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24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रस्ताव सिंडिकेट में लाने से मुकरा पीयू, छात्र संगठनों में आक्रोश

Fri, 07 Dec 2018 09:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 07 Dec 2018 09:39 AM IST
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Punjab University Refused for Proposal about Girls Freedom in Syndicate Meeting
विरोध प्रदर्शन करती लड़कियां
पीयू प्रशासन ने 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रस्ताव सिंडिकेट की बैठक के एजेंडे में शामिल नहीं किया है। इससे आक्रोशित छात्र संगठनों का गुस्सा सातवें आसमान में पहुंच गया है। संगठन ने ऐलान कर दिया है कि 8 दिसंबर को होने वाली बैठक का घेराव कर प्रदर्शन किया जाएगा। इस प्रोटेस्ट में 800 से अधिक स्टूडेंट शामिल होंगे। प्रदर्शन सुबह नौ बजे एडमिन ब्लॉक के बाहर होगा।
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प्रोटेस्ट कर रहे संगठन एसएफएस, आइसा, पीएसयू ललकार व पीयूसीएससी को बैठक में पीयू प्रशासन ने दो दिन पहले आश्वासन दिया था कि वह अपना मांग पत्र डीएसडब्ल्यू इमैनुअल नाहर को दे दें। वह प्रस्ताव वीसी के पास जाएगा और सिंडिकेट के एजेंडे में शामिल होगा। अधिकारियों ने यह भी कह दिया था कि 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने पर निर्णय सिंडिकेट करेगी, उस बैठक में यह प्रस्ताव लाया जाएगा। एजेंडा बैठक का जारी हो गया, लेकिन यह प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया। इससे छात्र-छात्राओं का गुस्सा आसमान पहुंच गया। उन्होंने आनन-फानन में बैठक की और चेतावनी दी कि पीयू प्रशासन ने जिस तरह अपना पाला बदला है, अब उसका जवाब उसी अंदाज में दिया जाएगा। अब हालात और बिगड़ेंगे।
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स्टूडेंट्स ने कहा कि पीयू प्रशासन खुद नहीं चाहता कि स्टूडेंट प्रोटेस्ट खत्म करें। छात्रों ने कहा कि मांगों को लेकर पीयू प्रशासन का रुख साफ नहीं है। हॉस्टल्स के गेटों पर चार से पांच रजिस्टर रखवाए गए हैं जबकि एक रजिस्टर पर्याप्त है। कहा कि 11 बजे के बाद हॉस्टल से बाहर निकलने वाली छात्राओं पर फाइन का प्रावधान किया गया है जो कि गलत है। सिंडिकेट व सीनेट की बैठक के एजेंडे की जानकारी स्टूडेंट काउंसिल अध्यक्ष व महासचिव को दी जानी चाहिए। साथ ही उनमें से किसी को सदस्य भी बैठकों में बनाया जाना चाहिए। कहा कि 40 दिन से विरोध प्रदर्शन चल रहा है, लेकिन पीयू प्रशासन नहीं जाग रहा है। अब आरपार की लड़ाई होगी।
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हॉस्टल के बाहर चस्पा कर दी समाचार पत्रों की कटिंग

24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने को लेकर हाईकोर्ट में दायर याचिका की खबर समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई। अखबारों की यही कटिंग गर्ल्स हॉस्टल के बाहर चस्पा कर दी गई। सूत्रों का कहना है कि पीयू प्रशासन ने यह लगवाई हैं। वह स्टूडेंट्स को यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि गर्ल्स हॉस्टल खोलने का मामला कोर्ट में चला गया है। अब वह कुछ नहीं कर सकते, जो भी निर्णय होगा वह कोर्ट में होगा। संदेश दिया गया कि छात्राएं प्रोटेस्ट आदि में अब शामिल न हों।

क्या कहते हैं लीडर्स
सिंडिकेट के एजेंडे में 24 घंटे गर्ल्स हॉस्टल खोलने का प्रस्ताव लाया जाना था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इसको लेकर प्रोटेस्ट आठ दिसंबर को एडमिन ब्लॉक के बाहर किया जाएगा।
- कनुप्रिया, अध्यक्ष, स्टूडेंट काउंसिल

पीयू प्रशासन ने जो वायदे स्टूडेंट्स लीडर्स के समक्ष बैठक में किए थे उससे पीयू प्रशासन मुकर गया है। इससे विद्यार्थियों में आक्रोश पनप रहा है। इसका जवाब 8 दिसंबर को देंगे।
- हसनप्रीत, एसएफएस लीडर

अपने वायदों से मुकरने का यह पहला मामला नहीं है। पीयू प्रशासन हमेशा छात्रों के साथ दोगला व्यवहार करता आया है। लेकिन इस बार अधिकारियों को वायदों से मुकरना भारी पड़ेगा।
- विजय कुमार, अध्यक्ष आइसा

स्टूडेंट्स के हितों को दबाने के लिए पीयू प्रशासन कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। स्टूडेंट्स भी उनके द्वारा अपनाए जा रहे तरीकों से डरने वाले नहीं हैं।
- अमनदीप कौर, पीएसयू ललकार पदाधिकारी
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