{"_id":"60d5f6858ebc3eba703a3ef8","slug":"sanskrit-department-of-panjab-university-will-start-karmkand-course-soon","type":"story","status":"publish","title_hn":"बढ़ती रूचि का असर: पंजाब विश्वविद्यालय शुरू करेगा कर्मकांड कोर्स, सेना में भी इसकी मांग, फैकल्टी की तलाश","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
बढ़ती रूचि का असर: पंजाब विश्वविद्यालय शुरू करेगा कर्मकांड कोर्स, सेना में भी इसकी मांग, फैकल्टी की तलाश
Fri, 25 Jun 2021 09:10 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 25 Jun 2021 09:10 PM IST
सार
बढ़ती रुचि का असर है कि पंजाब विश्वविद्यालय अब कर्मकांड कोर्स शुरू करने जा रहा है। इस कोर्स को करने वालों की मांग सेना में भी है। संस्कृत विभाग अब फैकल्टी की व्यवस्था में जुटा है। फैकल्टी मिलने के बाद कोर्स को जल्द ही शुरू किया जाएगा। यह एक सर्टिफिकेट कोर्स होगा।
विज्ञापन
पंजाब विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग कर्मकांड में सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की योजना बना रहा है। इस कोर्स की मांग बढ़ते देख विभाग ने भी तैयारी की है। विभाग पहले इसके लिए फैकल्टी की व्यवस्था में जुटा है। व्यवस्था होने के बाद यह कोर्स शुरू होगा। आर्मी में धर्म शिक्षकों की तैनाती होगी। इसके लिए कर्मकांड आदि में पढ़ाई मांगते हैं। लगातार इनकी मांग को देखते हुए संस्कृत विभाग कर्मकांड का कोर्स शुरू करेगा।
विज्ञापन
विभाग का मानना है कि शुरुआत में इस कोर्स के लिए 20 सीटें रखी जा सकती हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए उन्हें आवेदन भी ठीकठाक मिलने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर विभाग मे केवल एक ही प्रोफेसर हैं। ऐसे में विभाग को शिक्षकों की आवश्यकता है। संकाय की तैनाती हो तभी यह कोर्स दौड़ लगा पाएगा।
विज्ञापन
अभी फिलहाल शोधार्थियों के जरिए कार्य चलाया जा रहा है। विभाग परास्नातक की पढ़ाई के अलावा वैदिक स्टडीज में कोर्स करवा रहा है। एक अन्य कोर्स भी यहां संचालित है। विभागाध्यक्ष प्रो. वीके अलंकार कहते हैं कि कर्मकांड कोर्स संचालन की तैयारी कर रहे हैं। उससे पहले संकाय की तैनाती होना जरूरी है। यह योजना उच्च अधिकारियों को बताएंगे।
विज्ञापन