{"_id":"5c022362bdec22419e1f4715","slug":"students-not-getting-roll-numbers-exams-starting-from-4-decembers","type":"story","status":"publish","title_hn":"4 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू, स्टूडेंट्स को नहीं मिल रहे रोल नंबर...130 का भविष्य लगा दांव पर","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
4 दिसंबर से परीक्षाएं शुरू, स्टूडेंट्स को नहीं मिल रहे रोल नंबर...130 का भविष्य लगा दांव पर
न्यूज डेस्क, न्यूज डेस्क, चंडीगढ़
Updated Sat, 01 Dec 2018 11:30 AM IST
विज्ञापन
कॉलेज स्टूडेंट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चंडीगढ़ सेक्टर-46 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज की लापरवाही के चलते करीब 130 स्टूडेंट्स के भविष्य पर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने कॉलेज प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि एग्जाम शुरू होने से दो दिन पहले तक छात्रों को रोल नंबर एलाट नहीं हुए तो इसके गंभीर परिणाम होंगे, जिसकी सारी जिम्मेदारी पीयू प्रशासन और कॉलेज की होगी। गौर रहे कि सेक्टर-46 कॉलेज प्रशासन द्वारा एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। 4 दिसंबर से बीबीए और बीसीए की सेमेस्टर परीक्षाएं हैं, लेकिन एफिलिएशन क्लीयर न होने के चलते अभी तक छात्रों को रोल नंबर तक जारी नहीं हो सके हैं, जबकि बीएससी के छात्रों का एफिलिएशन पहले ही ले लिया गया है।
शुक्रवार को मामला उस समय गरमा गया, जब छात्र रोल नंबर लेने पहुंचे तो कॉलेज प्रशासन ने रोल नंबर देने से साफ मना कर दिया। कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। वहीं, कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के बाद आइसा अध्यक्ष अमन रतिया की अगुवाई में छात्र पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंच गए। आइसा पीयू अध्यक्ष विजय कुमार ने डीसीडीसी संजय कौशिक से बात की तो सारा मामला सामने आया। उन्होंने छात्रों को बताया कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने बीबीए और बीसीए के लिए एफिलिएशन नहीं ली है। कॉलेज सिर्फ बीएससी कोर्स के लिए ही एफिलिएटेड है।
गलती की सजा भुगत रहे छात्र
आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि प्रिंसिपल कॉलेज के मुखिया होते हैं। कॉलेज की सारी जिम्मेदारी उनके ऊपर होती है। विजय ने आरोप लगाया कि कॉलेज के छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला गया है। यह तब है, जब छात्रों से लाखों रुपये प्रवेश के नाम पर लिए गए हैं। हम छात्रों के साथ किसी प्रकार का कोई अन्याय नहीं होने देंगे। अगर छात्रों को रोल नंबर नहीं मिला तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
विज्ञापन
पीयू आज लेगा फैसला
आइसा के नेतृत्व में कॉलेज के छात्रों ने प्रोफेसर संजय कौशिक को ज्ञापन सौंपा है। शनिवार को पूरे मामले को लेकर पीयू में एक आवश्यक मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग के बाद पता चलेगा कि छात्र पेपर दे पाएंगे या नहीं।
किस आधार पर दी गई एडमिशन
आइसा के यूटी अध्यक्ष अमन रतिया ने कहा कि जब कॉलेज एफिलिएटेड ही नहीं था, तो उनसे बीबीए और बीसीए में प्रवेश के लिए किस आधार पर 21,900 रुपये जमा करवा लिए गए। प्रिंसिपल के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
शुक्रवार को मामला उस समय गरमा गया, जब छात्र रोल नंबर लेने पहुंचे तो कॉलेज प्रशासन ने रोल नंबर देने से साफ मना कर दिया। कॉलेज प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए छात्रों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। वहीं, कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई ठोस आश्वासन न मिलने के बाद आइसा अध्यक्ष अमन रतिया की अगुवाई में छात्र पंजाब यूनिवर्सिटी पहुंच गए। आइसा पीयू अध्यक्ष विजय कुमार ने डीसीडीसी संजय कौशिक से बात की तो सारा मामला सामने आया। उन्होंने छात्रों को बताया कि कॉलेज के प्रिंसिपल ने बीबीए और बीसीए के लिए एफिलिएशन नहीं ली है। कॉलेज सिर्फ बीएससी कोर्स के लिए ही एफिलिएटेड है।
विज्ञापन
गलती की सजा भुगत रहे छात्र
आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि प्रिंसिपल कॉलेज के मुखिया होते हैं। कॉलेज की सारी जिम्मेदारी उनके ऊपर होती है। विजय ने आरोप लगाया कि कॉलेज के छात्रों के भविष्य को खतरे में डाला गया है। यह तब है, जब छात्रों से लाखों रुपये प्रवेश के नाम पर लिए गए हैं। हम छात्रों के साथ किसी प्रकार का कोई अन्याय नहीं होने देंगे। अगर छात्रों को रोल नंबर नहीं मिला तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
विज्ञापन
पीयू आज लेगा फैसला
आइसा के नेतृत्व में कॉलेज के छात्रों ने प्रोफेसर संजय कौशिक को ज्ञापन सौंपा है। शनिवार को पूरे मामले को लेकर पीयू में एक आवश्यक मीटिंग बुलाई गई है। इस मीटिंग के बाद पता चलेगा कि छात्र पेपर दे पाएंगे या नहीं।
किस आधार पर दी गई एडमिशन
आइसा के यूटी अध्यक्ष अमन रतिया ने कहा कि जब कॉलेज एफिलिएटेड ही नहीं था, तो उनसे बीबीए और बीसीए में प्रवेश के लिए किस आधार पर 21,900 रुपये जमा करवा लिए गए। प्रिंसिपल के ऊपर कार्रवाई होनी चाहिए।