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बैन महज खानापूर्ति, पंजाब यूनिवर्सिटी में धड़ल्ले से बिक रहा जंक फूड, ये हैं यूजीसी की गाइडलाइंस
Sat, 23 Nov 2019 01:26 PM IST
खुशबू गोयल
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sat, 23 Nov 2019 01:26 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एक साल पहले कैंपस में जंक फूड बेचने पर रोक लगाई थी। लेकिन यहां दुकानों और स्टूडेंट सेंटर में स्थिति विपरीत है। फ्रैंच फ्राइज को छोड़कर लगभग हर तरह का जंक फूड खुलेआम बिक रहा है। बता दें यूजीसी ने अगस्त 2018 में सर्कुलर जारी किया था कि यूनिवर्सिटी में जंक फूड पर पूरी तरह से बैन लगना चाहिए।
इसको देखते हुए पीयू ने भी होटल मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की सहायता से हेल्दी फूड की सूची तैयार करवाई, जिसमें साउथ इंडियन, गुजराती और नॉर्थ इंडियन थाली को शामिल किया गया। पीयू में पिछले 5 महीने से बंद पड़े कॉफी हाउस को फिर से शुरू करने के लिए वीरवार को मीटिंग हुई। अधिकारियों के मुताबिक कॉफी हाउस में सिर्फ हेल्दी फूड ही बिकेगा।
पीयू हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए लगातार सेमिनार करवाती रहती है। लेकिन यूनिवर्सिटी कैंपस में इसका असर कहीं देखने को नहीं मिल रहा है। यहां तक कि पीयू प्रशासन के आदेशों की भी सरेआम अनदेखी हो रही है। यूजीसी ने अगस्त 2018 में जंक फूड पूरी तरह बैन करने के लिए सर्कुलर जारी किया था।
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इसके बाद पीयू प्रशासन ने भी मीटिंग की और कैंपस में जंक फूड बैन करने के निर्देश दिए। लेकिन आज एक साल होने के बाद भी पीयू कैंपस में जंक फूड पर रोक नहीं लगा सका है। स्टूडेंट सेंटर से लेकर यूनिवर्सिटी दुकानों व कैंटीन हर कहीं जंक फूड की भरमार है। यहां बर्गर, सैंडविच, कोल्ड ड्रिंक, नूडल्स, चाइनीज, स्प्रिंग रोल, चिप्स आदि धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।
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इसको देखते हुए पीयू ने भी होटल मैनेजमेंट डिपार्टमेंट की सहायता से हेल्दी फूड की सूची तैयार करवाई, जिसमें साउथ इंडियन, गुजराती और नॉर्थ इंडियन थाली को शामिल किया गया। पीयू में पिछले 5 महीने से बंद पड़े कॉफी हाउस को फिर से शुरू करने के लिए वीरवार को मीटिंग हुई। अधिकारियों के मुताबिक कॉफी हाउस में सिर्फ हेल्दी फूड ही बिकेगा।
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पीयू हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए लगातार सेमिनार करवाती रहती है। लेकिन यूनिवर्सिटी कैंपस में इसका असर कहीं देखने को नहीं मिल रहा है। यहां तक कि पीयू प्रशासन के आदेशों की भी सरेआम अनदेखी हो रही है। यूजीसी ने अगस्त 2018 में जंक फूड पूरी तरह बैन करने के लिए सर्कुलर जारी किया था।
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इसके बाद पीयू प्रशासन ने भी मीटिंग की और कैंपस में जंक फूड बैन करने के निर्देश दिए। लेकिन आज एक साल होने के बाद भी पीयू कैंपस में जंक फूड पर रोक नहीं लगा सका है। स्टूडेंट सेंटर से लेकर यूनिवर्सिटी दुकानों व कैंटीन हर कहीं जंक फूड की भरमार है। यहां बर्गर, सैंडविच, कोल्ड ड्रिंक, नूडल्स, चाइनीज, स्प्रिंग रोल, चिप्स आदि धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।
सिंगला बोले- पीयू जंक फूड रहित कैंपस
डीन रिसर्च आरके सिंगला की अध्यक्षता में वीरवार को 5 महीने से बंद पड़े कॉफी हाउस को लेकर बैठक हुई। इसमें कॉफी हाउस में कौन से फूड आइटम बेचे जाएंगे, उनके रेट तय किए गए। आरके सिंगला ने बताया कि पीयू में एक साल से जंक फूड बैन है। इसी को ध्यान में रखते हुए कॉफी हाउस के लिए भी हेल्दी फूड का चयन किया गया है। डीएसडब्ल्यू नीना कपलेश ने बताया कि कॉफी हाउस में साउथ इंडियन और कॉफी ही बिकेगी।
क्या है यूजीसी की गाइडलाइंस
स्वास्थ्य मंत्रालय के रिसर्च में पाया गया कि जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनसे मोटापा ही नहीं बढ़ रहा बल्कि रोग भी पनप रहे हैं। केवल स्वाद के चलते स्टूडेंट्स इसे पसंद कर रहे हैं। इसलिए यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी को जंक फूड बैन करने संबंधी निर्देश जारी किए। 1 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा गया कि हॉस्टल मेस संचालक, विभागों में बनी कैंटीन कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, बर्गर, कुरकुरे, हॉट डॉग्स और पिज्जा की बिक्री न करें। इसके अलावा व्हाइट ब्रेड पर भी रोक लगाई गई है। इस ब्रेड का प्रयोग सैंडविच आदि के लिए किया जाता है। इससे भी बॉडी को नुकसान पहुंच रहा है।
क्या है यूजीसी की गाइडलाइंस
स्वास्थ्य मंत्रालय के रिसर्च में पाया गया कि जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इनसे मोटापा ही नहीं बढ़ रहा बल्कि रोग भी पनप रहे हैं। केवल स्वाद के चलते स्टूडेंट्स इसे पसंद कर रहे हैं। इसलिए यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी को जंक फूड बैन करने संबंधी निर्देश जारी किए। 1 अक्टूबर को जारी आदेश में कहा गया कि हॉस्टल मेस संचालक, विभागों में बनी कैंटीन कोल्ड ड्रिंक, चिप्स, बर्गर, कुरकुरे, हॉट डॉग्स और पिज्जा की बिक्री न करें। इसके अलावा व्हाइट ब्रेड पर भी रोक लगाई गई है। इस ब्रेड का प्रयोग सैंडविच आदि के लिए किया जाता है। इससे भी बॉडी को नुकसान पहुंच रहा है।