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पीयू के यूआईपीएस व यूबीएस सेंटर अच्छी रैंकिंग के लिए दूसरे संस्थानों से बांटेंगे ज्ञान, जानिए कैसे
Tue, 11 Jun 2019 04:16 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 11 Jun 2019 04:16 PM IST
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केंद्र सरकार की निरफ व अटल रैंकिंग में बाजी मारने वाले संस्थान अन्य शिक्षण संस्थानों के साथ ज्ञान साझा करेंगे। यूजीसी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं ताकि दूसरे संस्थान भी इनके अनुभव का लाभ ले सकें। इसी कड़ी में पीयू के यूआईपीएस व यूबीएस सेंटर अन्य संस्थानों में जाकर अपना अनुभव व कार्यप्रणाली के बारे में अवगत कराएंगे। यूजीसी ने बाकायदा अच्छी रैंकिंग पाने वाले संस्थानों को पत्र भी जारी किया है। कुछ दिनों पूर्व निरफ व अटल रैंकिंग जारी हुई थी।
इसमें पीयू की ओवरऑल रैंक कम आई थी, लेकिन यूआईपीएस व यूबीएस सेंटर ने बेहतर प्रदर्शन किया था। मेडिकल के लिए छात्रों को तैयार कर रहे यूआईपीएस व मैनेजमेंट के संस्थान यूबीएस ने अपने को बहुत निखारा और तमाम चीजों को सीखते हुए अच्छा मुकाम पाया। देश में बीफार्मा व एमफार्मा की तैयारी करा रहे इस यूआईपीएस सेंटर को पहला स्थान मिला था। विभाग ने इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों के रिसर्च, छात्रों की प्रस्तुति, विभाग के संसाधन, परसेप्शन आदि मानकों पर काम किया था।
इसी तरह यूबीएस सेंटर से कई विषयों में एमबीए कराई जाती है। वर्ल्ड रैंकिंग में भी इस संस्थान को 15वां स्थान है। इसकी खूबी यह है कि बड़ी बड़ी कंपनियां यहां छात्रों को नौकरी के लिए आमंत्रित करने आती हैं। शत प्रतिशत विद्यार्थियों को नौकरी मिलती है। विदेश विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर रिसर्च कार्य हो रहे हैं। कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। कई मानकों की पूर्ति करने के कारण ही यूबीएस को हर रैंकिंग में अच्छा स्थान मिल रहा है। देश के अन्य संस्थान भी कई क्षेत्रों में बाजी मार रहे हैं।
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इसमें पीयू की ओवरऑल रैंक कम आई थी, लेकिन यूआईपीएस व यूबीएस सेंटर ने बेहतर प्रदर्शन किया था। मेडिकल के लिए छात्रों को तैयार कर रहे यूआईपीएस व मैनेजमेंट के संस्थान यूबीएस ने अपने को बहुत निखारा और तमाम चीजों को सीखते हुए अच्छा मुकाम पाया। देश में बीफार्मा व एमफार्मा की तैयारी करा रहे इस यूआईपीएस सेंटर को पहला स्थान मिला था। विभाग ने इसके लिए शिक्षा की गुणवत्ता, शिक्षकों के रिसर्च, छात्रों की प्रस्तुति, विभाग के संसाधन, परसेप्शन आदि मानकों पर काम किया था।
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इसी तरह यूबीएस सेंटर से कई विषयों में एमबीए कराई जाती है। वर्ल्ड रैंकिंग में भी इस संस्थान को 15वां स्थान है। इसकी खूबी यह है कि बड़ी बड़ी कंपनियां यहां छात्रों को नौकरी के लिए आमंत्रित करने आती हैं। शत प्रतिशत विद्यार्थियों को नौकरी मिलती है। विदेश विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर रिसर्च कार्य हो रहे हैं। कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर कार्य चल रहा है। कई मानकों की पूर्ति करने के कारण ही यूबीएस को हर रैंकिंग में अच्छा स्थान मिल रहा है। देश के अन्य संस्थान भी कई क्षेत्रों में बाजी मार रहे हैं।
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पीयू के विभागों को भी मिलेगा लाभ
इन सभी संस्थानों को यूजीसी कह रहा है कि वह दूसरे संस्थानों को भी तरीके बताएं ताकि बेहतर कार्य वह कर सकें। इससे रैंक में सुधार होगा और युवाओं को ज्ञान मिलेगा। जब ज्ञान बढ़ेगा तो देश का और विकास होगा। सूत्रों का कहना है कि जुलाई में यह विभाग अन्य संस्थानों को ज्ञान बांटेंगे।
शुरुआत चंडीगढ़ के ही संस्थानों से होगी। बताया जा रहा है कि क्रिक कॉरिडोर से जुड़े संस्थानों को प्रथम चरण में यह विभाग प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद पंजाब व हरियाणा के संस्थानों को भी पारंगत किया जाएगा। इसी के साथ यूआईपीएस व यूबीएस पीयू के अन्य विभागों की कमियां भी दूर कराने के लिए प्रयास करेंगे।
शुरुआत चंडीगढ़ के ही संस्थानों से होगी। बताया जा रहा है कि क्रिक कॉरिडोर से जुड़े संस्थानों को प्रथम चरण में यह विभाग प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद पंजाब व हरियाणा के संस्थानों को भी पारंगत किया जाएगा। इसी के साथ यूआईपीएस व यूबीएस पीयू के अन्य विभागों की कमियां भी दूर कराने के लिए प्रयास करेंगे।