पंजाब यूनिवर्सिटीः स्टूडेंट झुक रहे न वीसी, रविवार को बिगड़ सकते हैं हालात
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पंजाब यूनिवर्सिटी में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने समेत आधा दर्जन मांगों को लेकर चल रहा डे-नाइट प्रोटेस्ट 27वें दिन फिर भड़क उठा। देर रात सारे बैरियर तोड़कर छात्र-छात्राएं वीसी आवास तक पहुंच गए। पीयू प्रशासन यदि चाहता तो इस आंदोलन को आसानी से खत्म करवा सकता था। जरूरत सिर्फ इतनी थी कि कुछ मांगें मान ली जातीं और दूसरी कड़ी में गर्ल्स हॉस्टल खुलवाने का प्रस्ताव रखा जाता लेकिन पीयू प्रशासन ने नरम रवैये की जगह कड़ा रुख अपना लिया है।
वहीं, विद्यार्थियों ने पहले अहिंसा का रास्ता चुना। इस दौरान न तो धरना स्थल पर वाइस चांसलर प्रो. राजकुमार पहुंचे और न ही अन्य रास्ते निकाले गए। बैठक पर बैठक होती रही और कमेटियां बनाई गईं लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात रहा। इसी के साथ विद्यार्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पहुंच गया और उन्होंने हंगामा कर दिया। पहली बार वीसी के सुरक्षा घेरे में लगी पुलिस फोर्स को धक्के के साथ आगे बढ़ा दिया और स्टूडेंट्स बैरियर तोड़कर वीसी आवास पहुंच गए।
वहां भी गेट तोड़ने के प्रयास हुए लेकिन छात्राओं का उद्देश्य वह नहीं था। उनका तर्क था कि वह केवल वीसी को जगाने गए थे कि 25 नवंबर को बड़ा आंदोलन होने जा रहा है। अभी भी एक दिन बीच में हैं। शुक्रवार को हुए छात्र-छात्राओं के आंदोलन का रुख व उनका आवाज बता गई कि अब अहिंसा का रास्ता यहीं खत्म हो गया। अब हालात दूसरे होंगे। चाहे यह कैंपस बीएचयू बने या फिर जेएनयू।
हम तो स्टूडेंट्स हैं, हमसे क्यों डर रहे हैं वीसी साहब
प्रदर्शन कर रहे स्टूडेंट्स का कहना है कि उन्होंने वाइस चांसलर से आठ बार कहा है कि वह धरना स्थल पर आएं और उनकी बात सुनें लेकिन वह नहीं पहुंचे। छात्राओं ने यह भी कह दिया कि वह स्टूडेंट्स हैं। वीसी गुरु और अभिभावक की तरह होता है। वह पीयू परिसर को घर मानते हुए बच्चों को अभिभावकों की तरह समझाएं, न कि डरें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
छात्रों ने ऐलान कर दिया कि अब 25 को ही आर-पार की लड़ाई होगी। यह भी कह दिया कि पंजाब का इतिहास वीसी ने नहीं पढ़ा। यदि जान लेते तो शायद पहले ही बात मान लेते लेकिन अब स्थिति अलग होगी। डीएसडब्ल्यू, चीफ सिक्यूरिटी ऑफिसर, वार्डन आदि दूर खड़ी रहीं लेकिन पास कोई नहीं आया। छात्रों के आक्रोश का भी डर था। 25 नवंबर को एमपी धर्मवीर व थिएटर एक्टिविस्ट नीलम पहुंचेंगी। इसके अलावा कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी आ रहे हैं।