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पीयू सीनेट: 527.83 करोड़ का बजट पास, सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर नहीं बनी सहमति

Mon, 11 Sep 2017 09:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 11 Sep 2017 09:13 AM IST
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Senate pass 527.83 crores budget for PU
- फोटो : File Photo
पीयू सीनेट की रविवार को हुई बैठक में यूनिवर्सिटी को मिलने वाला 527.83 करोड़ का बजट पास कर दिया गया। वहीं पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने पर सहमति नहीं बन पाई। इस मुद्दे को 24 सितंबर को होने वाली आगामी सीनेट में  विचार केलिए रखा गया है। सीनेट की यह मीटिंग हंगामेदार रही। इस कारण इसमें सभी मुद्दो पर सुनवाई नहीं हो पाई है। पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा देने की बात पर अधिकतर सिंडीकेट और सीनेट के सभी मेंबरों ने विरोध किया।
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सीनेट की बैठक में रविवार को वित्तीय वर्ष  2017-18 के लिए 527.83 करोड़ का बजट पेश किया गया। इसके तहत प्रबंधन की ओर से  मिलने वाला रेवेन्यू 93.03 करोड़ रुपये और एमएचआरडी की ओर से मिलने वाला 207.80 करोड़ और पंजाब सरकार की ओर से दी जाने वाली 27 करोड़ रुपये हैं। पीयू प्रबंधन की ओर से खर्च  का ब्योरा भी पेश किया गया है। इसमें कर्मचारियों के खर्च के तौर पर  437.18 करोड़ और नॉन प्लान के खर्च के रूप में 90.64 करोड़ रुपये दिखाया गया। जीरो फीसदी डेफिसिएट दिखाए जाने पर सीनेट केसदस्यों  ने वाइस चांसलर पर आरोप लगाया।  
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पीयू के वीसी अरूण कुमार ग्रोवर ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से बजट के  फर्स्ट इंस्टॉलमेंट के तहत मात्र 8.9 करोड़ रुपए ही दिए गए हैं। वर्तमान समय तक पंजाब सरकार पर 15 से 20 करोड़ रुपए का बकाया है। वहीं जहां यूजीसी से स्टॉलमेंट लेने के लिए हाईकोर्ट में मामला चल रहा है।  सितंबर माह के तीसरे सप्ताह में इस पर सुनवाई होगी। पीयू की आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने कैंपस के हरेक स्थानों पर कैमरे लगाए जाने को लेकर साफ  कहा कि इसके लिए पैसे नहीं है।
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इन मुद्दो पर नहीं हो पाया कोई फैसला

Senate pass 527.83 crores budget for PU
Punjab University VC Arun Grover Press conference - फोटो : File Photo

इन मुद्दो पर नहीं हो पाया कोई फैसला
असिस्टेंट प्रोफेसर कोमल सिंह यौन शोषण के दो मामलों में पीयू सिंडिकेट की ओर से  दोषी करार दिए जा चुके हैं। पिछले सिंडिकेट की बैठक में उन्हें नौकरी से हटाने का प्रस्ताव भी पास हो चुका है। इस मुद्दे को लेकर सीनेट में आज सुनवाई नहीं हुई है। वहीं  एसोसिएट प्रोफेसर नीलम पॉल का मामला है। जिन्होंने प्रोमोशन के लिए गलत जानकारी दी और जांच में दोषी भी पाई गई। इसकेबावजूद उन्होंने प्रबंधन को लीगल नोटिस भेजा, जो बाद में वापस ले लिया। पिछली सिनेट में नीलम पॉल को आदेश दिया था कि वे माफी मांगे, लेकिन उन्होंने सिर्फ वीसी से माफी मांगी। लीगल नोटिस की वजह से पीड़ा सहने वाले अन्य लोगों से माफी नहीं मांगी। 

सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर नहीं बन पाई सहमति
सीनेट की बैठक में जब वीसी की आरे से यह प्रस्ताव रखा गया कि पंजाब यूनिवर्सिटी को क्यों न  केंद्रीय यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने का प्रपोजल पास कर दिया जाए। इस पर सीनेट के मेंबर ने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी को केंद्रीय यूनिवर्सिटी के दर्जा नहीं मिलना चाहिए। यह यूनिवर्सिटी अपनी पहचान रखती है। इसलिए इस पर कोई गलत फैसला नहीं करना चाहिए। वहीं इस मद्दे पर सहमति नहीं बनने पर दोबारा 23 सितंबर को यह मुद्दा सिंडीकेट में रखा जाएगा।


ऑडिट रिपोर्ट पेश न करने को लेकर सवाल किए खड़े
बजट पेश करने के दौरान ऑडिट रिपोर्ट की जानकारी सीनेट के सदस्यों की ओर से मांगी गई। इसे लेकर एकाउंट डिपार्टमेंट के प्रतिनिधि की ओर से जवाब दिया गया कि एडमिन ब्लॉक में आग लगने के कारण कैशबुक और इससे संबंधित दूसरे दास्तावेज जल गए। इसके कारण सीनेट में नहीं रखा जा सका। माह के अंतिम सप्ताह तक फाइनल ऑडिट रिपोर्ट जमा करने का आश्वासन दिया गया।

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