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पीयू: यूजीसी के खिलाफ सड़कों पर उतरे शिक्षक, कर्मी और स्टूडेंट्स

Thu, 08 Dec 2016 09:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Thu, 08 Dec 2016 09:14 PM IST
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punjab university teachers, employees and students protest against punjab university
पंजाब यूनिवर्सिटी में यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन(यूजीसी) द्वारा पंजाब यूनिवर्सिटी की ग्रांट जारी नहीं किए जाने के खिलाफ पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। यूजीसी ने प्रस्तावित 176 करोड़ ग्रांट बढ़ाने से भी इंकार कर दिया गया है। पीयू प्रशासन के पास इस समय  शिक्षक और कर्मचारियों को दिसंबर का वेतन देने के लिए भी पैसा नहीं है। पीयू की बिगड़ी आर्थिक तंगी को लेकर वीरवार पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रोफेसर,कर्मचारी और स्टूडेंट सड़कों पर उतर आए हैं। 
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वीरवार दोपहर पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन(पुटा) पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन की ज्वाइंट एक्शन कमेटी और स्टूडेंट काउंसिल के पदाधिकारियों ने यूजीसी के फैसले के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुटा ने यूजीसी के खिलाफ अब मोर्चा खोल दिया है। 500 से अधिक की संख्या में प्रोफेसर,कर्मचारी और स्टूडेंट्स ने दोपहर गांधी भवन से पीयू प्रशासनिक ब्लॉक तक जमकर नारेबाजी की। विरोध में पूर्व पुटा प्रेसिडेंट प्रो.अक्षय कुमार, रजत संधीर, डॉ.अशोक कुमार सहित पूटा के कई पदाधिकारी मौजूद थे।
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स्टूडेंट्स का नहीं मिला समर्थन पीयू ग्रांट का 80 फीसदी हिस्सा प्रोफेसर और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के वेतन में खर्च हो जाता है। वीरवार यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में स्टूडेंट्स की भागेदारी काफी कम रही। सिर्फ स्टूडेंट काउंसिल के सदस्य और कुछ स्टूडेंट्स ही रैली में पहुंचे। जबकि पीयू के विभागों में 14 हजार से अधिक स्टूडेंट्स हैं।
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स्टूडेंट्स ने कहा कि जब स्टूडेंट्स की फीस में बढ़ोतरी हुई तो कोई भी शिक्षक और नॉन टीचिंग स्टॉफ उनके समर्थन में नहीं आया। अब प्रोफेसर को सैलरी नहीं मिल रही तो स्टूडेंट्स का समर्थन चाहते हैं। उधर इस मामले में पुटा के पूर्व प्रेसिडेंट प्रो खालिद मोहम्मद का कहना है कि कैंपस में परीक्षाओं का दौर जारी है, जिस कारण रैली में टीचर्स और स्टूडेंट्स की संख्या कम थी। रैली में सबसे अधिक नॉन टीचिंग स्टॉफ कर्मचारी थे।


सीनेट के बाहर होगा विरोध प्रदर्शन  
यूजीसी से ग्रांट नहीं मिलने को लेकर प्रोफेसर और नॉन टीचिंग का विरोध धीरे-धीरे तेज होगा। पुटा प्रेसिडेंट प्रो.प्रौमिला ने बताया कि ग्रांट मामले को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी 17 दिसंबर को पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट मीटिंग से पहले विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जरुरत पड़ी तो ज्वाइंट एक्शन कमेटी का दल दिल्ली में भी यूजीसी और एमएचआरडी अधिकारियों के सामने मामले को उठाएगा।

 
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