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पंजाब यूनिवर्सिटी सिंडिकेट मीटिंग में लिए गए कई अहम फैसले, एक झटका देगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 25 Feb 2018 05:16 PM IST
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Punjab University VC Arun Grover
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पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडिकेट बैठक में स्टूडेंट्स की भलाई के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। वहीं एक फैसले से हजारों छात्रों को झटका लगेगा। दरअसल हॉस्टल फीस में 350 रुपये का इजाफा कर दिया गया है। शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी की सिंडिकेट बैठक में पीयू के हॉस्टल की तय फीस में 350 रुपये प्रति सेमेस्टर बढ़ने का फैसला लिया गया। वहीं, यूनिवर्सिटी में नवनिर्मित इंटरनेशनल गर्ल्स हॉस्टल नंबर-10 की मासिक फीस भी तय कर दी गई।
इसके अलावा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार सिंडीकेट ने पीयू में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आरक्षण तीन से बढ़ाकर 5 फीसदी करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि सिंडिकेट में आठ प्रोफेसरों के खिलाफ एक्शन लेने के मुद्दे को फिलहाल टाल दिया गया। इसके अलावा सिंडिकेट ने बीएससी के उम्मीदवार के लिए अंत- सेमेस्टर (एसजीपीए) ईएस, (सीजीपीए) ईएस और अंतिम सीजीपीए की गणना के लिए संशोधित ग्रेडिंग सिस्टम के बारे में विज्ञान के संकाय की सिफारिश को मंजूरी दे दी है।
वीसी कर पाएंगे बोर्ड आफ फाइनेंस के दो सदस्यों का चयन
बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ फाइनेंस के दो सदस्यों के चुनाव का अधिकार वीसी का सौंप दिया गया। इसकी सिंडिकेट में मुहर लगा दी गई। बोर्ड के खाली इन पदों पर सदस्यों का चुनाव वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर कर सकेंगे। सिंडिकेट सदस्यों में किसी दो सदस्यों को बोर्ड में अब जल्द शामिल कर लिया जाएगा। इसकी नियुक्ति को लेकर काफी दिनों से प्रबंधन की ओर से मंथन किया जा रहा था।
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डीसीडीसी और सीयूएस के पदों को भरने के लिए निकाले जाएंगे विज्ञापन
डीनसीसी कॉलेज विकास परिषद (डीसीडीसी) और विश्वविद्यालय सुरक्षा (सीयूएस) के पदों को भरने पर विचार-विमर्श के बाद सिंडीकेट ने फिर से इसका विज्ञापन करने का फैसला किया। इसके तहत चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के पोस्ट को भरने के लिए दोबारा विज्ञापन निकालने का फैसला किया है। इसी के तहत योग्यता के आधार पर इन पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
फार्मूला टू प्लस टू प्लस वन ही होगा मान्य
सिंडिकेट ने रिटायर्ड प्रिंसिपल को पूर्ण रोजगार के लिए 3 + 2 के बजाय 2 + 2 + 1 फार्मूला पर लौटने के लिए स्वीकार किया गया है। महाविद्यालयों के प्रबंधन को प्रिंसिपल के पदों को फिर से विज्ञापित करने के लिए कहा जाएगा, जहां पुन: नियोजित प्रिंसिपल ने दो या दो साल पूरे कर लिए हैं। प्रिंसिपल की स्थिति को भरने की प्रक्रिया को 15 जून, 2018 तक पूरा करना होगा। प्रबंधन को नए प्रिंसिपलों को पूर्ण वेतन (बेसिक + ग्रेड पे + डीए) के भुगतान के बारे में जानकारी जारी करने के लिए कहा जा रहा है।
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इसके अलावा माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार सिंडीकेट ने पीयू में दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए आरक्षण तीन से बढ़ाकर 5 फीसदी करने को मंजूरी दे दी है। हालांकि सिंडिकेट में आठ प्रोफेसरों के खिलाफ एक्शन लेने के मुद्दे को फिलहाल टाल दिया गया। इसके अलावा सिंडिकेट ने बीएससी के उम्मीदवार के लिए अंत- सेमेस्टर (एसजीपीए) ईएस, (सीजीपीए) ईएस और अंतिम सीजीपीए की गणना के लिए संशोधित ग्रेडिंग सिस्टम के बारे में विज्ञान के संकाय की सिफारिश को मंजूरी दे दी है।
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वीसी कर पाएंगे बोर्ड आफ फाइनेंस के दो सदस्यों का चयन
बैठक में पंजाब यूनिवर्सिटी बोर्ड ऑफ फाइनेंस के दो सदस्यों के चुनाव का अधिकार वीसी का सौंप दिया गया। इसकी सिंडिकेट में मुहर लगा दी गई। बोर्ड के खाली इन पदों पर सदस्यों का चुनाव वीसी प्रो. अरुण कुमार ग्रोवर कर सकेंगे। सिंडिकेट सदस्यों में किसी दो सदस्यों को बोर्ड में अब जल्द शामिल कर लिया जाएगा। इसकी नियुक्ति को लेकर काफी दिनों से प्रबंधन की ओर से मंथन किया जा रहा था।
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डीसीडीसी और सीयूएस के पदों को भरने के लिए निकाले जाएंगे विज्ञापन
डीनसीसी कॉलेज विकास परिषद (डीसीडीसी) और विश्वविद्यालय सुरक्षा (सीयूएस) के पदों को भरने पर विचार-विमर्श के बाद सिंडीकेट ने फिर से इसका विज्ञापन करने का फैसला किया। इसके तहत चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर के पोस्ट को भरने के लिए दोबारा विज्ञापन निकालने का फैसला किया है। इसी के तहत योग्यता के आधार पर इन पदों पर नियुक्ति की जाएगी।
फार्मूला टू प्लस टू प्लस वन ही होगा मान्य
सिंडिकेट ने रिटायर्ड प्रिंसिपल को पूर्ण रोजगार के लिए 3 + 2 के बजाय 2 + 2 + 1 फार्मूला पर लौटने के लिए स्वीकार किया गया है। महाविद्यालयों के प्रबंधन को प्रिंसिपल के पदों को फिर से विज्ञापित करने के लिए कहा जाएगा, जहां पुन: नियोजित प्रिंसिपल ने दो या दो साल पूरे कर लिए हैं। प्रिंसिपल की स्थिति को भरने की प्रक्रिया को 15 जून, 2018 तक पूरा करना होगा। प्रबंधन को नए प्रिंसिपलों को पूर्ण वेतन (बेसिक + ग्रेड पे + डीए) के भुगतान के बारे में जानकारी जारी करने के लिए कहा जा रहा है।
एनटीयू और पीयू के बीच समझौता
Punjab University VC Arun Grover
प्रोफेसर अरुण के. ग्रोवर, उपकुलपति, पीयू ने नॉटिंघम ट्रेंट विश्वविद्यालय (एनटीयू) और पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू), चंडीगढ़ के बीच समझौता ज्ञापन के बारे में सिंडीकेट को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनटीयू दोनों विश्वविद्यालयों द्वारा संयुक्त विश्वविद्यालय के लिए संयुक्त डिग्री के लिए साझेदारी में पाठ्यक्रम चलाने के लिए इच्छुक होना चाहता है क्योंकि पंजाब के छात्रों के बड़े डायस्पोरा छात्रों को विश्वविद्यालय में स्थित हैं।
एनटीयू बिजनेस स्कूल चला रहा है और उद्योग के साथ बेहतर बातचीत करके आगे बढ़ रहा है और यूनिवर्सिटी बिज़नेस स्कूल (यूबीएस) के साथ साझेदारी करना चाहता है। साझेदारी को बाद में अन्य पाठ्यक्रमों तक बढ़ाया जा सकता है। सिंडीकेट ने उसी को मंजूरी दी और पीयू वेबसाइट पर सभी एमओयू अपलोड करने का सुझाव दिया और साझेदारी के लिए निर्धारित कट-मार्ग दिशा निर्देशों और मानदंडों के लिए निर्देश दिए। एमओयू से संबंधित अन्य सभी वस्तुओं को सिंडिकेट द्वारा अनुमोदित किया गया था।
इसके अलावा सिंडिकेट ने डिप्टी इंस्टीट्यूट ऑफ हाई ऑल्टिट्यूड रिसर्च (डीआईएचआर), डीआरडीओ, डीआईएचआर बेस लैब, चंडीगढ़ के अनुसंधान केंद्र के रसायन विज्ञान के विषय में सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों के लिए मान्यता को मंजूरी दी है। वहीं, सिंडीकेट ने यूजीसी संकायों (यूजीसी-फैकल्टी रिचार्ज प्रोग्राम) से संबंधित मुद्दों के बारे में समिति के मिनट को मंजूरी दे दी। समिति का मानना था कि सभी उद्देश्यों के लिए वे नियमित रूप से संकाय की तरह हैं और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि वे अधिक योगदान करें।
एनटीयू बिजनेस स्कूल चला रहा है और उद्योग के साथ बेहतर बातचीत करके आगे बढ़ रहा है और यूनिवर्सिटी बिज़नेस स्कूल (यूबीएस) के साथ साझेदारी करना चाहता है। साझेदारी को बाद में अन्य पाठ्यक्रमों तक बढ़ाया जा सकता है। सिंडीकेट ने उसी को मंजूरी दी और पीयू वेबसाइट पर सभी एमओयू अपलोड करने का सुझाव दिया और साझेदारी के लिए निर्धारित कट-मार्ग दिशा निर्देशों और मानदंडों के लिए निर्देश दिए। एमओयू से संबंधित अन्य सभी वस्तुओं को सिंडिकेट द्वारा अनुमोदित किया गया था।
इसके अलावा सिंडिकेट ने डिप्टी इंस्टीट्यूट ऑफ हाई ऑल्टिट्यूड रिसर्च (डीआईएचआर), डीआरडीओ, डीआईएचआर बेस लैब, चंडीगढ़ के अनुसंधान केंद्र के रसायन विज्ञान के विषय में सहयोगी अनुसंधान गतिविधियों के लिए मान्यता को मंजूरी दी है। वहीं, सिंडीकेट ने यूजीसी संकायों (यूजीसी-फैकल्टी रिचार्ज प्रोग्राम) से संबंधित मुद्दों के बारे में समिति के मिनट को मंजूरी दे दी। समिति का मानना था कि सभी उद्देश्यों के लिए वे नियमित रूप से संकाय की तरह हैं और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है कि वे अधिक योगदान करें।