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पीयू से 45 प्रोफेसर रिटायर, अब युवाओं के पास नौकरी पाने का सुनहरा मौका
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 20 Aug 2016 04:57 PM IST
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पंजाब यूनिवर्सिटी
- फोटो : amar ujala
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हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब यूनिवर्सिटी ने 45 प्रोफेसर रिटायर कर दिए हैं। अब युवाओं के पास नौकरी पाने का सुनहरा मौका है। पीयू कुलपति ने पीयू सिंडीकेट में हाईकोर्ट के आदेशों की कापी दिखाते हुए सिंडीकेट को मामले में तुरंत फैसला लेने की बात कही। सिंडीकेट के सभी सदस्यों ने हाईकोर्ट के आदेशों को देखते हुए 45 प्रोफेसर की रिटायरमेंट करने के फैसले का समर्थन किया।
गौरतलब है कि अमर उजाला ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद 45 प्रोफेसर को रिटायर नहीं करने के संबंध में 19 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित की थी। खबर पर पीयू सिंडीकेट में भी चर्चा हुई। जानकारी अनुसार पंजाब यूनिवर्सिटी के आला अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बाद ही सभी 45 प्रोफेसर को रिटायर करने संबंधी आदेश तैयार करवा लिए। लेकिन मामले पर फैसला सिंडीकेट बैठक में ही लिया गया।
जानकारी अनुसार रिटायर किए गए सभी प्रोफेसर को नौकरी से एक दिन का ब्रेक देने के बाद रिम्प्लाइमेंट का ऑफर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार रिटायर होने वाले सभी प्रोफेसर से रीइम्पलाइमेंट के लिए आवेदन करने को कहा गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने शुक्रवार को ही आवेदन पीयू प्रशासन के पास जमा कर दिए हैं।
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प्रोफेसर से रिकवरी पर एफडीओ को दिए निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू प्रशासन को 60 के बाद स्टे लेकर नौकरी करने वाले प्रोफेसर से रिटायरमेंट की उम्र के बाद लिया गया अतिरिक्त वेतन भी वसूलने के आदेश दिए गए हैं। जानकारी अनुसार इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है,लेकिन सिंडीकेट बैठक में इस मामले में फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट ऑफिसर (एफडीओ) को मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
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गौरतलब है कि अमर उजाला ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद 45 प्रोफेसर को रिटायर नहीं करने के संबंध में 19 अगस्त के अंक में खबर प्रकाशित की थी। खबर पर पीयू सिंडीकेट में भी चर्चा हुई। जानकारी अनुसार पंजाब यूनिवर्सिटी के आला अधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर बाद ही सभी 45 प्रोफेसर को रिटायर करने संबंधी आदेश तैयार करवा लिए। लेकिन मामले पर फैसला सिंडीकेट बैठक में ही लिया गया।
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जानकारी अनुसार रिटायर किए गए सभी प्रोफेसर को नौकरी से एक दिन का ब्रेक देने के बाद रिम्प्लाइमेंट का ऑफर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार रिटायर होने वाले सभी प्रोफेसर से रीइम्पलाइमेंट के लिए आवेदन करने को कहा गया, जिसके बाद कुछ लोगों ने शुक्रवार को ही आवेदन पीयू प्रशासन के पास जमा कर दिए हैं।
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प्रोफेसर से रिकवरी पर एफडीओ को दिए निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू प्रशासन को 60 के बाद स्टे लेकर नौकरी करने वाले प्रोफेसर से रिटायरमेंट की उम्र के बाद लिया गया अतिरिक्त वेतन भी वसूलने के आदेश दिए गए हैं। जानकारी अनुसार इस संबंध में अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है,लेकिन सिंडीकेट बैठक में इस मामले में फाइनेंस एंड डेवलेपमेंट ऑफिसर (एफडीओ) को मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
अब नए युवाओं के पास नौकरी पाने का मौका
तीसरी कट ऑफ में कॉलेजों में भारी भीड़ बढ़ने की संभावना
- फोटो : amar ujala
पीयू द्वारा 45 प्रोफेसर को रिटायरमेंट के फैसले से पंजाब यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों में अब खाली पदों को भरने का काम शुरू हो सकेगा। प्रोफेसरों की रिटायरमेंट से पीयू को सालाना करोड़ों का खर्च कम होगा।
प्रोफेसर को 1.50 से 1.70 लाख मासिक वेतन मिलता है। रिटायरमेंट आर्डर के बाद पीयू कैंपस में रहने वाले सभी प्रोफेसर को दो महीने के भीतर मकान खाली करना होगा, ऐसे में घर के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट वालों को मौका मिलेगा।
कोर्ट जा सकते हैं कुछ प्रोफेसर
सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट के फैसले रके खिलाफ कुछ प्रोफेसर कोर्ट जाने की तैयारी में है। लेकिन प्रोफेसर को राहत मिलने की कम ही उम्मीद जताई जा रही है।
हां, पीयू ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सभी प्रोफेसर को रिटायर करने का फैसला लिया है। इस संबंध में आदेश जारी किए जा रहे हैं।
- कर्नल(रिटायर) जीएस चड्डा, रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी
प्रोफेसर को 1.50 से 1.70 लाख मासिक वेतन मिलता है। रिटायरमेंट आर्डर के बाद पीयू कैंपस में रहने वाले सभी प्रोफेसर को दो महीने के भीतर मकान खाली करना होगा, ऐसे में घर के लिए लंबी वेटिंग लिस्ट वालों को मौका मिलेगा।
कोर्ट जा सकते हैं कुछ प्रोफेसर
सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट के फैसले रके खिलाफ कुछ प्रोफेसर कोर्ट जाने की तैयारी में है। लेकिन प्रोफेसर को राहत मिलने की कम ही उम्मीद जताई जा रही है।
हां, पीयू ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए सभी प्रोफेसर को रिटायर करने का फैसला लिया है। इस संबंध में आदेश जारी किए जा रहे हैं।
- कर्नल(रिटायर) जीएस चड्डा, रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी