फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Review of Student Council Elections in Chandigarh Colleges

चंडीगढ़ के 12 कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव, जहां सबसे कम उम्मीदवार वहां सबसे ज्यादा वोटिंग

Sat, 07 Sep 2019 10:56 AM IST
खुशबू गोयल रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 07 Sep 2019 10:56 AM IST
विज्ञापन
Review of Student Council Elections in Chandigarh Colleges
पंजाब यूनिवर्सिटी में जश्न - फोटो : अमर उजाला
चंडीगढ़ के 12 कॉलेजों में हुए छात्र संघ चुनावों में इस बार वोटिंग प्रतिशत कुछ कॉलेजों में कम हुआ तो कुछ में बढ़ोतरी हुई है। पीजीजीसी-11 में प्रेसिडेंट पद पर खड़े उम्मीदवारों के लिए बंपर वोटिंग हुई है। कॉलेज की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक इस बार कुल 71 प्रतिशत वोटिंग हुई है। पिछली बार यह आंकड़ा 66 प्रतिशत था। शहर के किसी भी अन्य कॉलेज का मतदान प्रतिशत इतना अधिक नहीं है। सबसे कम वोटिंग सेक्टर-36ए स्थित एमसीएम कालेज फॉर वुमेन में हुई है। 7 प्रेसिडेंट के लिए सिर्फ 24.19 प्रतिशत वोटिंग हुई है।
विज्ञापन


छात्रसंघ चुनाव में इस बार एसडी कॉलेज का वोट प्रतिशत 10 प्रतिशत घट गया। कॉलेज में इस बार मात्र 34 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि वर्ष 2018 में 44 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। वहीं पीजीजीसी सेक्टर 46 कॉलेज का वोटिंग प्रतिशत इस बार बढ़ गया। पिछली बार कॉलेज में जहां 44.84 प्रतिशत वोटिंग हुई थी, वहीं इस बार कॉलेज में 52.56 प्रतिशत वोटिंग हुई है। डीएवी कालेज में इस बार 48 फीसदी वोटिंग हुई है, जो पिछले साल 40.66 प्रतिशत रहा था। एसजीजीएस-26 में वोटिंग प्रतिशत 8 प्रतिशत कम हुआ है।
विज्ञापन


लड़कियों के कालेज जीसीजी-11 और जीसीजी-42 में वोटिंग प्रतिशत बढ़ा है। इससे साफ जाहिर होता है कि छात्र संघ चुनावों में बीते सालों की तुलना में इस साल रूची बढ़ी है। पीजीजीसी सेक्टर-46 कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात और चुनाव में रिटर्निंग ऑफिसर गोविंद चंद्रा शेट्टी ने बताया कि इस बार वोटिंग प्रतिशत बढ़ने से काफी खुशी हुई है। स्टूडेंट्स अब चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लेने के लिए आगे आ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

कम वोटिंग के पीछे स्टूडेंट्स ने दिए यह तर्क

शहर के लगभग प्रत्येक कॉलेज में चार हजार से सात हजार तक स्टूडेंट्स पढ़ते हैं, लेकिन छात्रसंघ चुनावों में हर कॉलेज से सिर्फ दो से तीन हजार स्टूडेंट्स ही वोट करते हैं। इसमें भी लड़कियों की हिस्सेदारी काफी कम होती है। इस बारे में जब कॉलेज के छात्रों से बात की गई तो कई कारण सामने निकल कर आए।

कई छात्रों ने कहा कि कोई भी कॉलेज खुद पूरे मन से चुनाव का आयोजन नहीं करता। कई बार ऐसा देखने को मिला है कि टीचर खुद क्लासरूम में चुनाव को समय बर्बाद बता कर इससे दूर रहने को कहते हैं। फ्रेशर स्टूडेंट्स को जैसा बताया जाता है, वह वैसा ही करते हैं इसलिए वह वोट देने नहीं पहुंचते। छात्रों ने कहा, कॉलेजों को चुनाव एक त्योहार की तरह कराना चाहिए, इससे वोट प्रतिशत में इजाफा हो सकता है।

कॉलेज--------------कुल वोटर-------पोलिंग स्टेशन-----वोट प्रतिशत (2019)-----(2018)
पीजीजीसी-11---------4967------------21-------------------71---------------66
पीजीजीसी-46---------2440------------10-----------------52.56-----------44.84
एसडी कालेज-26------6998------------47------------------34--------------44
डीएवी-10-------------7500------------26------------------48------------40.66
एसजीजीएस-26--------6740-----------31-----------------44.62------------52
जीसीजी-11------------4200-----------10------------------39.7-----------33.33
जीसीजी-42------------3800------------8-------------------48------------42.89
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed