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चंडीगढ़: अब छात्र बताएंगे, पीयू के शिक्षक पढ़ाने के लिए कितने हैं तैयार, कैसा है उनका व्यवहार
Tue, 15 Jun 2021 11:35 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 15 Jun 2021 11:35 AM IST
सार
पंजाब यूनिवर्सिटी ने दस सवाल का फीडबैक फार्म तैयार किया है। अफसर विभागाध्यक्षों को यह फार्म भेजेंगे। जरूरत पड़ने पर शिक्षकों से जवाब मांगा जा सकता है।
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पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी के विद्यार्थी शिक्षकों के पढ़ाने से लेकर उनके व्यवहार के बारे में अपनी राय दे सकेंगे। शिक्षक कक्षा में समय से आते हैं या नहीं, वह पढ़ाने के लिए कितने तैयार हैं, यह भी अधिकारियों को बता सकेंगे। इसके लिए पीयू ने फीडबैक फार्म तैयार कर लिए हैं। दस सवाल वाला यह फार्म पीयू की वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध है। विद्यार्थी फिलहाल इस आवेदन को ऑनलाइन भर सकेंगे।
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पीयू ने पांच साल बाद काम किया
नैक की टीम ने वर्ष 2015 में पीयू का दौरा किया था। उस दौरान टीम ने पाया कि छात्रों से शिक्षण कार्य का फीडबैक नहीं लिया जाता जबकि यह बिंदु अहम था क्योंकि कुछ शिक्षकों पर हर जगह आरोप लगते कि उनका पढ़ाने का तरीका, शिक्षा गुणवत्ता बेहतर नहीं है। ऐसे में सुधार तभी होता है जब उनके कार्यों की समीक्षा उच्चाधिकारी करें। यह शिकायत के रूप में विद्यार्थी दर्ज कराएंगे। इसी को फीडबैक का नाम दिया गया।
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जानकारों का कहना है कि इस पर पीयू को तेजी से काम करना चाहिए था, लेकिन पांच साल बाद कोरोना काल में यह निर्णय लिया गया जबकि नैक की टीम अगले साल पीयू का दौरा करेगी। यह फीडबैक फार्म ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। विद्यार्थी डाउनलोड करके अपना सुझाव दे सकते हैं।
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प्रचार-प्रसार करना होगा
पीयू के कुछ वरिष्ठ शिक्षक कहते हैं कि तमाम विद्यार्थियों को तो पता ही नहीं कि पढ़ाई के बाद विद्यार्थियों से फीडबैक भी मांगा जाता है। इसके लिए प्रचार-प्रसार करने की आवश्यकता है। हर शिक्षक या विभागों को जिम्मेदारी दी जाए और इस फार्म के बारे में बताया जाए तभी जाकर विद्यार्थी इस पर काम कर सकेंगे। हालांकि कुछ विभागों में यह फार्म विद्यार्थी भरने लगे हैं। शिक्षण कार्य भी फार्म के भरने के बाद और बेहतर हुआ है। कुछ शिक्षकों की शिकायतें विद्यार्थियों ने वर्ष 2019 में की थी, क्योंकि ऑफलाइन पढ़ाई के माध्यम से वह छात्रों को बेहतर जानकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे थे।
फार्म में ये हैं सवाल
- कक्षा में आते समय शिक्षकों का व्यवहार कैसा है।
- कक्षा में आने से पहले वह पढ़ाने के लिए कितने तैयार हैं।
- कक्षा में पढ़ाने का तरीका कैसा है।
- पढ़ाई गई सामग्री की गुणवत्ता कैसी है।
- विषय का ज्ञान कितना है।
- छात्रों के सवालों का जवाब कितना दिया गया। छात्र संतुष्ट हैं या नहीं।