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सेक्टर 17 चंडीगढ़ लाइब्रेरी...ज्ञान का ऐसा भंडार, जिसने भी चखा, एक मुकाम पर पहुंच गया
राखी गौतम/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 22 Jun 2018 10:28 AM IST
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सेक्टर 17 चंडीगढ़ लाइब्रेरी
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चंडीगढ़ सेक्टर-17 की पहचान टूरिस्ट प्लेस, प्लाजा और आलीशान शोरूमों से है। गूगल पर भी इसकी यही पहचान है, लेकिन इस सेक्टर के एक एरिया में किताबों का अथाह संसार मौजूद है। यह ज्ञान का ऐसा भंडार, जिसने भी चखा, वो आज मुकाम पर पहुंच गया। सेक्टर-17 स्थित टीएस सेंट्रल लाइब्रेरी में हर विषय की सैकड़ों किताबें मौजूद हैं। साल 1955 में स्थापित लाइब्रेरी में कुल 2 लाख 60 हजार किताबें मौजूद हैं। देश-विदेश के बारे में पढ़ना हो या विज्ञान के बारे में।
पॉलिटिकल साइंस में निपुण बनना हो या मनोविज्ञान के बारे में जानना हो, आईएएस की परीक्षा पास करनी हो या अन्नदाता के बारे में जानना हो। ऐसा नहीं कि सिर्फ एल्डट की किताबें हैं, बच्चों का भी एक कोना बनाया गया है। जिसमें उनकी उम्र के मुताबिक किताबें मौजूद हैं। लाइब्रेरी को कई हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से की अपनी एक खूबसूरती है। फिर देर किस बात की है। मेंबर बनिए और पहुंच जाइए किताबों के संसार में।
बच्चों का कोना
तीन से 14 साल के बच्चों के लिए अलग अंश बनाया गया है, जिसे चिल्ड्रेन लाइब्रेरी कहते हैं। इसमें कुल 20 हजार किताबें हैं। हिंदी और अंग्रेजी का अलग-अलग सेक्शन बनाया गया है। हिंदी में व्याकरण, जीवनी, कहानियां और कविताओं का भंडार है, तो अंग्रेजी में हिस्ट्री, फिक्शन, जियोग्राफी, बायोग्राफी, क्राफ्ट, साइंस, पजल, प्ले, मैथेमेटिक्स और रेफरेन्स किताबें मौजूद हैं।
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सरकुलेशन सेक्शन : इसमें कुल 1 लाख 70 हजार किताबें हैं। इसमें हिस्ट्री, बायोग्राफी, इंगलिश लिट्रेचर, मैनेजमेंट, फाइन आर्ट, होम साइंस, इंजीनियरिंग, हेल्थ एंड मेडिकल, कस्टम, लिंग्युस्टिक, सोशल साइंस, एजुकेशन, कॉमर्स, राजनीति शास्त्र, लॉ, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, फिलोसफी, साइकोलॉजी और अन्य कंपटीशन की किताबें मौजूद है। अच्छी बात यह है कि ये सारी किताबें चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और उर्दू में मौजूद हैं।
मैगजीन सेक्शन : इसमें चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और उर्दू में कुल 114 मैगजीन उपलब्ध हैं। यहां पर हर विषय से संबंधित मैगजीन मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर सर्विस लॉ, बैंकिंग, सीए, कैपिटल मार्केट, फिल्मफेयर, फेमिना, सीए हिंदी, गृहलक्ष्मी योजना व किसानों से संबंधित मैगजीन मौजूद है।
चंडीगढ़ के लेखकों का अलग स्टॉल
लाइब्रेरी की एक खास बात यह है कि यहां पर चंडीगढ़ के लेखकों की ओर से लिखित किताबों का एक अलग स्टॉल मौजूद है। अंग्रेजी में एसडी नागपाल की साफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सपना जैन की ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट और रेणुका नायर की अग्निपथ के राही सहित पंजाबी में साहिब सिंह अर्सी की विखरे पल्लां दी महक और इकबाल सिंह ढिल्लों की तुक सुनहरी जैसी किताबें मौजूद हैं।
ऐसे मिलती है रीडरशिप
लाइब्रेरी का मेंबरशिप कार्ड बहुत ही आसान तरीके से बनता है। उसके लिए सिर्फ 500 रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा करानी होती है, जो मेंबरशिप रद्द कराने के बाद वापस का प्रावधान है। मेंबर बनने के बाद किताबों को घर के लिए इश्यू करा सकते हैं। एक व्यक्ति एक समय पर दो किताबें 14 दिन के लिए इश्यू करा सकता है। जबकि सीनियर सिटीजन चार किताबें। री इश्यू कराना हो तो फोन पर हो सकता है। समय पर किताबें वापस नहीं करने की स्थिति पर रोजाना एक रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। कई तरह की सीडी उपलब्ध हैं, जिनका अलग चार्ज है।
पहले लोगों को लाइब्रेरी के बारे में जानकारी नहीं थी। हम लोगों ने सेक्टरों और स्लम एरिया में जाकर लोगों को जागरूक किया और उसके बाद लोगों का आना शुरू हुआ। अब तो यहां रोजाना चार हजार लोग आते हैं, जबकि 50 हजार मेंबर हैं।
- अंजू गुप्ता, लाइब्रेरी इंचार्ज
लोगों को लाइब्रेरी जरूर आना चाहिए। यहां पर कई ऐसे स्टूडेंट हैं, जो आईएएस की तैयार कर रहे हैं, वे अपना काफी समय लाइब्रेरी में बितातें हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को लाइब्रेरी में जरूर लेकर आएं और उनमें पढ़ने की आदत विकसित करें।
- गोविंदर, लाइब्रेरियन, सेक्टर 17
मैं एसएससी की तैयारी कर रहा हूं। पिछले एक साल से रोजाना आ रहा हूं। यहां को जो माहौल है, वो काफी प्रेरित करता है। लाइब्रेरी का स्टाफ काफी सहयोग करता है।
- दिलप्रीत, स्टूडेंट चंडीगढ़
मैं दो महीने से आ रही हूं। यहां तो किताबें ही किताबें हैं। मैं सिविल सर्विस की तैयारी कर रहीं हूं। यहां पर कंपटीशन की लगभग सारी किताबें मौजूद हैं।
- नवलीन, स्टूडेंट चंडीगढ़
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पॉलिटिकल साइंस में निपुण बनना हो या मनोविज्ञान के बारे में जानना हो, आईएएस की परीक्षा पास करनी हो या अन्नदाता के बारे में जानना हो। ऐसा नहीं कि सिर्फ एल्डट की किताबें हैं, बच्चों का भी एक कोना बनाया गया है। जिसमें उनकी उम्र के मुताबिक किताबें मौजूद हैं। लाइब्रेरी को कई हिस्सों में बांटा गया है। हर हिस्से की अपनी एक खूबसूरती है। फिर देर किस बात की है। मेंबर बनिए और पहुंच जाइए किताबों के संसार में।
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बच्चों का कोना
तीन से 14 साल के बच्चों के लिए अलग अंश बनाया गया है, जिसे चिल्ड्रेन लाइब्रेरी कहते हैं। इसमें कुल 20 हजार किताबें हैं। हिंदी और अंग्रेजी का अलग-अलग सेक्शन बनाया गया है। हिंदी में व्याकरण, जीवनी, कहानियां और कविताओं का भंडार है, तो अंग्रेजी में हिस्ट्री, फिक्शन, जियोग्राफी, बायोग्राफी, क्राफ्ट, साइंस, पजल, प्ले, मैथेमेटिक्स और रेफरेन्स किताबें मौजूद हैं।
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सरकुलेशन सेक्शन : इसमें कुल 1 लाख 70 हजार किताबें हैं। इसमें हिस्ट्री, बायोग्राफी, इंगलिश लिट्रेचर, मैनेजमेंट, फाइन आर्ट, होम साइंस, इंजीनियरिंग, हेल्थ एंड मेडिकल, कस्टम, लिंग्युस्टिक, सोशल साइंस, एजुकेशन, कॉमर्स, राजनीति शास्त्र, लॉ, पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, फिलोसफी, साइकोलॉजी और अन्य कंपटीशन की किताबें मौजूद है। अच्छी बात यह है कि ये सारी किताबें चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और उर्दू में मौजूद हैं।
मैगजीन सेक्शन : इसमें चार भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, पंजाबी और उर्दू में कुल 114 मैगजीन उपलब्ध हैं। यहां पर हर विषय से संबंधित मैगजीन मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर सर्विस लॉ, बैंकिंग, सीए, कैपिटल मार्केट, फिल्मफेयर, फेमिना, सीए हिंदी, गृहलक्ष्मी योजना व किसानों से संबंधित मैगजीन मौजूद है।
चंडीगढ़ के लेखकों का अलग स्टॉल
लाइब्रेरी की एक खास बात यह है कि यहां पर चंडीगढ़ के लेखकों की ओर से लिखित किताबों का एक अलग स्टॉल मौजूद है। अंग्रेजी में एसडी नागपाल की साफ्टवेयर इंजीनियरिंग, सपना जैन की ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट और रेणुका नायर की अग्निपथ के राही सहित पंजाबी में साहिब सिंह अर्सी की विखरे पल्लां दी महक और इकबाल सिंह ढिल्लों की तुक सुनहरी जैसी किताबें मौजूद हैं।
ऐसे मिलती है रीडरशिप
लाइब्रेरी का मेंबरशिप कार्ड बहुत ही आसान तरीके से बनता है। उसके लिए सिर्फ 500 रुपये की सिक्योरिटी मनी जमा करानी होती है, जो मेंबरशिप रद्द कराने के बाद वापस का प्रावधान है। मेंबर बनने के बाद किताबों को घर के लिए इश्यू करा सकते हैं। एक व्यक्ति एक समय पर दो किताबें 14 दिन के लिए इश्यू करा सकता है। जबकि सीनियर सिटीजन चार किताबें। री इश्यू कराना हो तो फोन पर हो सकता है। समय पर किताबें वापस नहीं करने की स्थिति पर रोजाना एक रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। कई तरह की सीडी उपलब्ध हैं, जिनका अलग चार्ज है।
पहले लोगों को लाइब्रेरी के बारे में जानकारी नहीं थी। हम लोगों ने सेक्टरों और स्लम एरिया में जाकर लोगों को जागरूक किया और उसके बाद लोगों का आना शुरू हुआ। अब तो यहां रोजाना चार हजार लोग आते हैं, जबकि 50 हजार मेंबर हैं।
- अंजू गुप्ता, लाइब्रेरी इंचार्ज
लोगों को लाइब्रेरी जरूर आना चाहिए। यहां पर कई ऐसे स्टूडेंट हैं, जो आईएएस की तैयार कर रहे हैं, वे अपना काफी समय लाइब्रेरी में बितातें हैं। अभिभावकों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को लाइब्रेरी में जरूर लेकर आएं और उनमें पढ़ने की आदत विकसित करें।
- गोविंदर, लाइब्रेरियन, सेक्टर 17
मैं एसएससी की तैयारी कर रहा हूं। पिछले एक साल से रोजाना आ रहा हूं। यहां को जो माहौल है, वो काफी प्रेरित करता है। लाइब्रेरी का स्टाफ काफी सहयोग करता है।
- दिलप्रीत, स्टूडेंट चंडीगढ़
मैं दो महीने से आ रही हूं। यहां तो किताबें ही किताबें हैं। मैं सिविल सर्विस की तैयारी कर रहीं हूं। यहां पर कंपटीशन की लगभग सारी किताबें मौजूद हैं।
- नवलीन, स्टूडेंट चंडीगढ़