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पीयू के MEd कोर्स में अब ऐसे मिलेगा दाखिला, पढ़ लें फरमान

Fri, 14 Oct 2016 06:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 14 Oct 2016 06:29 PM IST
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punjab university will conduct entrance exam for admission in MEd course
डीयू दाखिला
स्टूडेंट्स ध्यान दें, पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) और एफिलिएटेड एजुकेशन कॉलेज के एमएड कोर्स में अब नए तरीके से दाखिला होगा। इसके लिए स्टूडेंट्स को अगले साल (2017) से एंट्रेंस टेस्ट क्लीयर करना होगा। मौजूदा सत्र में पीयू ने एमएड कोर्स में मेरिट आधार पर दाखिले का फैसला लिया था।
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नौ अक्तूबर को पीयू सीनेट मीटिंग में फिर से एंट्रेंस शुरू करने का फैसला लिया गया है। पीयू सीनेट में एमएड कोर्स में दाखिले के लिए एंट्रेंस टेस्ट खत्म किए जाने को लेकर कई सीनेटर्स ने आपत्ति दर्ज कराई थी। मामले में पीयू कुलपति ने कमेटी गठित कर रिपोर्ट देने का कहा है।
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पीयू एफिलिएटेड कॉलेजों में लेक्चरर बनने के लिए एमएड कोर्स अनिवार्य है। पीयू कैंपस स्थित एजुकेशन डिपार्टमेंट, यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (यूसोल) और सभी पीयू एफिलिएटेड एजुकेशन कॉलेजों में बीएड और एमएड में दाखिले एंट्रेंस टेस्ट की जगह मेरिट के आधार पर हो रहा था।
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पीयू सीनेट में मामले का कड़ा विरोध हुआ

punjab university will conduct entrance exam for admission in MEd course
डीयू दाखिला - फोटो : अमर उजाला
पीयू प्रशासन की ओर से दो साल पहले बीएड एंट्रेंस टेस्ट खत्म कर ग्रेजुएशन की मेरिट के आधार पर दाखिला देने का फैसला लिया गया था। एजुकेशन कॉलेजों के अनुरोध पर 2016 सत्र में मास्टर इन एजुकेशन (एमएड) कोर्स में भी मेरिट आधार पर सीटें भर ली गई।

इस मामले को लेकर पीयू सीनेट में डॉ. मुकेश अरोड़ा, डॉ. राजेश गिल और डॉ. आईएस संधू ने एंट्रेंस टेस्ट खत्म किए जाने का कड़ा विरोध किया। प्रोफेसर राजेश गिल ने कहा कि एंट्रेंस टेस्ट खत्म करने से एजुकेशन कॉलेज के लिए तैयार होने वाले शिक्षकों की गुणवत्ता का स्तर काफी गिरेगा। डॉ. संधू ने भी एमएड कोर्स में एंट्रेंस टेस्ट जारी रखने का समर्थन किया।

उन्होंने कहा कि एनसीईटी ने अब एजुकेशन कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट) की अनिवार्यता खत्म कर दी है। जिससे दूसरे राज्यों से एमए एजुकेशन की डिग्री हासिल कर स्टूडेंट असिस्टेंट प्रोफेसर बनने की योग्यता पूरी कर लेते हैं। डॉ. संधू के अनुसार कम काबिल स्टूडेंट भी एमएड में दाखिला लेकर असिस्टेंट प्रोफेसर की योग्यता पूरी कर लेते हैं। 

दो साल का हुआ बीएड कोर्स, सीटें खाली

punjab university will conduct entrance exam for admission in MEd course
पहले 18 जुलाई को लगनी थी मेरिट, लेकिन अब 27 को होगी जारी - फोटो : amar ujala
एनसीईटी की ओर से बीएड कोर्स की अवधि दो साल और सेमेस्टर सिस्टम करने से इसके प्रति रुझान कम हुआ है। सीनेटर डॉ. मुकेश अरोड़ा ने बताया कि एजुकेशन कॉलेजों में आधे से अधिक सीटें खाली रह गई हैं।

ऐसे में प्राइवेट कॉलेजों के लिए शिक्षकों का वेतन देना भी मुश्किल हो रहा है। उधर डॉ. दलीप कुमार ने कहा कि अंडर ग्रेजुएट कोर्स चलाने वाले कॉलेजों को पोस्ट ग्रेजुएट(पीजी) कोर्स को भी मंजूरी दी जानी चाहिए।
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