फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Student Leaders Of ABVP entered VC's office For fulfill their demands

सुरक्षा घेरा तोड़ वीसी गैलरी तक पहुंचे एबीवीपी के छात्र नेता, हंगामे के बाद सभी मांगे मानी गईं

Thu, 01 Aug 2019 01:40 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Thu, 01 Aug 2019 01:40 AM IST
विज्ञापन
Student Leaders Of ABVP entered VC's office For fulfill their demands
एबीवीपी ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

लगातार तीन दिन से प्रदर्शन कर रहे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र नेताओं के सब्र का बांध बुधवार को टूट पड़ा। सभी छात्र वीसी कार्यालय का सुरक्षा घेरा तोड़कर अंदर जा पहुंचे। कोई छात्र गेट के ऊपर से कूदा तो कोई सुरक्षा गार्डों से हाथापाई करते हुए अंदर गया। इस दौरान गमले आदि की भी तोड़फोड़ की गई।

विज्ञापन


इसके बाद छात्र उस स्थल पर प्रदर्शन करने लगे जहां तक जाना प्रतिबंधित था। दिन भर प्रोटेस्ट चला। छात्रों को मनाने की कोशिश की गई लेकिन देर शाम तक वह नहीं माने। छात्रों ने एलान कर दिया कि समस्या निस्तारण के लिए पीयू प्रशासन समय निर्धारित करे, उसके बाद ही प्रोटेस्ट खत्म किया जाएगा। 
विज्ञापन


डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर पहुंचे लेकिन उनकी बात भी छात्रों ने नहीं मानी। छात्रों का बढ़ता आंदोलन देखकर पीयू प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा और सभी मांगों को तीन दिन में पूरा करने का लिखित में आश्वासन दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


यूआईईटी व अन्य विभागों की फीस कम करने, साउथ कैंपस में 24 घंटे कैंटीन खोलने, गर्ल्स हॉस्टल दस की फीस कम करने, एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक में स्टूडेंट चार्टर लागू करने, अंतिम उत्तर पुस्तिकाओं को दिखाने समेत कई मांगों को लेकर एबीवीपी के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। तीन दिन से प्रोटेस्ट चल रहा है लेकिन उनकी बातें नहीं सुनी गईं।

उसके बाद छात्र बुधवार को अचानक वीसी कार्यालय के बाहर एकत्रित हुए। नारेबाजी शुरू करते हुए वीसी के कक्ष की ओर अंदर बढ़ने लगे। सुरक्षा गार्डों ने रोकने की कोशिश की लेकिन छात्र विभिन्न रास्ते बनाते हुए वीसी गैलरी तक पहुंच गए। इस दौरान छात्र नेताओं की सुरक्षा गार्डों से नोकझोंक हुई। छात्र नेता जैसे ही अंदर पहुंचे तो पीयू प्रशासन के कान खड़े हो गए। 

उस दौरान वीसी कार्यालय में नहीं थे। सवाल यह खड़ा हो गया कि आखिर यहां तक छात्र पहुंचे कैसे। नारेबाजी शुरू हुई तो पीयू प्रशासन के अधिकारी उनकी बात सुनने पहुंचे लेकिन छात्रों ने कहा कि पहले डेट बताएं कि कब तक समस्याओं का निराकरण हो जाएगा लेकिन पीयू प्रशासन समय नहीं दे पाया। देर शाम तक छात्र प्रोटेस्ट करते रहे। 

आखिर में पीयू ने मांगें मान ली और प्रदर्शन खत्म किया गया। प्रोटेस्ट में राष्ट्रीय मंत्री हेमा ठाकुर, अंशुल शर्मा, अध्यक्ष कुलदीप पंघाल, आशीष राणा, सचिव परविंदर सिंह कटोरा, जतिंदर सिंह, कृष्ण शर्मा, रतन, सुमित सिंह, रूहल, विनोद दहिया, प्रदीप, मंदीप रमना, पारस रतन, कृष्ण श्योराण, ऋषभ श्योराण, कुदरत जोत कौर, अरुण कादयान, हरीश गुर्जर, दिव्यांश शर्मा बलराम, धवल शारदा हेमंत जैन, वृंदा ढांडा,, गौरव चौहान आदि रहे। उधर, कुछ संगठनों का आरोप है कि यह आंदोलन पहले से प्रायोजित था तभी वहां तक कार्यकर्ता पहुंचे और बातें मानी गईं।

ये मांगें हुईं पूरी
- यूआईईटी विभाग में फीस वृद्धि वापस
- दक्षिण परिसर में टक शॉप और 24 घंटे कैंटीन की स्थापना
- छात्र चार्टर लागू करना
- निर्धारित अंतिम उत्तर पुस्तिकाओं निश्चित समय अवधि में छात्रों को दिखाना
- सैफ और सीआईएल शुल्क में कमी
- परिसर में प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध
- वाटर कूलर की स्थापना
- परिसर में पानी व भोजन की नियमित जांच
- रात में एसी जोशी लाइब्रेरी में एसी की सुविधा
- पीएचडी स्कॉलर्स के लिए एकल खिड़की खोली जाएगी 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed