गर्माया फीस माफी का मुद्दा, पीयू में पांच घंटे हंगामा, वीसी आवास घेरा, डीएसडब्ल्यू से नोकझोंक
- पहले एडमिन ब्लॉक पर किया प्रदर्शन, अधिकारी नहीं आए तब आवास की ओर गए
- आइसा चंडीगढ़ अध्यक्ष अमन रतिया, पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी ने संभाला प्रदर्शन का नेतृत्व
- पुलिस ने अधिकारियों के साथ छात्रों की कराई बैठक पर नतीजा नहीं निकल सका
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फीस माफी को लेकर पीयू में हंगामे पर हंगामा होता जा रहा है। मंगलवार को आठ से अधिक छात्र संगठनों ने मिलकर पीयू के एडमिन ब्लॉक पर 5 घंटे प्रदर्शन किया। उसके बाद पीयू वीसी का आवास घेरा। वहां बैरियर पार करने की कोशिश की लेकिन छात्रों के प्रयास विफल रहे। बड़ी संख्या में पुलिस मौजूद रही। छात्रों ने संघ और भाजपा को निशाने पर लेते हुए नारेबाजी की।
सभी फोटो- अजय वर्मा (अमर उजाला)
शाम को छात्रों के साथ बैठक हुई लेकिन अधिकारी अपनी बात पर कायम रहे। कहा कि फीस पूरी माफ नहीं कर सकते, रियायत दी जा सकती हैं। इस मौके पर छात्रों ने डीएसडब्ल्यू के साथ नोकझोंक भी की। बैठक के बाद छात्रों ने फिर प्रदर्शन किया लेकिन छात्रों ने भी फिर मांग को दूसरा रूप दे दिया। कहा कि फीस जमा करने की तिथि दस दिन बढ़ाएं। पीयू प्रशासन ने इस पर आश्वासन दिया और प्रदर्शन खत्म हो गया।
इस तरह आगे बढ़ा प्रदर्शन
आइसा, पीएसयू ललकार, एएसए, सोई, सोपू, इनसो, पुसू, एसएफएस, पीयूसीएससी आदि छात्र संगठनों के कार्यकर्ता दिन में 11 बजे एडमिन ब्लॉक पर एकत्रित हुए। यहां एडमिन ब्लॉक के मुख्य द्वार को बैरिकेड किया गया था। छात्रों ने नारेबाजी के साथ प्रदर्शन किया। आइसा चंडीगढ़ अध्यक्ष अमन रतिया, पीयूसीएससी अध्यक्ष चेतन चौधरी आदि ने प्रदर्शन का नेतृत्व संभाला। उसके बाद प्रदर्शन को आगे बढ़ाया और एडमिन ब्लॉक में घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने ऐसा नहीं होने दिया।
काफी देर तक यहां प्रदर्शन चला लेकिन कोई भी अधिकारी उनकी बात सुनने नहीं पहुंचा तो छात्र वीसी आवास की ओर चल दिए। पुलिस ने भी अपना दांव बदल दिया और वीसी आवास के पास जाकर बैरिकेड कर दिया। छात्रों ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की। वीसी आवास के दूसरे गेट से घुसने की कोशिश की। इसी दौरान डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर व प्रो. सुखबीर कौर पहुंची।
अधिकारियों ने कहा कि कुछ छात्र उनके पास आकर समस्याएं बताएं लेकिन छात्रों ने कहा कि धरनास्थल पर अधिकारी आएं। अधिकारी पहुंचे भी, लेकिन छात्रों ने डीएसडब्ल्यू के साथ नोकझोंक की। छात्रों ने उन्हें कहा कि वह यहां से चले जाएं। उसके बाद अधिकारी चले गए। महिला डीएसडब्ल्यू ने छात्रों से ज्ञापन लिया था, उस ज्ञापन को उन्होंने फेंक दिया। क्योंकि उनका आरोप था कि छात्रों ने उनके साथ सही से बात नहीं की। इस दौरान हंगामा हो जाता लेकिन बाद में एक वार्डन ने जमीन पर पड़े ज्ञापन को उठाया और अधिकारियों को दिया।
पुलिस ने पीयू के अफसरों से कहा, क्या हमारे कपड़े फड़वाना चाहते हैं
मामला लगातार बढ़ता जा रहा था। पुलिस ने अधिकारियों से कहा कि वह आएं छात्रों की बात सुनें। एक पुलिस वाले ने तो यह भी कहा कि क्या अधिकारी पुलिस के कपड़े फड़वाना चाहते हैं। उसके बाद पुलिस ने पीयू के अधिकारियों को तैयार किया और छात्रों के साथ बैठक करवाई। छात्रों ने फीस माफी की मांग की लेकिन पीयू ने कहा कि वह पूरी फीस माफ नहीं कर सकते। छात्र फिर वीसी आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने कहा कि फीस जमा करने की तिथि पीयू प्रशासन दस दिन बढ़ाए। इस पर पीयू प्रशासन ने आश्वासन दिया तो छात्रों ने धरना खत्म कर दिया।
छात्रों के निशाने पर संघ और भाजपा
छात्रों ने फीस माफी को लेकर प्रदर्शन शुरू किया था लेकिन इसकी धारा मुड़ गई। संघ और भाजपा को निशाने पर लिया गया। उनके खिलाफ नारेबाजी की गई। डीएसडब्ल्यू छात्रों की बात सुनने आए थे लेकिन उन्हें भी संघी डीएसडब्ल्यू कहा गया। कहा कि डीएसडब्ल्यू बने हैं तो इस पद का आनंद भी उठाएं। कई अन्य बातें भी कहीं गईं। इसको लेकर अधिकारियों ने रोष भी जताया।

