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पीयूः स्पेशल चांस व री-अपीयर के एग्जाम नवंबर में, हजारों विद्यार्थियों का भविष्य लगा दांव पर

Wed, 24 Oct 2018 02:50 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 24 Oct 2018 02:50 PM IST
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Special Chance and Reappear Exam in Punjab University Chandigarh Scheduled in November
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
पंजाब विश्वविद्यालय स्पेशल चांस वाले विद्यार्थियों के साथ ही इस बार री-अपीयर के एग्जाम भी नवंबर में कराने जा रहा है। यह एग्जाम पांचवें व छठे सेमेस्टर के हैं। इस प्रक्रिया से मान्यता प्राप्त 192 कॉलेजों के 30 हजार से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य दांव पर होगा। इसका कारण यह है कि स्टूडेंट्स दिसंबर में परीक्षाएं मानकर तैयारी कर रहे हैं। नवंबर में एग्जाम होने से उनकी परफारमेंस पर असर पड़ सकता है। कई विद्यार्थियों को इसकी जानकारी नहीं है, कुछ को लगी तो उनमें आक्रोश है। उनका कहना है कि पीयू के जिम्मेदार लोग दो बार एग्जाम कराने से बचना चाहते हैं।
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स्टूडेंट्स का कहना है कि पीयू शॉर्टकट रास्ता निकालना चाहता है। पहली बार स्नातक व परास्नातक के विद्यार्थियों को पांचवें व छठे सेमेस्टर के एग्जाम के लिए दोबारा चांस दिया गया है। इनकी संख्या दस हजार से अधिक है। यह फेल हो गए थे। इनके भविष्य को ध्यान में रखते हुए नवंबर में दोबारा एग्जाम कराया जाएगा। अब इन्हीं छात्रों के साथ री-अपीयर स्टूडेंट्स को भी जोड़ दिया। जिनकी संख्या 30 हजार के पार है। दिसंबर की जगह नवंबर में ही एग्जाम कराए जा रहे हैं जबकि इनकी तैयारी ही नहीं है।
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क्या कहते हैं विद्यार्थी
परीक्षाएं दिसंबर में होती हैं, लेकिन नवंबर में कराने की खबर मिली है। इससे रिजल्ट प्रभावित हो जाएगा।
- सिमरन, थर्ड ईयर, पीजीजीसी सेक्टर- 11

स्पेशल चांस वाले विद्यार्थियों के साथ री-अपीयर स्टूडेंट की परीक्षाएं न कराई जाएं। इसके लिए नए कदम उठाए जाएं।
- जलज, स्टूडेंट पीजीजीसी 11

पीयू एग्जाम के लिए शॉर्टकट तरीका न निकालें। हजारों छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाएगा। इस पर पुन: विचार किया जाना चाहिए।
- अमनदीप सिंह, तृतीय वर्ष, पीजीजीजीसी सेक्टर- 46

अभी विद्यार्थी एग्जाम के लिए पूरी तरह तैयार नहीं हो पाए हैं। वह दिसंबर में अपने एग्जाम मानकर तैयारी में लगे हैं। ऐसे में रिजल्ट प्रभावित होना लाजिमी है।
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- आदित्य अग्रवाल, स्टूडेंट, पीजीजीसी सेक्टर-11

क्या कहते हैं छात्र नेता
स्पेशल चांस वाले विद्यार्थियों के साथ री-अपीयर की परीक्षाएं नहीं होनी चाहिए। इससे छात्रों का बड़ा नुकसान हो जाएगा। स्टूडेंट्स अधिकारियों से मिलकर अपनी बात रखेंगे।
- अनुज सिंह, अध्यक्ष, एनएसयूआई

स्पेशल चांस वाले विद्यार्थियों के साथ री-अपीयर विद्यार्थियों के एग्जाम नहीं होने देंगे। एक माह पहले नवंबर में उनकी परीक्षा होगी तो उनका रिजल्ट बहुत प्रभावित होगा। यह मामला वीसी के सामने रखेंगे।

- विजय कुमार, अध्यक्ष आइसा

यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को नुकसान पहुंचाने के लिए नवंबर में एग्जाम करा रही है। नई व्यवस्था लागू हो तो उसकी सूचना पहले से दी जानी चाहिए थी। अब अचानक पता लग रही है। संगठन इसका विरोध कर रहा है।
- अमनदीप कौर, पंजाब स्टूडेंट्स यूनियन ललकार

स्टूडेंट्स के हित को ध्यान में रखकर ही निर्णय लिए जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर दिसंबर में भी परीक्षा कराई जाएगी। छात्रों का अहित नहीं होने देंगे।
- परमिंदर सिंह, कंट्रोलर, पीयू
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