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पीयूः सात महीने से नहीं लिया वाइवा तो भड़के छात्र, बोले- न आगे पढ़ाई कर पा रहे, न ही नौकरी

Fri, 27 Dec 2019 11:53 AM IST
खुशबू गोयल कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 27 Dec 2019 11:53 AM IST
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Students Raised Questions on Punjab University and College Working Regarding Viva
फाइल फोटो
चंडीगढ़ सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज में एमएससी ह्यूमन रिसोर्स एंड फैमिली रिलेशंस के विद्यार्थियों का पिछले सात महीने से वाइवा नहीं लिया जा रहा है। इस वजह से विद्यार्थी काफी परेशान हो गए हैं। आलम यह है कि इस बारे में विद्यार्थी कई बार संबंधित विभाग से बात कर चुके हैं, लेकिन विभाग पीयू की जिम्मेदारी की बात कहकर चुप्पी साध लेता है। उधर, पीयू भी इस मामले में पल्ला झाड़ रहा है। वाइवा नहीं होने के चलते विद्यार्थियों को समय पर डिग्री नहीं मिल रही है।
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विद्यार्थियों का कहना है कि इस वजह से आगे पढ़ाई करने व नौकरी के लिए अप्लाई करने में काफी दिक्कत पेश आ रही है। इस बारे में होम साइंस कॉलेज का कहना है कि पीयू को सूची सौंप चुके हैं। साथ ही दो बार पत्र लिखकर भी किया सूचित किया जा चुका है। उधर, पीयू का कहना है कि होम साइंस कॉलेज से संबंधी कोई भी एप्लीकेशन पेंडिंग नहीं है। सवाल यह है कि आखिर क्यों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ क्यों किया जा रहा है।
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गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज की एमएससी ह्यूमन रिसोर्स एंड फैमिली रिलेशंस की छात्रा ने बताया कि विभाग की तरफ से 17 मई को उनकी थ्योरी पेपर लिया गया था। इसके बाद 30 मई को विद्यार्थियों की ओर से थीसिस भी जमा करवा दी गई थी। लेकिन सात महीने के बाद भी विभाग की तरफ से अब तक वाइवा नहीं लिया। वाइवा नहीं होने की वजह से डिग्री पूरी नहीं होगी। बिना डिग्री के हम आगे पढ़ने और नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर सकते।
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वहीं एक अन्य छात्रा ने बताया कि उसे करिअर बनाने के लिए दुबई जाना है। लेकिन वाइवा नहीं होने की वजह से उसकी डिग्री अधूरी रह जाएगी। अगर विभाग जल्दी वाइवा नहीं लेता है तो उसे एमएससी बीच में ही छोड़नी पडे़गी। जानकारी के अनुसार पहले भी विभाग की ओर से वाइवा लेने में लेटलतीफी की जाती रही है, लेकिन सितंबर तक हर बार सबका वाइवा हो जाता है।

एचओडी बराड़ बोले- विभाग दो बार पीयू को लिख चुके पत्र

गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज के ह्यूमन डेवलपमेंट एंड फैमिली रिलेशंस की एचओडी रितिंदर बराड़ ने बताया कि वाइवा के लिए पंजाब यूनिवर्सिटी जिम्मेदार होती है। कॉलेज का इसमें कोई रोल नहीं है। हम पीयू को विद्यार्थियों की सूची दे चुके हैं। यूनिवर्सिटी को दो बार पत्र लिखकर इसके बारे में सूचित भी कर चुके हैं, क्योंकि एग्जामिनर यूनिवर्सिटी ने प्रोवाइड करवाना होता हैं।

हमारे पास गवर्नमेंट होम साइंस कॉलेज से संबंधी कोई एप्लीकेशन पैंडिंग नहीं है। अगर हमारे पास कोई पत्र आता है तो हम उस पर जरूर कार्रवाई करेंगे।
- परविंदर सिंह, कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन, पीयू
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