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चंडीगढ़ : जेईई मेन्स में जीरो अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी पीयू व सीसीईटी में मिला दाखिला

Sun, 27 Dec 2020 02:31 PM IST
ajay kumar सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sun, 27 Dec 2020 02:31 PM IST
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Students who got zero marks in JEE Mains also got admission in Colleges of Chandigarh
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

एजुकेशन हब चंडीगढ़ में इस बार ज्वाइंट एंट्रेस एग्जाम (जेईई) मेन्स में जीरो अंक लाने वाले विद्यार्थियों को भी दाखिले मिले हैं। यह एडमिशन पंजाब यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) व डॉ. एसएस भटनागर यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूआईसीईटी) के अलावा चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीसीईटी) में हुए हैं। 8.11 लाख रैंक से लेकर 10 लाख से अधिक रैंक लाने वाले भी विद्यार्थी यहां दाखिले पा गए। रैंक इतनी गिरने पर शिक्षाविद भी हैरत में हैं। माना जा रहा है कि संस्थानों की साख कहीं न कहीं प्रभावित हुई है। दूसरा कारण कोरोना भी बना है।

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ऐसे हुआ हुआ खुलासा
जेईई मेन्स की परीक्षा इसी साल जनवरी व सितंबर में आयोजित की गई थी। दोनों परीक्षाओं में लगभग 11 लाख विद्यार्थी शामिल हुए। सरकारी व टॉप निजी कॉलेज व विश्वविद्यालयों के इंजीनियरिंग कोर्सेज में इसकी रैंक के जरिए दाखिले किए गए।
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चंडीगढ़ शहर के पीयू और सीसीईटी में दाखिले आसानी से नहीं मिलते। यहां एडमिशन को लेकर मारामारी रहती है। लेकिन इस बार प्रवेश के आंकड़े चौंकाने वाले आए। इसका खुलासा चंडीगढ़ प्रशासन की ज्वाइंट एडमिशन काउंसिलिंग वेबसाइट पर क्लोजिंग मेरिट से हुआ है। मालूम हो कि चंडीगढ़ में इंजीनियरिंग करने के लिए देशभर के विद्यार्थी शामिल होते हैं।

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ये हैं चौंकाने वाले आंकड़े

यूआईईटी व पीयूएसएसजी रीजनल सेंटर होशियारपुर में बैचरल ऑफ इंजीनियरिंग (बीई) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स में क्लोजिंग रैंक 8,56,231 गई है। वहीं यूआईईटी बीई बायोटेक्नोलॉजी कोर्स में रैंक 10,15,280 गई है। इस रैंक का मतलब समझा जाता है कि विद्यार्थियों को निगेटिव अंक मिले हैं जो शून्य से भी नीचे होते हैं।

पीयू के यूआईसीईटी में बीई केमिकल इंजीनियरिंग की मेरिट एसटी वर्ग की 8,09,295 गई है। इस संस्थान में एसटी वर्ग की मेरिट फूड टेक्नोलॉजी कोर्स में 9,17,648 गई है। सीसीईटी में बीई सिविल इंजीनियरिंग की क्लोजिंग रैंक 8,98,096 रही। इसी तरह मैकेनिकल इंजीनियरिंग की क्लोजिंग रैंक 9,11,947 रही। 

चंडीगढ़ शहर के इंजीनियरिंग संस्थानों में क्लोजिंग रैंक 10 लाख के पार चली गई। यह आंकड़े वाकई चौंकाने वाले हैं। इसका कारण यही है कि संस्थानों की साख प्रभावित हुई है। साथ ही कोरोना के कारण दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थी यहां तक कम पहुंचे हैं। इन कोर्सेज में मेरिट कम पहुंचने का कारण प्लेसमेंट की कमी भी हो सकती है। - कुणाल सिंह, शिक्षाविद।

चंडीगढ़ के पांच इंजीनियरिंग शिक्षण संस्थानों की 1400 सीटों के लिए आवेदन छह हजार से अधिक पहुंचे हैं। रैंक इस बार जरूर कुछ गिरी है लेकिन इसका एक कारण ये है कि इंटर में 60 फीसदी अंक अनिवार्य होने का मानक नहीं था। सीधे जेईई मेन्स की मेरिट में दाखिले किए गए थे। इसके अलावा देश के कुछ शिक्षण संस्थानों ने पहले दाखिले कर लिए थे। चंडीगढ़ में चार की जगह छह राउंड तक काउंसिलिंग की गई थी ताकि खाली सीटें न रहें। रैंक कम होने का यह भी एक कारण है। मुझे नहीं लगता कि शिक्षण संस्थानों की साख प्रभावित हुई है। - डॉ. एमएस गुजराल, चेयरमैन, इंजीनियरिंग एडमिशन कमेटी।

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