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सीबीएसई एग्जामः छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों की हो रही काउंसलिंग, आप भी लीजिए टिप्स
Tue, 11 Feb 2020 11:25 AM IST
खुशबू गोयल
कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
कविता बिश्नोई, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 11 Feb 2020 11:25 AM IST
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काउंसलर सुनीता कपूर
- फोटो : अमर उजाला
‘मैम मेरे मां-पापा मुझे एग्जाम को लेकर परेशान कर रहे हैं। हर दूसरे दिन मुझे बोला जाता है, तुझे आईआईटी छोड़ आईटीआई में भी एडमिशन नहीं मिलेगा। मुझे हर समय चिंता रहती है, कहीं मैं सच में पीछे न रह जाऊं।’ जीएमएचएस-22सी की काउंसलर सुनीता कपूर को एकल महीने पहले कॉल कर एक बच्चे ने अपनी परेशानी बताई।
सुनीता ने बताया कि एग्जाम के समय में सबसे ज्यादा प्रेशर बच्चों पर उनके परिजनों का होता हैं। उनके माता-पिता हर समय अपने बच्चों की तुलना टॉपर्स से करते रहते हैं। ऐसे में हम पहले परिजनों की काउंसलिंग करते हैं, उसके बाद बच्चे से बात करते हैं। शिक्षा विभाग की ओर से नियुक्त काउंसलर सुनीता कपूर ने बताया कि उन्हें हर रोज 10-12 कॉल्स आ रही हैं।
ज्यादातर बच्चे बोर्ड की परीक्षा से कम बल्कि उसके बाद 11वीं में कौन सा विषय लें, आईआईटी के लिए कोचिंग कहां से लें, गणित और विज्ञान में अच्छा स्कोर कैसे करें जैसे प्रश्न पूछ रहे हैं। परिजन बच्चों का दसवीं से ही आईआईटी और पीएमटी का टारगेट फिक्स कर देते हैं। ऐसी परिस्थिति में बच्चा बोर्ड एग्जाम पर फोकस नहीं कर पाता।
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इन केसों में हम पहले परिजनों से बात करके उनकी काउंसलिंग करते हैं। उसके बाद बच्चे से बात करकेउसकी समस्या के अनुसार उसका शेड्यूल बनाकर दे रहे हैं।
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सुनीता ने बताया कि एग्जाम के समय में सबसे ज्यादा प्रेशर बच्चों पर उनके परिजनों का होता हैं। उनके माता-पिता हर समय अपने बच्चों की तुलना टॉपर्स से करते रहते हैं। ऐसे में हम पहले परिजनों की काउंसलिंग करते हैं, उसके बाद बच्चे से बात करते हैं। शिक्षा विभाग की ओर से नियुक्त काउंसलर सुनीता कपूर ने बताया कि उन्हें हर रोज 10-12 कॉल्स आ रही हैं।
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ज्यादातर बच्चे बोर्ड की परीक्षा से कम बल्कि उसके बाद 11वीं में कौन सा विषय लें, आईआईटी के लिए कोचिंग कहां से लें, गणित और विज्ञान में अच्छा स्कोर कैसे करें जैसे प्रश्न पूछ रहे हैं। परिजन बच्चों का दसवीं से ही आईआईटी और पीएमटी का टारगेट फिक्स कर देते हैं। ऐसी परिस्थिति में बच्चा बोर्ड एग्जाम पर फोकस नहीं कर पाता।
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इन केसों में हम पहले परिजनों से बात करके उनकी काउंसलिंग करते हैं। उसके बाद बच्चे से बात करकेउसकी समस्या के अनुसार उसका शेड्यूल बनाकर दे रहे हैं।
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मेरा बेटा इंटरनेट बहुत इस्तेमाल करता है : माता
सुनीता ने बताया जीरकपुर निवासी दसवीं के एक छात्र की माता का फोन आया कि मेरा बेटा इंटरनेट बहुत इस्तेमाल करता है। माता गृहणी है। काउंसलिंग के दौरान पता चला कि बच्चे की माता भी ज्यादातर फ्री समय में इंटरनेट का ही इस्तेमाल करती हैं। ऐसे केस में हमने पहले माता को कम से कम इंटरनेट और सोशल मीडिया का प्रयोग करने के लिए कहा। साथ ही सुझाव दिया कि जब भी बच्चे को पढ़ाई से संबंधित काम करने के लिए इंटरनेट दो तो उनके साथ बैठो। खुद के साथ बच्चों का सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कंट्रोल करो।
परिजनों के लिए टिप्स
1. परीक्षा के समय में बच्चों को खाने में हल्का और स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन दें।
2. रात को सोने से पहले बच्चों के साथ छोटा वॉक पर जाएं।
3. वॉक के समय उनसे बातचीत करें, उनकी परेशानियों के बारे में जानने की कोशिश करें।
4. बच्चों की दूसरों से तुलना करने की बजाय उन्हें मोटिवेट करें।
5. बच्चों के साथ मिलकर उनका शेडयूल बनाएं और उसके अनुसार परीक्षा की तैयारी करने में मदद करें।
6. बच्चे ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इसके साथ उनकी नींद का भी ध्यान रखें।
7. बच्चों को सुबह के समय वॉक या हल्का योगाभ्यास करवाएं।
परिजनों के लिए टिप्स
1. परीक्षा के समय में बच्चों को खाने में हल्का और स्वास्थ्यवर्द्धक भोजन दें।
2. रात को सोने से पहले बच्चों के साथ छोटा वॉक पर जाएं।
3. वॉक के समय उनसे बातचीत करें, उनकी परेशानियों के बारे में जानने की कोशिश करें।
4. बच्चों की दूसरों से तुलना करने की बजाय उन्हें मोटिवेट करें।
5. बच्चों के साथ मिलकर उनका शेडयूल बनाएं और उसके अनुसार परीक्षा की तैयारी करने में मदद करें।
6. बच्चे ज्यादा से ज्यादा पानी पीएं। इसके साथ उनकी नींद का भी ध्यान रखें।
7. बच्चों को सुबह के समय वॉक या हल्का योगाभ्यास करवाएं।