फीस बढ़ोतरी के विरोध में स्टूडेंट काउंसिल, वीसी को लिखी चिट्ठी
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) प्रशासन ने जुलाई 2017 सत्र से कैंपस के सभी विभाग और रीजनल सेंटर के अधिकतर कोर्स की फीस में बढ़ाने का प्रपोजल तैयार कर लिया है।
फीस कमेटी ने प्रपोजल को अप्रूव कर वीसी के पास भेज दिया है। 21 जनवरी को होने वाली पीयू सिंडीकेट में फीस बढ़ोतरी पर मुहर लगने की उम्मीद है।
लेकिन पीयू प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी स्टूडेंट काउंसिल ने मोर्चा खोल दिया है। काउंसिल के प्रधान निशांत कौशल ने फीस बढ़ोतरी पर विरोध जताते हुए 18 जनवरी को आपात मीटिंग बुलाई है।
सोमवार को वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर को लिखी चिट्ठी में निशांत कौशल ने कहा कि पीयू को फंड जुटाने के लिए फीस से अधिक दूसरे स्रोत पर ध्यान देना चाहिए।
चिट्ठी में कहा गया है कि पीयू प्रशासन कैंपस में एडवरटाइज, दुकानों के रेंट में बढ़ोतरी, इवनिंग संकाय में कोचिंग क्लास शुरू करने जैसे कई सुझाव दिए हैं।
सभी विभागों ने नहीं दिए सुझाव
पीयू प्रशासन द्वारा फीस बढ़ोतरी को लेकर काउंसिल के साथ ही अन्य छात्र संगठनों ने भी विरोध शुरू कर दिया है। एसएफएस छात्र नेता दमन का कहना है कि पीयू द्वारा फीस बढ़ाना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि 8 से 10 गुणा ट्यूशन फीस बढ़ने से ग्रामीण स्टूडेंट्स के लिए कैंपस से पढ़ाई कर पाना मुमकिन नहीं होगा।
सभी विभागों ने नहीं दिए सुझाव
पीयू की आर्थिक हालात सुधारने और आय के नए स्रोत के बारे में सुझाव देने के लिए पीयू कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों के साथ मीटिंग की थी। सभी विभागों से 10 जनवरी तक इस संबंध में फीडबैक मांगा था।
लेकिन कई विभागों ने अभी तक वीसी को सुझाव नहीं दिए। उधर पीयू को 15 जनवरी तक एमएचआरडी को अगले तीन सालों का रोडमैप तैयार कर भेजने के निर्देश दिए थे।
सूत्रों के अनुसार, फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट अफसर (एफडीओ) ने एमएचआरडी और यूजीसी को जनवरी और फरवरी महीने के वेतन के लिए बजट की फाइल भेज दी है।