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पीयू: छात्र संघ चुनाव की तारीख तय नहीं, दीवारों पर दिखने लगे पोस्टर, छात्रों को लुभाने की कोशिश
Wed, 10 Jul 2019 10:38 AM IST
खुशबू गोयल
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 10 Jul 2019 10:38 AM IST
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दीवारों पर लगे छात्र नेताओं के पोस्टर
- फोटो : अमर उजाला
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अभी छात्र संघ चुनाव की तरीखें तय ही नहीं हुई हैं, लेकिन छात्र नेताओं ने पीयू, शहर और कॉलेज की दीवारों को बदरंग करना शुरू कर दिया है। छात्र नेता अभी से चुनाव प्रचार को लेकर सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने कॉलेजों की दीवारों सहित आसपास के रेलिंग, स्ट्रीट लाइट्स आदि जगहों को पोस्टर व बैनर से रंगना शुरू कर दिया। लेकिन प्रशासन इस पर कार्रवाई करने की बजाय सुस्त बैठा है।
हद कर दी छात्र नेताओं ने...
सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज के मुख्य गेट व दीवारों पर आगामी चुनाव लड़ने को तैयार छात्र नेताओं के पोस्टरों से अट गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल सेक्टर-15 और 16 के अंडरपास का भी है। यहां तो छात्र नेताओं ने हद ही कर दी है। पूरे अंडरपास को लाल रंग के पोस्टर से रंग दिया गया है।
हैरानी की बात है कि कॉलेज से जुड़े कई अधिकारी और शिक्षक इन्हीं रास्तों से रोजाना गुजरते हैं। सभी शहर की दीवारों को बदरंग करते इन पोस्टरों की बढ़ती संख्या से भलीभांति परिचित हैं, मगर कार्रवाई तो दूर अब तक कोई योजना भी तैयार नहीं की है। चुनाव कार्यक्रम आने से पहले ये हाल है तो चुनाव के दौरान स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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हद कर दी छात्र नेताओं ने...
सेक्टर-10 स्थित डीएवी कॉलेज के मुख्य गेट व दीवारों पर आगामी चुनाव लड़ने को तैयार छात्र नेताओं के पोस्टरों से अट गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल सेक्टर-15 और 16 के अंडरपास का भी है। यहां तो छात्र नेताओं ने हद ही कर दी है। पूरे अंडरपास को लाल रंग के पोस्टर से रंग दिया गया है।
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हैरानी की बात है कि कॉलेज से जुड़े कई अधिकारी और शिक्षक इन्हीं रास्तों से रोजाना गुजरते हैं। सभी शहर की दीवारों को बदरंग करते इन पोस्टरों की बढ़ती संख्या से भलीभांति परिचित हैं, मगर कार्रवाई तो दूर अब तक कोई योजना भी तैयार नहीं की है। चुनाव कार्यक्रम आने से पहले ये हाल है तो चुनाव के दौरान स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
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काउंसलिंग में हेल्प के बहाने वोट की जुगत में लगे छात्र नेता
यूनिवर्सिटी और विभिन्न कॉलेजों में प्रवेश कार्यक्रम के तहत काउंसलिंग सहित अन्य जरूरी प्रक्रियाएं जारी हैं। ऐसे में वोट का जुगाड़ करने के चलते प्रत्याशी और यूनिवर्सिटी के बाहरी छात्रों ने यूनिवर्सिटी और कॉलेजों के बाहर प्रत्याशियों के बड़े-बड़े पोस्टर लगा दिए हैं। डीएवी कॉलेज के मुख्य गेट से लेकर लगभग हर दीवार और जालियों पर पोस्टर-बैनर लगे हैं। इन सबकी जानकारी होने के बावजूद कॉलेज प्रशासन का इस पर ध्यान नहीं गया है।
जबकि लिंगदोह कमेटी के तहत चुनाव के दौरान छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों को सिर्फ 5 हजार रुपए तक खर्च करने का अधिकार दिया गया है। यह भी निर्देशित किया है कि कोई भी प्रत्याशी पोस्टर-बैनर यूनिवर्सिटी परिसर या उसके बाहर नहीं लगा सकेंगे। इसके लिए कैंपस में एक स्थान निश्चित किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर प्रत्याशी की दावेदारी निरस्त की जा सकती है।
टिकट के लिए नेताओं से सिफारिश का दौर शुरू
काउंसलिंग प्रकिया में नए छात्रों को रिझाने के लिए दमखम लगाने के बाद छात्रसंघ चुनाव उम्मीदवार प्रवेश फॉर्म भरने के नाम पर द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की मदद में जुट गए हैं। दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव के नजदीक आते देख एबीवीपी और एनएसयूआई में दावेदारों ने टिकट की जोड़तोड़ तेज कर दी है। एबीवीपी में उम्मीदवार संघ और भाजपा से टिकट के लिए प्रेशर बनवा रहे हैं, जबकि एनएसयूआई में प्रदेश संगठन और कांग्रेस के नेताओं से सिफारिश करवाई जा रही है।
जबकि लिंगदोह कमेटी के तहत चुनाव के दौरान छात्रसंघ चुनाव के प्रत्याशियों को सिर्फ 5 हजार रुपए तक खर्च करने का अधिकार दिया गया है। यह भी निर्देशित किया है कि कोई भी प्रत्याशी पोस्टर-बैनर यूनिवर्सिटी परिसर या उसके बाहर नहीं लगा सकेंगे। इसके लिए कैंपस में एक स्थान निश्चित किया जाएगा। ऐसा नहीं करने पर प्रत्याशी की दावेदारी निरस्त की जा सकती है।
टिकट के लिए नेताओं से सिफारिश का दौर शुरू
काउंसलिंग प्रकिया में नए छात्रों को रिझाने के लिए दमखम लगाने के बाद छात्रसंघ चुनाव उम्मीदवार प्रवेश फॉर्म भरने के नाम पर द्वितीय और तृतीय वर्ष के छात्रों की मदद में जुट गए हैं। दूसरी ओर छात्रसंघ चुनाव के नजदीक आते देख एबीवीपी और एनएसयूआई में दावेदारों ने टिकट की जोड़तोड़ तेज कर दी है। एबीवीपी में उम्मीदवार संघ और भाजपा से टिकट के लिए प्रेशर बनवा रहे हैं, जबकि एनएसयूआई में प्रदेश संगठन और कांग्रेस के नेताओं से सिफारिश करवाई जा रही है।