फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab university ragisterar filed affidevit in highcourt

पीयू में बदलाव की बहस के बीच एक और एफिडेविट, हाईकोर्ट में किया गया दाखिल

Mon, 14 May 2018 03:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 14 May 2018 03:59 PM IST
विज्ञापन
punjab university ragisterar filed affidevit in highcourt
पंजाब यूनिवर्सिटी - फोटो : अमर उजाला
पंजाब यूनिवर्सिटी में चल रही बदलाव की बहस और उससे बने हुए माहौल के बीच एक और एफिडेविट आ गया है। अब पीयू के रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दाखिल किया है। यह एफिडेविट इसलिए दाखिल किया गया है क्योंकि पिछले सप्ताह हुई सीनेट बैठक में सीनेट के सदस्यों ने उन्हें निर्देश दिया था कि वह पीयू के वीसी की तरफ से हाईकोर्ट में दाखिल एफिडेविट के खिलाफ एक नया एफिडेविट हाईकोर्ट में दाखिल करें।
विज्ञापन


पीयू के वित्तीय संकट में स्वत: संज्ञान लेने के केस में पिछले दिनों वीसी ने हाईकोर्ट में एक एफिडेविट दिया था, जिसमें सीनेट और सिंडिकेट पर आरोप लगाते हुए इसके चुनाव प्रक्रिया में बदलाव लाने की बात कही गई थी। इस एफिडेविट के बाद से ही पीयू में बवाल मचा हुआ है। सिंडिकेट के सदस्यों के कहने के बाद भी जब वीसी ने एफिडेविट वापस नहीं लिया तो उन्हें पावर लेस कर दिया गया था। इसके बाद सीनेट के सदस्यों ने यही मांग वीसी से की लेकिन वे नहीं माने तो रजिस्ट्रार को निर्देश दिए गए कि वे विरोध में एफिडेविट दें।
विज्ञापन


वीसी दे सकते हैं एक और एफिडेविट
सूत्रों के मुताबिक वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर हाईकोर्ट में एक और एफिडेविट दे सकते हैं। दूसरे एफिडेविट के लिए वे निजी काउंसिल की मदद ले सकते हैं क्योंकि पहला एफिडेविट उन्होंने पीयू काउंसिल के मार्फत दिया था। जब सीनेट, सिंडिकेट ने उन्हें एफिडेविट वापस लेने के लिए कहा तो वीसी का जवाब था कि एफिडेविट उन्होंने निजी सोच को आधार बनाकर दिया है। तब सीनेट, सिंडिकेट सदस्यों ने कहा कि पीयू के काउंसिल और पीयू के खर्च पर दिया गया गया एफिडेविट निजी कैसे हो सकता है? अब ऐसे में वीसी जो दूसरा एफिडेविट देने की तैयारी कर रहे हैं, उसमें निजी काउंसिल की मदद लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed