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पीयू सीनेट चुनाव: 150 शिक्षकों की मुट्ठी में दो सीटें, व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया, अब दिखाएंगे ताकत

Sat, 25 Jul 2020 10:44 AM IST
खुशबू गोयल सुशील कुमार, चंडीगढ़
सुशील कुमार, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 25 Jul 2020 10:44 AM IST
सार

  • यह वे शिक्षक हैं, जिनकी पास्ट सर्विस काउंट आज तक नहीं हो पाई
  • कुल 441 में से 150 वोट इन्हीं के, जहां यह वोट जाएंगे उसी की जीत पक्की

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Punjab University Senate Elections 2020, Teachers Creat Whatsapp Group
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

पंजाब यूनिवर्सिटी के सीनेट चुनाव में इस बार परिणाम चौंकाने वाले होंगे। एसोसिएट व असिस्टेंट कंस्टीट्यूएंसी की दो सीटें एकतरफा हो सकती हैं। इसका कारण यह है कि लगभग 150 शिक्षक एक तरफ हो गए हैं। इन्होंने ‘पास्ट सर्विस काउंट ग्रुप’ से अपना व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। यह वे शिक्षक हैं जिनकी पास्ट सर्विस काउंट नहीं हो पाई है। वर्षों से वह इसके लिए मेहनत में लगे थे।
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शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले भी यह हक उन्हें नहीं दिला पाए। हालांकि प्रयास जरूर किए गए, लेकिन असफल रहे। अब यही शिक्षक अपनी असली ताकत दिखाएंगे। इन शिक्षकों ने व्हाट्सऐप पर अपना एक ग्रुप बनाया है और सभी एक हो गए हैं। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि पीयू में कुल 441 वोट हैं। इनमें 150 वोट इस ग्रुप के हैं। ये वोट जहां जाएंगे समझो उसकी जीत पक्की है।
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पीयू चार सीटें चुनकर जाएंगी सीनेट
पीयू कैंपस से चार सीटें सीनेट के लिए चुनकर जाएंगी। दो प्रोफेसर, जो साइंस व आर्ट से होंगे और दो ही एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसरों की सीटें होंगी। प्रोफेसरों के सामने कोई बड़ी चुनौती नहीं और न ही कोई बड़ी मांग है। लेकिन असली लड़ाई एसोसिएट व असिस्टेंट प्रोफेसर लड़ रहे हैं, जिन्हें उनका हक चार साल में भी नहीं मिल पाया।
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हैरानी इस बात की है कि कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके हैं, लेकिन उनकी पास्ट सर्विस काउंट नहीं हुई और वह आज भी असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जबकि उनकी साख पूरे देश में बड़े शिक्षकों में गिनी जाती है। इन सभी शिक्षकों ने पास्ट सर्विस काउंट के लिए हर दर पर माथा टेका, लेकिन प्रभावशाली लोगों ने इन शिक्षकों को लाभ देने की बजाय उनका प्रयोग किया।

शिक्षक बोले- हमेशा उनके छल हुआ

कई शिक्षकों ने कहा कि वह छले गए हैं। पुटा चुनाव में भी उनसे वायदे किए गए थे, लेकिन लाभ नहीं पाया। आज सीनेट चुनाव सामने हैं। हर कोई उनसे वोट की गुहार लगा रहा है, लेकिन उनका दर्द तो हरा का हरा है। इन वोटर्स ने साफ कह दिया है कि वह इस बार किसी के बहकावे या किसी के प्रभाव में आने वाले नहीं हैं।

तीन शिक्षकों ने पास्ट सर्विस काउंट ग्रुप बना 150 शिक्षकों को जोड़ा
इसी को ध्यान में रखकर तीन शिक्षकों ने एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया है। पास्ट सर्विस काउंट ग्रुप उसका नाम दिया गया। इस ग्रुप से लगभग 150 शिक्षकों को जोड़ा गया जो अधिकांश इसी मुद्दे से जुड़े हैं। यह सभी शिक्षक एक हैं। ग्रुप में हर दिन यह सुबह संदेश डालते हैं ओर उसी संदेश पर सभी लोग काम करते हैं।

सूत्रों का कहना है कि इन 150 शिक्षकों में से ही दो शिक्षकों को चुनावी मैदान में उतारने की तैयारी भी की जा रही है। हालांकि अभी नाम सामने नहीं आए हैं। यह बात दिग्गजों को पता लगी तो उनके पैरों के नीचे की जमीन खिसक रही है। वह इन शिक्षकों से साथ देने को कह रहे हैं। बस एक और मौका मांग रहे हैं लेकिन यह पीड़ित शिक्षक भी इस बार उनके हाथ नहीं आने वाले।
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