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टाइम्स एशिया रैंकिंग में पंजाब यूनिवर्सिटी का निराशाजनक प्रदर्शन, 149वें पायदान पर खिसकी
Thu, 04 Jun 2020 01:10 PM IST
खुशबू गोयल
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 04 Jun 2020 01:10 PM IST
सार
- भारत के आईआईटी के कई इंस्टट्यूटों ने बनाई टॉप-100 में जगह
- आईआई रोपड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47वें स्थान हासिल किया
- पहले स्थान पर रही चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी की ओवरऑल स्कोर
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पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़
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विस्तार
टाइम्स हायर एजुकेशन एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2020 की बुधवार को जारी लिस्ट में पंजाब यूनिवर्सिटी का निराशाजनक प्रदर्शन रहा। पीयू टॉप-100 में स्थान बनाने में विफल तो रहा ही, साथ ही 2019 के मुकाबले 136वें स्थान से लुढ़ककर 149वें स्थान पर पहुंच गया।
टाइम्स यूनिवर्सिटी की टीचिंग, रिसर्च, स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो, इंडस्ट्री इनकम, साइटेशन इत्यादि मानकों के आधार पर रैंकिंग निकालता है। पहले पायदान पर चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी रहा है। वहीं आईआई रोपड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47वें स्थान हासिल किया है।
पिछले पांच सालों से पंजाब यूनिवर्सिटी टाइम्स एशिया रैंकिंग में टॉप 100 में अपना स्थान दर्ज नहीं करवा पाई है। 2014 में पीयू ने टॉप 100 में अपना स्थान दर्ज करवाया था। इस दौरान पीयू ने ओवरऑल स्कोर 40.2 के साथ 32वां स्थान दर्ज किया था।
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हालांकि पीयू आईक्यूएसी डायरेक्टर आशीष जैन ने बताया कि इस बार टॉप- 100 में चीन और हांगकांग की ज्यादा यूनिवर्सिटी के आ जाने से पीयू की रैंक पीछे रह गई। लेकिन 2019 के मुकाबले पीयू ने टाइम्स की ओर से पांच मानक टीचिंग, इंटरनेशनल आउटलुक, इंडस्ट्री इनकम, रिसर्च और साइटेशन के स्कोर में सुधार किया है।
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टाइम्स यूनिवर्सिटी की टीचिंग, रिसर्च, स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो, इंडस्ट्री इनकम, साइटेशन इत्यादि मानकों के आधार पर रैंकिंग निकालता है। पहले पायदान पर चीन की सिंघुआ यूनिवर्सिटी रहा है। वहीं आईआई रोपड़ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 47वें स्थान हासिल किया है।
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पिछले पांच सालों से पंजाब यूनिवर्सिटी टाइम्स एशिया रैंकिंग में टॉप 100 में अपना स्थान दर्ज नहीं करवा पाई है। 2014 में पीयू ने टॉप 100 में अपना स्थान दर्ज करवाया था। इस दौरान पीयू ने ओवरऑल स्कोर 40.2 के साथ 32वां स्थान दर्ज किया था।
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हालांकि पीयू आईक्यूएसी डायरेक्टर आशीष जैन ने बताया कि इस बार टॉप- 100 में चीन और हांगकांग की ज्यादा यूनिवर्सिटी के आ जाने से पीयू की रैंक पीछे रह गई। लेकिन 2019 के मुकाबले पीयू ने टाइम्स की ओर से पांच मानक टीचिंग, इंटरनेशनल आउटलुक, इंडस्ट्री इनकम, रिसर्च और साइटेशन के स्कोर में सुधार किया है।
इस साल यह रहा स्कोर
टीचिंग : 32.1
इंटरनेशनल आउटलुक : 16.5
इंडस्ट्री इनकम : 34.9
रिसर्च : 17.6
साइटेशन : 56.6
2019 में ये रहा स्कोर
टीचिंग : 26.9
इंटरनेशनल आउटलुक : 16
इंडस्ट्री इनकम : 34
रिसर्च : 11
साइटेशन : 54.5
इंटरनेशनल आउटलुक : 16.5
इंडस्ट्री इनकम : 34.9
रिसर्च : 17.6
साइटेशन : 56.6
2019 में ये रहा स्कोर
टीचिंग : 26.9
इंटरनेशनल आउटलुक : 16
इंडस्ट्री इनकम : 34
रिसर्च : 11
साइटेशन : 54.5
रिसर्च और टीचिंग में पिछले साल के मुकाबले हुआ सुधार
टाइम्स स्कोर के अनुसार पंजाब यूनिवर्सिटी ने पिछले सालों के मुकाबले रिसर्च और टीचिंग में सुधार किया है। पीयू का रिसर्च की गुणवता, नए प्रयोग, बजट इत्यादि में पिछले सालों के मुकाबले काफी अच्छा प्रदर्शन रहा है। वहीं टीचिंग मतलब लर्निंग एन्वायर्नमेंट में भी पीयू का पिछले वर्ष के मुकाबले अच्छा स्कोर है। इस बार पीयू का टीचिंग में 32.1 स्कोर मिला है, 2019 में यह 26.9 था।
स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो में नहीं हो पाया सुधार
डायरेक्टर आशीष जैन ने बताया कि पीयू का 2019 और 2020 दोनों वर्षों में स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो में सुधार नहीं कर पाया है। यूजीसी की तरफ से पीयू को नई फैकल्टी रिक्रुटमेंट की परमिशन नहीं मिल रही है। वहीं पीयू का कम बजट भी स्टूडेंट्स की संख्या के मुकाबले कम फैकल्टी का कारण हैं। पीयू में पिछले वर्षों में पुराने प्रोफेसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह खाली पड़ी पोस्टों को नहीं भरा जा रहा है।
आईआईटी ने बनाई टॉप 100 में जगह
टाइम्स रैंकिंग में टॉप 100 में भारत के कई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने अपना स्थान दर्ज करवाया है। इसमें 36वें स्थान पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, 47वें स्थान पर आईआईटी रोपड़, 55वें स्थान पर आईआईटी इंदौर, 59वें स्थान पर आईआईटी खरगपुर, 67वें स्थान पर आईआईटी दिल्ली, 69वें स्थान पर आईआईटी बॉम्बे, 83वें स्थान स्थान पर आईआईटी रुड़की, 92वें स्थान पर इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी रहा है।
स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो में नहीं हो पाया सुधार
डायरेक्टर आशीष जैन ने बताया कि पीयू का 2019 और 2020 दोनों वर्षों में स्टूडेंट-फैकल्टी रेश्यो में सुधार नहीं कर पाया है। यूजीसी की तरफ से पीयू को नई फैकल्टी रिक्रुटमेंट की परमिशन नहीं मिल रही है। वहीं पीयू का कम बजट भी स्टूडेंट्स की संख्या के मुकाबले कम फैकल्टी का कारण हैं। पीयू में पिछले वर्षों में पुराने प्रोफेसर सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनकी जगह खाली पड़ी पोस्टों को नहीं भरा जा रहा है।
आईआईटी ने बनाई टॉप 100 में जगह
टाइम्स रैंकिंग में टॉप 100 में भारत के कई इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी ने अपना स्थान दर्ज करवाया है। इसमें 36वें स्थान पर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस, 47वें स्थान पर आईआईटी रोपड़, 55वें स्थान पर आईआईटी इंदौर, 59वें स्थान पर आईआईटी खरगपुर, 67वें स्थान पर आईआईटी दिल्ली, 69वें स्थान पर आईआईटी बॉम्बे, 83वें स्थान स्थान पर आईआईटी रुड़की, 92वें स्थान पर इंस्टिट्यूट ऑफ़ केमिकल टेक्नोलॉजी रहा है।