{"_id":"5cf4d1fbbdec2207402ec3a7","slug":"relief-to-punjab-university-and-punjab-colleges-guest-faculty-from-time-limit","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीयू चंडीगढ़ समेत पंजाब के 4000 गेस्ट फैकल्टी को मिलेगी समय में छूट, जुलाई से हो जाएगा लागू","category":{"title":"Campus","title_hn":"कैंपस ","slug":"campus"}}
पीयू चंडीगढ़ समेत पंजाब के 4000 गेस्ट फैकल्टी को मिलेगी समय में छूट, जुलाई से हो जाएगा लागू
Mon, 03 Jun 2019 01:23 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 03 Jun 2019 01:23 PM IST
विज्ञापन
पंजाब यूनिवर्सिटी
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ समेत पंजाब के 200 कॉलेजों में काम कर रही करीब 4000 गेस्ट फैकल्टी को समय में छूट दी जाएगी। अब सुबह नौ से शाम पांच बजे तक लगातार काम करने की अनिवार्यता नहीं होगी। पीयू प्रशासन इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा है जो जुलाई से लागू हो जाएगा।
पिछले दिनों पीयू की ओर से आदेश जारी किया गया कि गेस्ट फैकल्टी में काम कर रहे शिक्षकों को सुबह 9.00 बजे संस्थानों में पहुंचना होगा और शाम 5.00 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था से गेस्ट फैकल्टी को झटका लगा। उनका कहना है कि उन्हें मेहनताना कुछ रुपये में मिलता है और पूरा समय वह यहां देंगे तो परिवार का खर्च कैसे निकाल पाएंगे?
इस आदेश का विरोध हुआ और पीयू प्रशासन को लिखित में गेस्ट फैकल्टी ने पत्र दिया। साथ ही सीनेट में भी यह मामला प्रमुखता के साथ उठाया गया। उसी दौरान कहा गया कि गेस्ट फैकल्टी के लिए जारी किया गया पुराना आदेश वापस ले लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि उसी को ध्यान में रखते हुए पीयू की ओर से जारी समय की बाध्यता का आदेश अब लागू नहीं होगा।
विज्ञापन
हालांकि इसके लिए पीयू तिथि तय करेगा। मालूम हो कि गेस्ट फैकल्टी के रूप में चार हजार से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
पिछले दिनों पीयू की ओर से आदेश जारी किया गया कि गेस्ट फैकल्टी में काम कर रहे शिक्षकों को सुबह 9.00 बजे संस्थानों में पहुंचना होगा और शाम 5.00 बजे तक अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इस व्यवस्था से गेस्ट फैकल्टी को झटका लगा। उनका कहना है कि उन्हें मेहनताना कुछ रुपये में मिलता है और पूरा समय वह यहां देंगे तो परिवार का खर्च कैसे निकाल पाएंगे?
विज्ञापन
इस आदेश का विरोध हुआ और पीयू प्रशासन को लिखित में गेस्ट फैकल्टी ने पत्र दिया। साथ ही सीनेट में भी यह मामला प्रमुखता के साथ उठाया गया। उसी दौरान कहा गया कि गेस्ट फैकल्टी के लिए जारी किया गया पुराना आदेश वापस ले लिया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि उसी को ध्यान में रखते हुए पीयू की ओर से जारी समय की बाध्यता का आदेश अब लागू नहीं होगा।
विज्ञापन
हालांकि इसके लिए पीयू तिथि तय करेगा। मालूम हो कि गेस्ट फैकल्टी के रूप में चार हजार से अधिक शिक्षक काम कर रहे हैं।