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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव पर खर्च होंगे डेढ़ करोड़, रकम कम करने में नहीं मिली सफलता
Sun, 02 Aug 2020 02:05 PM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 02 Aug 2020 02:05 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट चुनाव पर इस बार भी लगभग डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह रकम पिछले चुनाव के बराबर ही है। इस रकम को कम करने की कोशिश की गई, लेकिन पीयू प्रशासन अब तक इसका तोड़ नहीं निकाल पाया है। अब चुनाव को एक माह शेष है। ऐसे में पैसे की कटौती अब पीयू प्रशासन नहीं करेगा। जहां जरूरत होगी, वहां पैसे पीयू इसके लिए देगा।
पीयू सीनेट का चुनाव हर चार साल में एक बार होता है। 91 सदस्य इस सीनेट में चुनकर व मनोनीत होकर आते हैं। इसमें हाईकोर्ट के जज से लेकर मंत्री, नेता, अधिकारी आदि नामित होते हैं। चांसलर इनका मनोनयन करते हैं। बाकी 56 सीटों के लिए चुनाव होता है। पिछले साल सीनेट के चुनाव में सरकारी गाड़ियां अधिक घुमाई गई। प्रचार-प्रसार में भी लोगों के प्रयोग करने के आरोप लगे थे।
तेल पर अधिक रकम खर्च की गई। कागज की बर्बादी करने पर भी सवाल उठे थे। इन सभी को लेकर इस बार योजना बनी कि सीनेट चुनाव का बजट कम किया जाए। इस पर मंथन काफी हुआ लेकिन लगभग वही बजट इस बार भी चुनाव पर खर्च होगा। बैलेट पेपर से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करने पर रकम खर्च होगी।
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इस बार खाने पर खर्च होने वाली रकम बच सकती है क्योंकि कोरोना के कारण इन सबका प्रबंध होता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि अभी एक माह चुनाव में बाकी है। इस दौरान स्थितियां देखकर ही पीयू प्रशासन निर्णय लेगा।
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पीयू सीनेट का चुनाव हर चार साल में एक बार होता है। 91 सदस्य इस सीनेट में चुनकर व मनोनीत होकर आते हैं। इसमें हाईकोर्ट के जज से लेकर मंत्री, नेता, अधिकारी आदि नामित होते हैं। चांसलर इनका मनोनयन करते हैं। बाकी 56 सीटों के लिए चुनाव होता है। पिछले साल सीनेट के चुनाव में सरकारी गाड़ियां अधिक घुमाई गई। प्रचार-प्रसार में भी लोगों के प्रयोग करने के आरोप लगे थे।
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तेल पर अधिक रकम खर्च की गई। कागज की बर्बादी करने पर भी सवाल उठे थे। इन सभी को लेकर इस बार योजना बनी कि सीनेट चुनाव का बजट कम किया जाए। इस पर मंथन काफी हुआ लेकिन लगभग वही बजट इस बार भी चुनाव पर खर्च होगा। बैलेट पेपर से लेकर अन्य औपचारिकताएं पूरी करने पर रकम खर्च होगी।
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इस बार खाने पर खर्च होने वाली रकम बच सकती है क्योंकि कोरोना के कारण इन सबका प्रबंध होता नजर नहीं आ रहा है। हालांकि अभी एक माह चुनाव में बाकी है। इस दौरान स्थितियां देखकर ही पीयू प्रशासन निर्णय लेगा।