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पीयू सीनेट: नामिनेटेड सीटों के लिए दौड़ शुरू, जानें कौन-कौन लाइन में?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:33 AM IST
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संजय टंडन व सत्यपाल जैन
- फोटो : File Photo
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पीयू की नई सीनेट (2016-20) के गठन का अंतिम चरण अक्तूबर के अंत तक पूरा कर लिया जाएगा। चुनाव प्रक्रिया के तहत सीनेट के सभी सदस्यों का चयन हो चुका है। अब नामिनेशन से सीनेट में आने वाले 36 सदस्यों का फैसला होना है। पीयू सीनेट की सीट पक्की करने केलिए अब सिर्फ नॉमिनेशन का रास्ता ही बचा है।
25 अक्तूबर तक नामिनेशन से सीनेट में आने वाले सदस्यों की लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। पीयू के चांसलर और देश के उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी नामिनेटेड सदस्यों का चयन करेंगे। इस हफ्तेे तक पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों की लिस्ट सीनेट में नामिनेशन के लिए उपराष्ट्रपति के पास भेजेंगे। नामिनेशन के लिए स्थानीय सांसद और भाजपा नेताओं की ओर से भी कोशिशें शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार नए सीनेट में सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल सीनेटर बनना तय है। नामिनेशन में इस बार आरएसएस और भाजपा का पलड़ा भारी रहने की उम्मीद है। भाजपा और आरएसएस से देवेश मोदगिल, सौरभ जोशी और पीयू में एबीवीपी के छात्र नेता दिनेश चौहान रेस में हैं। चंडीगढ़ भाजपा प्रेसिडेंट संजय टंडन का भी सीनेट में आना तय माना जा रहा है। आरएसएस से जुड़े पीयू लॉ विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार और प्रोफेसर देवेंद्र सिंह भी नामिनेशन की रेस में हैं।
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25 अक्तूबर तक नामिनेशन से सीनेट में आने वाले सदस्यों की लिस्ट जारी होने की उम्मीद है। पीयू के चांसलर और देश के उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी नामिनेटेड सदस्यों का चयन करेंगे। इस हफ्तेे तक पीयू कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों की लिस्ट सीनेट में नामिनेशन के लिए उपराष्ट्रपति के पास भेजेंगे। नामिनेशन के लिए स्थानीय सांसद और भाजपा नेताओं की ओर से भी कोशिशें शुरू हो गई हैं।
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सूत्रों के अनुसार नए सीनेट में सांसद किरण खेर, पूर्व सांसद सत्यपाल जैन और पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल सीनेटर बनना तय है। नामिनेशन में इस बार आरएसएस और भाजपा का पलड़ा भारी रहने की उम्मीद है। भाजपा और आरएसएस से देवेश मोदगिल, सौरभ जोशी और पीयू में एबीवीपी के छात्र नेता दिनेश चौहान रेस में हैं। चंडीगढ़ भाजपा प्रेसिडेंट संजय टंडन का भी सीनेट में आना तय माना जा रहा है। आरएसएस से जुड़े पीयू लॉ विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दिनेश कुमार और प्रोफेसर देवेंद्र सिंह भी नामिनेशन की रेस में हैं।
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कैंपस में ये भी दौड़ में शामिल
Panjab University
- फोटो : amar ujala
पीयू के पूर्व कुलपति प्रो. केएन पाठक, पीयू कंप्यूटर विभाग के प्रोफेसर और मौजूदा हिसार स्थित जंम्बेश्वर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार, पीयू गणित विभाग के प्रो. एसके तोमर को भी सीनेट की सीट मिल सकती है। सेक्टर-11 स्थित जीसीजी कॉलेज प्रिंसिपल प्रो. अनीता कौशल को भी सीनेट में सीट मिलने की संभावना है।
सीनेट की नामिनेशन लिस्ट में सीएसआईआर डायरेक्टर डॉ. गिरिश साहनी, महाराजा रणजीत सिंह की प्रोफेसरशिप पाने वाले कर्नल केजे सिंह, पीजीआई डायरेक्टर वाईके चावला, मौजूदा सीनेटर पीयू के पूर्व कुलपति प्रो. आरबी भांभा, आईएस चड्डा और वीके सिंबल का चुना जाना तय माना जा रहा है।
पीयू कैंपस से नामिनेटेड सदस्यों में डीन एलुमनी प्रो. अनिल मोंगा, इवनिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर खालिद मोहम्मद, यूसोल विभाग से डॉ. एम्युनल नाहर के अलावा फार्मेसी विभाग के प्रो. अनिल कुमार और बॉटनी विभाग से डॉ. एमसी सिद्धू भी रेस में शामिल हैं। पीयू चीफ सिक्योरिटी अफसर और यूसोल में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र ग्रोवर भी सीनेट सीट की दौड़ में शामिल हैं।
सीनेट की नामिनेशन लिस्ट में सीएसआईआर डायरेक्टर डॉ. गिरिश साहनी, महाराजा रणजीत सिंह की प्रोफेसरशिप पाने वाले कर्नल केजे सिंह, पीजीआई डायरेक्टर वाईके चावला, मौजूदा सीनेटर पीयू के पूर्व कुलपति प्रो. आरबी भांभा, आईएस चड्डा और वीके सिंबल का चुना जाना तय माना जा रहा है।
पीयू कैंपस से नामिनेटेड सदस्यों में डीन एलुमनी प्रो. अनिल मोंगा, इवनिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर खालिद मोहम्मद, यूसोल विभाग से डॉ. एम्युनल नाहर के अलावा फार्मेसी विभाग के प्रो. अनिल कुमार और बॉटनी विभाग से डॉ. एमसी सिद्धू भी रेस में शामिल हैं। पीयू चीफ सिक्योरिटी अफसर और यूसोल में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जितेंद्र ग्रोवर भी सीनेट सीट की दौड़ में शामिल हैं।
डीएवी मैनेजमेंट कमेटी के हेड पूनम सूरी का आना तय
VC Arun Grover On PU
- फोटो : अमर उजाला
पीयू सीनेट में बीजेपी और आरएसएस से जुड़े लोगों का दबदबा रहेगा, लेकिन कांग्रेस से पवन बंसल के अलावा एचएस लकी और योगराज अग्रीश का नाम भी चर्चा में है। डीएवी मैनेजमेंट कमेटी के हेड पूनम सूरी का सीनेट में आना तय माना जा रहा है। इस साल डीएवी ग्रुप ने करीब 12 सीटों के साथ सीनेट में धमाकेदार एंट्री की है।
नॉन टीचिंग स्टाफ को भी मिले नॉमिनेशन से सीट
पीयू सीनेट में पीयू कैंपस और रीजनल सेंटर के 5 हजार से अधिक कर्मचारियों के लिए सिर्फ नॉन टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन प्रधान की सीट रिजर्व है। नॉन टीचिंग के पूर्व प्रधान दीपक कौशिक का कहना है कि नामिनेशन के तहत भी नॉन टीचिंग अधिकारियों को सीनेट में आने का मौका मिले। गौरतलब है कि पीयू कर्मचारियों को किसी भी चुनाव क्षेत्र से नौकरी में रहते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है।
पीयू स्टूडेंट काउंसिल को मिलेगी स्थायी सीट
अगली सीनेट में पीयू छात्र काउंसिल को सीनेट में स्थायी सीट मिलनी तय मानी जा रही है। कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पहले ही इस बात को सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं। पीयू सीनेट में छात्र काउंसिल में प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी दो पद को भी सीनेट में जगह मिल सकती है।
नॉन टीचिंग स्टाफ को भी मिले नॉमिनेशन से सीट
पीयू सीनेट में पीयू कैंपस और रीजनल सेंटर के 5 हजार से अधिक कर्मचारियों के लिए सिर्फ नॉन टीचिंग स्टाफ एसोसिएशन प्रधान की सीट रिजर्व है। नॉन टीचिंग के पूर्व प्रधान दीपक कौशिक का कहना है कि नामिनेशन के तहत भी नॉन टीचिंग अधिकारियों को सीनेट में आने का मौका मिले। गौरतलब है कि पीयू कर्मचारियों को किसी भी चुनाव क्षेत्र से नौकरी में रहते हुए चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं है।
पीयू स्टूडेंट काउंसिल को मिलेगी स्थायी सीट
अगली सीनेट में पीयू छात्र काउंसिल को सीनेट में स्थायी सीट मिलनी तय मानी जा रही है। कुलपति प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर पहले ही इस बात को सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं। पीयू सीनेट में छात्र काउंसिल में प्रेसिडेंट और जनरल सेक्रेटरी दो पद को भी सीनेट में जगह मिल सकती है।