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अतुल माहेश्वरी छात्रवृति ने दी इन दो होनहारों के सपनों को दिए पंख, बोले- अब भरेंगे उड़ान

Sun, 20 Jan 2019 03:18 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 20 Jan 2019 03:18 PM IST
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Two Students Deepanshu and Neha Passed Atul Maheshwari Scholorship Exam 2018
atul maheshwari scholarship
अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा 2018 ने दो होनहारों के सपनों को पंख दे दिए हैं। अब दोनों का टारगेट ऊंची उड़ान भरकर लक्ष्य पूरा करना है। परीक्षा में स्थान पाकर रायपुररानी का दीपांशु बहुत काफी खुश हैं। वह साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनके पिता दुकान चलाते हैं। उनका कहना है कि छात्रवृत्ति से मानों उनके सपनों को उड़ान लग गई है। इस पैसों से वह कोचिंग ले पाएंगे। दीपांशु का कहना है कि वह 4-5 घंटे पढ़ाई करते हैं।
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उनके घर पर माता-पिता के अलावा उनका एक बड़ा भाई है जो पढ़ाई में मदद करता है। दीपांशु को फुटबॉल और चेस खेलना पसंद है। उन्होंने बताया कि अपने परिश्रम की बदौलत वह अमर उजाला स्व. अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति का दावेदार बन पाए। वह रायपुररानी के जीएसएसएस में 11वीं पर पढ़ रहे हैं। छात्रवृत्ति परीक्षा में बेटे के पास होने पर माता-पिता दोनों ही काफी खुश है। उन्होंने अमर उजाला के इस सकारात्मक मुहिम का तहेदिल से धन्यवाद किया है।
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छात्रवृत्ति से लगेंगे नेहा के सपनों को पंख
शिक्षा का महत्व कोई 15 वर्षीय नेहा से पूछे। वह पढ़ लिखकर एडवोकेट बनना चाहती है। लेकिन उसकी पढाई में गरीबी रोड़ा बन रही थी। नेहा ने अपने अथक परिश्रम की बदौलत ट्राइसिटी में अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा 2018 की तीसरी दावेदार बनी हैं। इस सफलता से उसके सपनों को मानो नए पंख मिल गए हों। वह एडवोकेट बनकर पिछड़े वर्ग के लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहती है। नेहा का कहना है कि पिछड़े वर्ग के साथ भेदभाव हो रहा है, क्योंकि वह अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं है। नेहा पंचकूला के सार्थक मॉडल स्कूल में 10वीं की छात्रा है और वह इंडस्ट्रियल एरिया फेस दो में रहती है।
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पिता के ऑफिस से छात्रवृत्ति के लिए किया आवेदन
नेहा ने बताया कि उनके पिता के पास मोबाइल फोन नहीं है। वह पंचकूला इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एक निजी कंपनी में ऑफिस ब्वाय का काम करते हैं। जब उसे अमर उजाला में प्रकाशित खबर से छात्रवृत्ति की जानकारी मिली तो काफी खुश हुई। उसने छात्रवृत्ति परीक्षा के लिए अपने पिता के ऑफिस से ऑनलाइन आवेदन किया। इस परीक्षा में मिली सफलता से वह काफी खुश है।


नेहा रोजाना रात आठ से बारह बजे तक पढ़ाई करती हैं। नेहा के घर में मां पिता के अलावा एक छोटा भाई और उसकी छोटी बहन है। स्व. अतुल महेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा में बेटी नेहा के पास होने पर काफी खुश हैं। उन्होंने अमर उजाला को धन्यवाद दिया है। वह कहते हैं इस तरह की छात्रवृति उनके जैसी कई बेटियां साक्षर हो सकेंगी। वहीं नेहा के छोटे भाई और बहन को उससे प्रेरणा मिलेगी।
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