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वीसी को भेजे गए चुनाव आयोग के नोटिस का दिया गया जवाब, लिखा- पीयू का इसमें कोई रोल नहीं है
Tue, 14 May 2019 01:49 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 14 May 2019 01:49 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी को निर्वाचन आयोग की ओर से दोबारा जारी नोटिस के जवाब में पीयू ने कार्यक्रम में अपना कोई रोल होने से साफ मना कर दिया है। रजिस्ट्रार करमजीत सिंह की ओर से जवाब में कहा गया है कि जो प्रोग्राम 8 मई को यूनिवर्सिटी में फोरम फॉर अवेयरनेस आफ नेशनल सिक्योरटी फैंस की ओर से कार्यक्रम आयोजित किया गया था उससे यूनिवर्सिटी को कोई लेना देना नहीं था।
न ही यूनिवर्सिटी की ओर से ऐसी कोई इजाजत दी गई थी। यहां केवल आंतरिक सुरक्षा पर कॉन्फ्रेंस के लिए इजाजत दी गई थी, जो पूरी तरह से शैक्षिक एक्टीविटी है। पीयू की ओर से आयोग को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि आंतरिक सुरक्षा पर हुई इस कॉन्फ्रेंस को आयोजित करने में फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरटी फैंस ने बाकायदा फीस अदा की गई थी। नियम के अनुसार गोल्डन जुबली हॉल दे दिया गया था।
रजिस्ट्रार के जवाब में कहा गया है कि फैंस को भी न्यूज रिपोर्टों के आधार पर स्पष्टीकरण भेजने को कहा गया है। जवाब में कहा गया है कि आगे से किसी को भी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद अगर पंजाब यूनिवर्सिटी में हॉल दिया जाएगा तो उससे यह अंडरटेकिंग ली जाएगी कि इस हॉल का इस्तेमाल राजनीतिक पर्पज के लिए नहीं होगा। फिर चाहे यह अकादमिक प्रोग्राम ही क्यों न हो। इस सारे स्पष्टीकरण के बाद हमारा अनुरोध निर्वाचन आयोग से यह है कि इस शोकॉज नोटिस को रद्द किया जाए।
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यह था पूरा मामला
बताते चले कि निर्वाचन आयोग ने नोटिस भेजकर पूछा था कि 8 मई को गोल्डन जुबली हाल में जो कार्यक्रम हुआ था और उस प्रोग्राम में आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने पीएम मोदी का महिमा मंडन किया था, इस कार्यक्रम को करने से पहले आयोजकों से अंडरटेकिंग क्यों नहीं ली गई कि यह राजनीतिक प्रोग्राम नहीं होगा। यह भी कहा गया था कि ऐसे प्रोग्राम की परमिशन कैसे दी गई? पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले भी जवाब भेजा था। लेकिन इससे निर्वाचन कार्यालय संतुष्ट नहीं था और दोबारा जवाब मांगा गया था।
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न ही यूनिवर्सिटी की ओर से ऐसी कोई इजाजत दी गई थी। यहां केवल आंतरिक सुरक्षा पर कॉन्फ्रेंस के लिए इजाजत दी गई थी, जो पूरी तरह से शैक्षिक एक्टीविटी है। पीयू की ओर से आयोग को भेजे गए जवाब में कहा गया है कि आंतरिक सुरक्षा पर हुई इस कॉन्फ्रेंस को आयोजित करने में फोरम फॉर अवेयरनेस ऑफ नेशनल सिक्योरटी फैंस ने बाकायदा फीस अदा की गई थी। नियम के अनुसार गोल्डन जुबली हॉल दे दिया गया था।
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रजिस्ट्रार के जवाब में कहा गया है कि फैंस को भी न्यूज रिपोर्टों के आधार पर स्पष्टीकरण भेजने को कहा गया है। जवाब में कहा गया है कि आगे से किसी को भी मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू होने के बाद अगर पंजाब यूनिवर्सिटी में हॉल दिया जाएगा तो उससे यह अंडरटेकिंग ली जाएगी कि इस हॉल का इस्तेमाल राजनीतिक पर्पज के लिए नहीं होगा। फिर चाहे यह अकादमिक प्रोग्राम ही क्यों न हो। इस सारे स्पष्टीकरण के बाद हमारा अनुरोध निर्वाचन आयोग से यह है कि इस शोकॉज नोटिस को रद्द किया जाए।
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बताते चले कि निर्वाचन आयोग ने नोटिस भेजकर पूछा था कि 8 मई को गोल्डन जुबली हाल में जो कार्यक्रम हुआ था और उस प्रोग्राम में आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार ने पीएम मोदी का महिमा मंडन किया था, इस कार्यक्रम को करने से पहले आयोजकों से अंडरटेकिंग क्यों नहीं ली गई कि यह राजनीतिक प्रोग्राम नहीं होगा। यह भी कहा गया था कि ऐसे प्रोग्राम की परमिशन कैसे दी गई? पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने पहले भी जवाब भेजा था। लेकिन इससे निर्वाचन कार्यालय संतुष्ट नहीं था और दोबारा जवाब मांगा गया था।