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देश भर के 50 शिक्षण संस्थानों की लाइब्रेरी वेबसाइट पर रिसर्च, कई चौंकाने वाले परिणाम आए सामने

Thu, 01 Aug 2019 12:39 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 01 Aug 2019 12:39 PM IST
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research on 50 educational institutes library Website by Senior Librarian Shalini
डॉ. शालिनी वासन - फोटो : फाइल फोटो
किसी भी शिक्षण संस्था का बड़ा रिसॉर्स सेंटर लाइब्रेरी होता है, मगर इस पर शिक्षण संस्थान ध्यान ही नहीं दे रहे। सरकार भी इसको लेकर गंभीर नहीं है। शिक्षण संस्थानों की वेबसाइट के लिए गाइड लाइन बनी हैं, लेकिन लाइब्रेरी की वेबसाइट के वैल्यूएशन के लिए कोई नियम कायदे नहीं हैं। इस वजह से स्टूडेंट को लाइब्रेरी की समुचित जानकारी नहीं मिल पाती।
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देश के 50 बेहतर शिक्षण संस्थानों की लाइब्रेरी वेबसाइट पर चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी यानी सीसीईटी में सीनियर लाइब्रेरियन के पद पर तैनाती डॉ. शालिनी वासन ने तीन साल तक रिसर्च किया। उन्हें तमाम कठिनाइयों से गुजरना पड़ा, लेकिन रिसर्च के बाद परिणाम चौंकाने वाले आए हैं।
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यदि केंद्र सरकार या यूजीसी लाइब्रेरी की वेबसाइट के गाइड लाइन तैयार करेगी तो युवा शक्ति को बड़ा लाभ मिलेगा। उन्होंने केंद्र सरकार को भेजने के लिए भी एक प्रोजेक्ट तैयार किया है।
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पीयू के डिपार्टमेंट ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफोर्मेशन साइंस से डॉ. शालिनी वासन ने पीएचडी की है। उन्होंने अपनी रिसर्च में संस्थानों की लाइब्रेरी का अध्ययन किया। रिसर्च में देखा कि लाइब्रेरी की वेबसाइट अपडेट नहीं हैं। लाइब्रेरियन को डिजाइनिंग का संपूर्ण ज्ञान नहीं, उन्हें इसके लिए ट्रेनिंग नहीं दी गई है। इन संस्थानों के पास आईटी एक्सपर्ट नहीं हैं।

लाइब्रेरी वेबसाइट के लिए हर संस्थान के अलग-अलग पैरामीटर हैं, जो सरकार के बनाए हुए नहीं हैं। कुछ लाइब्रेरी की वेबसाइट दो तो कुछ की दस पेज की मिली है, लेकिन उनमें स्टूडेंट्स के लिए संपूर्ण ज्ञान नहीं मिला। भरथीयार यूनिवर्सिटी कोयंबटूर की लाइब्रेरी की वेबसाइट महज एक पेज की है।

वहीं गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर की लाइब्रेरी की वेबसाइट दो, कल्याणी यूनिवर्सिटी कोलकाता लाइब्रेरी की वेबसाइट दस पेज व बुर्दवान यूनिवर्सिटी की लाइब्रेरी की वेबसाइट दस पेज की है। रिसर्च में रिजल्ट यह भी निकले हैं कि कुछ प्राइवेट विश्वविद्यालय लाइब्रेरी की वेबसाइट पर जरूर ध्यान दे रहे हैं।

रैंकिंग में मिलना चाहिए स्थान

लाइब्रेरी की वेबसाइट को रैंकिंग में अधिक महत्व नहीं दिया गया है। इसी कारण शिक्षण संस्थान अपनी मुख्य वेबसाइट को अपडेट नहीं करते हैं। स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल लाइब्रेरी की वेबसाइट की रैंकिंग जारी करती है, लेकिन इंडिया में ऐसी व्यवस्था नहीं है। रिसर्च के जरिये सरकार को यह भी सुझाव दिया गया है कि इस पर काम किया जाना चाहिए।

इन रिसर्च एंड टेक्नीकल इंस्टीट्यूट की वेबसाइट कुछ ठीक हैं
- आईएसबी हैदराबाद
- आईआईटी कानपुर
- एनआईटी राउरकेला
- आईआईटी बांबे
- थापर यूनिवर्सिटी

इन विश्वविद्यालयों की लाइब्रेरी की वेबसाइट ठीक मिली
- वीआईटी यूनिवर्सिटी
- मनीपाल यूनिवर्सिटी
- अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
- जेएनयू दिल्ली
- एमिटी यूनिवर्सिटी

50 शिक्षण संस्थानों की लाइब्रेरी वेबसाइट पर रिसर्च किया तो पता चला कि उस पर संस्थान ध्यान ही नहीं दे रहे हैं। इसके लिए कोई गाइड लाइन नहीं बनी है। वेबसाइट अपडेट नहीं है। इस पर ध्यान दिया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को इसके लिए प्रस्ताव भेजा जा रहा है।
- डॉ. शालिनी वासन, सीनियर लाइब्रेरियन, सीसीईटी

 
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