फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab University Senate Meeting on 28 September for decision on dsw

पंजाब यूनिवर्सिटीः प्रतिष्ठा से जुड़ा डीएसडब्ल्यू का पद, गोयल बंधुओं व डॉ. सुभाष शर्मा ने झोंकी ताकत

Sun, 22 Sep 2019 12:22 PM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sun, 22 Sep 2019 12:22 PM IST
विज्ञापन
Punjab University Senate Meeting on 28 September for decision on dsw
punjab university
पंजाब यूनिवर्सिटी डीएसडब्ल्यू के 28 सितंबर को सीनेट की बैठक में चयन करने के फरमान जारी होते ही जोड़ तोड़ की राजनीति शुरू हो गई है। सीनेट में मौजूद दो बड़े ग्रुपों के लिए डीएसडब्ल्यू का पद प्रतिष्ठा से जुड़ा है, इसलिए वह सीनेटरों को अपने पाले में करने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि जिस पाले में डीएवी ग्रुप जाएगा उसी का डीएसडब्ल्यू बनना तय है। हालांकि कुछ छोटे छोटे ग्रुप के सीनेटर भी डीएसडब्ल्यू का नाम बदलवा सकते हैं।
विज्ञापन


22 अगस्त को हुई बैठक में गोयल बंधुओं के ग्रुप की ओर से एक पत्र पर 48 सीनेटरों ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने प्रो. इमैनुअल नाहर को डीएसडब्ल्यू बनाने के लिए अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं डॉ. सुभाष शर्मा गुट के पास 44 वोट थे। वोटों के गणित में अधिक अंतर नहीं है। चार से पांच वोटों का फर्क नजर आ रहा है। इसी बीच डीएसडब्ल्यू प्रो. नाहर को एक्सटेंशन न देने का मामला कोर्ट चला गया और अब सीनेट के जरिये दोबारा डीएसडब्ल्यू बनाने के आदेश दिए गए हैं। उसी कड़ी में अब 28 सितंबर को गुटों का शक्ति प्रदर्शन होगा।
विज्ञापन


पिछले रिकॉर्ड पर गौर फरमाएं तो गोयल बंधुओं के पास 48 सीनेटर हैं। यदि फिर से यही सीनेटर एक हुए तो डॉ. सुभाष शर्मा पक्ष के लिए दिक्कत खड़ी हो सकती है। लेकिन डॉ. सुभाष का गुट भी पूरी ताकत के साथ जुटा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि डीएवी ग्रुप के सीनेटर उनके पक्ष में हैं। यदि इन सभी सीनेटरों ने एक पक्ष में ही वोट किया तो फिर डीएसडब्ल्यू के नाम को बदलते देर नहीं लगेगी। डीएवी ग्रुप के पास 12 सीनेटर हैं। हालांकि छोटे छोटे गुट भी अपनी ताकत दिखाएंगे। फिलहाल जोड़ तोड़ का काम चल रहा है। सुबह से शाम तक फोन पर सीनेटरों से बातें की जा रही हैं। रात को बैठकों का दौर जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोयल बंधुओं की पहली पसंद हैं प्रो. नाहर

सूत्रों की मानें तो गोयल बंधुओं का पक्ष चाहता है कि फिर से प्रो. इमैनुअल नाहर ही डीएसडब्ल्यू बनें। उनके नाम पर ही डिसकस करवाया जाएगा और जरूरत पड़ी तो वोटिंग भी कराई जा सकती है। इसी ग्रुप के कुछ लोगों का यह भी कहना है कि वीसी प्रो. राजकुमार ने प्रो. नाहर के नाम पर आपत्ति दर्ज की है, ऐसे में गोयल बंधुओं का ग्रुप डीएसडब्ल्यू के लिए दूसरे नाम को भी आगे बढ़ा सकता है।

डीएसडब्ल्यू के लिए वीसी ला सकते हैं तीन शिक्षकों के नाम
जानकारों की मानें तो वीसी इस बार डीएसडब्ल्यू के लिए तीन शिक्षकों के नाम सीनेट के सामने रखेंगे और उन पर चर्चा कराई जाएगी। यह तीन नाम डीएसडब्ल्यू मैन, वीमेन व एडीएसडब्ल्यू पद के लिए होंगे। लेकिन इन तीन नामों को सीनेट के सदस्य स्वीकार करेंगे, यह कहना कठिन होगा, क्योंकि दूसरा पक्ष प्रो. नाहर के लिए ही वोटिंग कराने पर जोर देगा। हालांकि वीसी उन तीन नामों को सामने ला सकते हैं जिसका विरोध गोयल बंधुओं का गुट न कर सके।  

डीएवी ग्रुप का भी हो सकता है डीएसडब्ल्यू
सूत्रों का यह भी कहना है कि डीएसडब्ल्यू का पद उस पक्ष को भी दिया जा सकता है जिसके पास 10 से 12 वोट हों। उसमें डीएवी ग्रुप का नाम सामने आ रहा है। इस पक्ष को एक बड़ा ग्रुप सपोर्ट कर सकता है। क्योंकि यह पद प्रतिष्ठा का सवाल बना है, ऐसे में जीत के लिए कुछ भी तरीके अपनाए जा सकते हैं। हालांकि दोनों प्रमुख गुट खुद के पास पर्याप्त बहुमत होने की बात कर रहे हैं।

किंगमेकर : डीएवी ग्रुप जिस पाले में उसी पक्ष का डीएसडब्ल्यू बनना तय

आंकड़ों का खेल : 22 अगस्त को हुई बैठक में गोयल बंधुओं के ग्रुप की ओर से एक पत्र पर 48 सीनेटरों ने हस्ताक्षर किए थे। उन्होंने प्रो. इमैनुअल नाहर को डीएसडब्ल्यू बनाने के लिए उपस्थिति दर्ज कराई थी। वहीं डॉ. सुभाष शर्मा गुट के पास 44 वोट थे।

ये बन रहे समीकरण
1. गोयल बंधुओं का पक्ष चाहता है फिर से प्रो. इमैनुअल नाहर ही डीएसडब्ल्यू बनें।
2. डीएसडब्ल्यू के लिए वीसी आगे कर सकते हैं तीन शिक्षकों के नाम।
3. डीएवी ग्रुप का भी हो सकता है डीएसडब्ल्यू, क्योंकि एक बड़ा पक्ष कर सकता है सपोर्ट।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed