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पंजाब यूनिवर्सिटी वीसी का 100 साइंटिस्टों को बड़ा तोहफा, रिसर्च के लिए उपलब्ध कराए कंप्यूटर
Mon, 15 Jul 2019 02:22 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Mon, 15 Jul 2019 02:22 PM IST
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फाइल फोटो
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पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. राजकुमार ने पीयू के ही 100 साइंटिस्टों को कंप्यूटर का तोहफा दिया है। इसके जरिये उनके रिसर्च कार्य प्रभावित नहीं होंगे और साथ ही रिसर्च में तेजी आएगी। इसके अलावा फैकल्टी के अन्य शिक्षकों को भी कंप्यूटर दिए जाने का प्रस्ताव वीसी ने पास कर दिया है। अगले सप्ताह में यह कंप्यूटर इन शिक्षकों तक पहुंच जाएंगे। रिसर्च के जरिये पीयू आगे बढ़ रहा है।
वैज्ञानिक फील्ड में जाकर ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं लेकिन देश-दुनिया में रिसर्च पर क्या चल रहा है, इसकी सटीक जानकारी कंप्यूटर के जरिये ही मिलती है, लेकिन इसका वैज्ञानिकों के पास अभाव है। इसके कारण रिसर्च भी धीमी गति से हो रहे हैं। काफी समय पहले वैज्ञानिकों ने यह बात रखी थी, लेकिन उन्हें कंप्यूटर पूरे नहीं दिए गए।
इसी तरह फैकल्टी के 30 से अधिक शिक्षकों के पास कंप्यूटर नहीं हैं। हिंदी व अन्य भाषा कोर्सेज के शिक्षकों को भी लाभ नहीं मिल पाया। इससे शिक्षकों के कार्य भी प्रभावित हो रहे थे या फिर उन्हें दूसरे कंप्यूटर या मोबाइल का सहारा लेना पड़ रहा था। कुछ विभागों के शिक्षकों के पास पुराने कंप्यूटर हैं जो काम नहीं कर रहे हैं।
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इन सभी की समस्याओं को वीसी ने गंभीरता से लिया और कंप्यूटर आवंटन को मंजूरी दे दी। सूत्रों का कहना है कि वर्षों बाद शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। अगले सप्ताह यह कंप्यूटर वैज्ञानिकों को मिल जाएंगे।
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वैज्ञानिक फील्ड में जाकर ग्राउंड रिपोर्ट ले रहे हैं लेकिन देश-दुनिया में रिसर्च पर क्या चल रहा है, इसकी सटीक जानकारी कंप्यूटर के जरिये ही मिलती है, लेकिन इसका वैज्ञानिकों के पास अभाव है। इसके कारण रिसर्च भी धीमी गति से हो रहे हैं। काफी समय पहले वैज्ञानिकों ने यह बात रखी थी, लेकिन उन्हें कंप्यूटर पूरे नहीं दिए गए।
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इसी तरह फैकल्टी के 30 से अधिक शिक्षकों के पास कंप्यूटर नहीं हैं। हिंदी व अन्य भाषा कोर्सेज के शिक्षकों को भी लाभ नहीं मिल पाया। इससे शिक्षकों के कार्य भी प्रभावित हो रहे थे या फिर उन्हें दूसरे कंप्यूटर या मोबाइल का सहारा लेना पड़ रहा था। कुछ विभागों के शिक्षकों के पास पुराने कंप्यूटर हैं जो काम नहीं कर रहे हैं।
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इन सभी की समस्याओं को वीसी ने गंभीरता से लिया और कंप्यूटर आवंटन को मंजूरी दे दी। सूत्रों का कहना है कि वर्षों बाद शिक्षकों को इसका लाभ मिलेगा। अगले सप्ताह यह कंप्यूटर वैज्ञानिकों को मिल जाएंगे।
अलग से लॉगइन व पासवर्ड भी दिलाया
वीसी प्रो. राजकुमार के समक्ष पिछले महीनों में कुछ वैज्ञानिकों ने यह बात रखी कि उनके रिसर्च इसलिए प्रभावित हो रहे हैं कि उन्हें उपकरण, मशीनें आदि खरीदने के लिए अनुमति नहीं मिल रही है। इसके लिए एक पोर्टल बना हुआ है और उसकी चाबी विभाग अध्यक्षों के पास है। वह चाबी उन्हें नहीं दे रहे हैं। वीसी ने इसको लेकर सभी रिसर्च शिक्षकों की बैठक बुलाई और समस्याएं सुनीं। उसमें यह बात खुलकर सामने आ गई। उसके बाद इन वैज्ञानिकों को अपने-अपने पोर्टल पासवर्ड दिए गए।
पीएचडी इंक्रीमेंट भी दिलाया
शिक्षकों को लंबे समय से पीएचडी इंक्रीमेंट नहीं मिल रहा था। यह समस्या देशभर के विश्वविद्यालयों की थी। सभी शिक्षक पीएचडी इंक्रीमेंट की मांग करते आ रहे थे। हजारों शिक्षकों की इस मांग को वीसी ने गंभीरता से लिया और उन्होंने केंद्र सरकार में संपर्क साधा। यूजीसी के चेयरमैन आदि से मुलाकात की। इसका रिजल्ट अब सामने है। देशभर के हजारों शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट मिलना शुरू हो गया है।
अगला कदम सातवां वेतनमान दिलाना
पीयू व इससे संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिला है। शिक्षक यह मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। बताया जाता है कि अब वीसी ने इस पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने संबंधित मंत्रियों व अधिकारियों से संपर्क साधा है। इसके परिणाम भी जल्द सामने दिखने लगेंगे।
पीएचडी इंक्रीमेंट भी दिलाया
शिक्षकों को लंबे समय से पीएचडी इंक्रीमेंट नहीं मिल रहा था। यह समस्या देशभर के विश्वविद्यालयों की थी। सभी शिक्षक पीएचडी इंक्रीमेंट की मांग करते आ रहे थे। हजारों शिक्षकों की इस मांग को वीसी ने गंभीरता से लिया और उन्होंने केंद्र सरकार में संपर्क साधा। यूजीसी के चेयरमैन आदि से मुलाकात की। इसका रिजल्ट अब सामने है। देशभर के हजारों शिक्षकों को पीएचडी इंक्रीमेंट मिलना शुरू हो गया है।
अगला कदम सातवां वेतनमान दिलाना
पीयू व इससे संबद्ध कॉलेजों के शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ नहीं मिला है। शिक्षक यह मांग लंबे समय से करते आ रहे हैं। बताया जाता है कि अब वीसी ने इस पर काम शुरू कर दिया है। इसके लिए उन्होंने संबंधित मंत्रियों व अधिकारियों से संपर्क साधा है। इसके परिणाम भी जल्द सामने दिखने लगेंगे।