताया कि इस सेमिनार में यह बताया जाएगा कि पीयू में पंजाबी भाषा ही क्यों पहले नंबर पर होनी चाहिए। उसकी महत्ता बताई जाएगी। पीयू में हिंदी भाषा में लिखे शब्दों पर पोती गई कालिख का भी विरोध हुआ। इसकी जांच की मांग की गई। साथ ही सीसीटीवी के फुटेज निकालकर आरोपी लोगों पर कार्रवाई की मांग की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed