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पंजाब यूनिवर्सिटी में अब 29 शिक्षण संस्थान एक-दूसरे से बांटेंगे ज्ञान, क्रिक कॉरिडोर का रास्ता साफ

Tue, 25 Dec 2018 03:17 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 25 Dec 2018 03:17 PM IST
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Punjab University VC Rajkumar Permitted to Carec Corridors
पंजाब यूनिवर्सिटी छात्र
पंजाब यूनिवर्सिटी के वीसी प्रोफेसर राजकुमार ने चंडीगढ़ रीजन रेनोवेशन नॉलेज कलस्टर (क्रिक) कॉरिडोर बनाने का रास्ता साफ कर दिया है। इससे 29 शिक्षण संस्थान जोड़े गए हैं जो अपने ज्ञान को एक-दूसरे से बांटेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर आदि का प्रयोग यहां के विद्यार्थी, शोधार्थी व शिक्षक कर सकेंगे। वीसी ने कॉरिडोर के गाइड लाइन के लिए चार टुकड़ों में 32 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इन गाइड लाइनों के आधार पर शिक्षण संस्थान कार्य करेंगे। 28 जनवरी को इस कॉरिडोर का शुभारंभ हो जाएगा।
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ऐसे रखी गई क्रिक की नींव
वर्ष 2013 में पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन ने क्रिक की नींव रखी थी। इसका उद्देश्य था कि एक संस्थान के पास भरपूर इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं हो सकता है। ऐसे में शिक्षक, स्टूडेंट्स आपस में एक-दूसरे संस्थानों की लैब, लाइब्रेरी व अन्य सुविधाओं का लाभ ले सकें। इसका शुभारंभ सात से आठ शिक्षण संस्थानों में हुआ, लेकिन इसका संचालन बेहतर ढंग से नहीं हो पाया। सबसे बड़ी दिक्कत समय को लेकर आई। संस्थानों में स्टूडेंट्स के समय का निर्धारण नहीं हो पाया और न ही एक-दूसरे संस्थानों के फीस लेने में समानता रही। गाइड लाइन तैयार न होने की वजह से विद्यार्थियों को भी दिक्कतें आईं।
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वीसी ने दी रफ्तार
प्रो. राजकुमार ने जैसे ही कार्यभार ग्रहण किया तो उन्होंने इसको लेकर बैठक की। उन्हें यह प्रोजेक्ट पसंद आया, लेकिन रन नहीं कर पा रहा था। उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया। उन्होंने सबसे पहले इसके बेहतर संचालन के लिए गाइड लाइन तैयार करने के आदेश दिए। इस गाइड लाइन के लिए उन्होंने अब चार टुकड़ों में 32 सदस्यों की कमेटी बनाई है।
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ये होगा तय

- स्टूडेंट, रिसर्च स्कॉलर आदि से संस्थान कितने फीस लेंगे।
- पीयू की क्रिक बस का संचालन कैसे हो।
- ज्ञान के साधनों को बढ़ाने के रास्ते खोले जाएंगे।
- हर दिन लैब, लाइब्रेरी आदि प्रयोग के लिए 24 घंटे में से कुछ घंटे इन विद्यार्थियों के लिए तय किए जाएंगे।
-इन सभी संस्थानों की फीस एक समान लगेगी।
-लैब में अलग से निर्धारित होगा स्टूडेंट्स के लिए समय।
- 29 शिक्षण संस्थानों का एक सामूहिक ज्ञान यज्ञ भी कराया जाएगा।

ये बड़े संस्थान इससे जुड़े
- पीयू
- इमटैक
- नाइपर
- आईएनएसटी
- सीआईएबी
- नाबी
- पेक
- पीजीआई
- निटर

ये हैं कमेटी में शामिल

1- लाइब्रेरी शेयरिंग कमेटी : पीयू से प्रो. रश्मि यादव, इमटैक से डॉ. केपीएस सेंगर, इस्सार से डॉ. विशाखी, नाबी से डॉ. कांति किरण, पेक से डॉ. सीमा वशिष्ठ, आईएनएसटी से डॉ. मोनिका सिंह, पीजीआई से डॉ. अजय डूसेजा।
2- इंस्ट्रूमेंटल फैसिलिटीज शेयरिंग कमेटी : इस्सार के प्रो. पी गुप्ताश्रम, पीयू से ईआर एचपीएस कंग, डॉ. रमेश शर्मा, इमटैक से डॉ. एस कुमारन, इस्सार से प्रो. अरविंद, नाबी से डॉ. विकास ऋषि, पेक से डॉ. अरुण कुमार सिंह, आईएनएसटी से डॉ. दीपांकर मंडल, पीजीआई से डॉ. मनी लूथरा।
3- कमेटी टू फ्रेम रूल्स : पीयू से प्रो. आरके तुली, प्रो. रतन सिंह, इमटैक से डॉ. चारू शर्मा, इस्सार से प्रो. सुदेशना सिन्हा, सीएआईबी से डॉ. सुदेश कुमार, पेक से डॉ. सुशांत समीर, आईएनएसटी डॉ. दीपा घोष, पीजीआई से डॉ. पल्लब राय।
4- कमेटी टू स्ट्रीमलाइन द ऑपरेशन ऑफ क्रिक बसेज : आईएनएसटी से डॉ. आशीष पाल, पीयू से डॉ. सुमन मोर, डॉ. नमिता गुप्ता, इमटैक से धीरज गोस्वामी, इस्सार से डॉ. पी बपइय्या, सीआईएबी से डॉ. सुधीर प्रताप सिंह, पेक से डॉ. सरबजीत सिंह, पीजीआई से डॉ. नवनीत धालीवाल।

तेजी से चल रहा काम
क्रिक कॉरिडोर के लिए कमेटी बनाई गई है, जो जल्द ही बैठक कर गाइड लाइन तैयार करेगी। इस पर तेजी से काम चल रहा है।
-डॉ. एसके मेहता, को-ऑर्डिनेटर, क्रिक पीयू

गाइड लाइन को जारी किए आदेश
क्रिक कॉरिडोर के जरिये स्टूडेंट्स, शोधार्थियों व टीचर्स को काफी गाइड लाइन मिलेगी। इसके लिए गाइड लाइन तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। यह पीयू का महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है।
-प्रो. राजकुमार, वीसी, पीयू
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