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पीयू सिंडिकेट का बड़ा फैसला, 10 साल पुराने डेली वेज नॉन टीचिंग कर्मियों के लिए खुशखबरी

Wed, 29 May 2019 09:37 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Wed, 29 May 2019 09:37 AM IST
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Punjab University Syndicate Decision for Non Teaching Employees about DA and GP
फाइल फोटो
पंजाब यूनिवर्सिटी में वर्षों से काम कर रहे डेली वेजेस नॉन टीचिंग कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। 10 साल पूरा कर चुके इन कर्मचारियों को डीए व ग्रेड पे (जीपी) मिलेगा। यह फैसला मंगलवार को हुई सिंडिकेट की बैठक में लिया गया। पीयू और इससे संबद्ध पंजाब के कॉलेजों में  तैनात नॉन टीचिंग कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। सिंडिकेट के इस फैसले से डेली वेजेस नॉन टीचिंग कर्मचारियों में खुशी की लहर है। गौरतलब है कि पीयू व पंजाब के करीब 200 कॉलेजों में हजारों डेली वेजेस नॉन टीचिंग कर्मचारी हैं।
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लुधियाना के एसडीपी कॉलेज की मान्यता रद्द होगी
सिंडिकेट की मीटिंग में लुधियाना के तीन कॉलेज का मुद्दा खूब गर्माया। लुधियाना स्थित एसडीपी कॉलेज, देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन और आत्म वल्लभ कॉलेज जैन कॉलेज में अनियमितताओं को लेकर सिंडिकेट मीटिंग में काफी बहस हुई। सिंडिकेट ने लुधियाना के एसडीपी कॉलेज की मान्यता रद्द करने को लेेकर आखिरी फैसला ले लिया।
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जानकारी के अनुसार एक हफ्ते के अंदर कॉलेज की मान्यता रद्द हो जाएगी। वहीं, देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन और आत्म वल्लभ कॉलेज जैन कॉलेज के ऊपर लगे आरोपों को लेकर सिंडिकेट ने दो सदस्यों की कमेटी बना दी है जो कॉलेज की निगरानी करेगी। कमेटी के दोनों सदस्य सिंडिकेट के सदस्य होंगे और ये कॉलेज के हर फैसले में दखल दे सकेंगे।
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कॉलेजों पर टीचर्स को परेशान करने का आरोप

इन कॉलेजों पर अपने टीचर्स को काफी परेशान करने का आरोप है। कॉलेजों में टीचर्स को मेटरनिटी लीव, लीव इन कैशमेंट जैसी सुविधाएं भी नहीं हैं। आरोप है कि बिना नोटिस के ही टीचर्स निकाल दिए जाते हैं। एक टीचर की शिकायत पर कमेटी ने इन कॉलेजों का दौरा किया और टीचिंग ही नहीं नॉन टीचिंग की समस्याओं को भी सही पाया। इसके बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट सिंडिकेट में दी, उन्होंने कॉलेजों से जवाब मांगा। कॉलेजों ने न सिर्फ लेटर का सही जवाब नहीं दिया बल्कि आने से भी इनकार कर दिया। उलटा यूनिवर्सिटी पर बेवजह तंग करने का आरोप भी लगाया।

बिना शर्त ट्रांसजेंडर्स की फीस माफ
पंजाब यूनिवर्सिटी ने अपने ट्रांसजेंडर स्टूडेंट्स को राहत देते हुए उनकी फीस माफ करने का फैसला किया है। पीयू में पढ़ने वाले सभी पांच स्टूडेंट्स को पढ़ाई पूरी करने के लिए फीस नहीं देगी होगी। पहले फीस माफी के साथ शर्त लगाई गई थी, जिसे सिंडिकेट की बैठक में हटा दिया गया। दरअसल पीयू ने पहले शर्त रखी थी कि ट्रांसजेंडर छात्र कैंपस में होने वाले किसी भी धरना या विरोध प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लेंगे। अगर वह किसी प्रदर्शन में शामिल होते हैं तो उनकी फीस माफ नहीं की जाएगी, जिसको लेकर विभिन्न छात्र संगठनों की तरफ से काफी आपत्ति जताई गई थी।

पीयू गेस्ट हाउस में एक्स-फेलो व वर्तमान फेलो के लिए एक दाम

पंजाब यूनिवर्सिटी के गेस्ट हाउस में ठहरने वाले एक्स-फेलो व वर्तमान फेलो के लिए अब एक दाम लगाए जाएंगे। केके शर्मा ने यह मुद्दा पहले सीनेट में उठाया था कि पीयू गेस्ट हाउस में एक्स-फेलो व वर्तमान फेलो से अलग-अलग रेट क्यों चार्ज किए जाते हैं। केके शर्मा ने ही मंगलवार को हुई सिंडिकेट की बैठक में इस मुद्दे को उठाया था।

हजारों कर्मचारियों को राहत भरी खबर
मैं पंजाब यूनिवर्सिटी व सिंडिकेट का धन्यवाद करता हूं। यह नॉन टीचिंग कर्मचारियों का हक था, क्योंकि वह पिछले 15-20 सालों से काम कर रहे हैं। वह भी समान वेतन पाने के हकदार हैं। हजारों कर्मचारियों के लिए यह राहत भरी खबर है।
- दीपक कौशिक, प्रेसिडेंट, पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन
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