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पीयूः देश भर से आने वाले रिसर्च के नमूने नहीं रहेंगे पेंडिंग, सैफ लैब का होगा विस्तार
Thu, 03 Jan 2019 02:37 PM IST
खुशबू गोयल
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
सुशील कुमार, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 03 Jan 2019 02:37 PM IST
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रिसर्च लैब
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देश भर से पंजाब विश्वविद्यालय की सैफ व सीआईएएल लैब में आने वाले जांच के नमूने अब पेंडिंग नहीं रहेंगे, क्योंकि लैब का विस्तार किया जा रहा है। इस कार्य पर 122 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह प्रस्ताव तैयार कर पीयू ने केंद्र सरकार को भेजा है। उम्मीद है कि नए साल में यह प्रस्ताव पास होगा और इस पर काम शुरू हो जाएगा।
डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटऑनलाइनसैफडॉटपीयूसीएडीडॉटएसीडॉटइन पर लागिन करें। सैफ लैब में रसायन आदि की जांच होती है। यह कार्य रिसर्च स्टूडेंट्स व इंडस्ट्री करवाती हैं। सालभर में पीयू की इस लैब के पास 13 हजार से अधिक नमूने जांच के लिए आते हैं। इसमें 60 फीसदी नमूने दूसरे राज्यों से आते हैं।
इनकी जांच के लिए मैनपावर व उपकरण पर्याप्त नहीं है। इसमें समय अधिक लगता है। साथ ही कई प्रकार के नमूनों की जांच यहां नहीं हो पाती है। इसी को ध्यान में रखकर पीयू ने इस लैब के विस्तार की योजना बनाई है। इस पर मार्च से काम शुरू हो जाएगा।
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डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यूडॉटऑनलाइनसैफडॉटपीयूसीएडीडॉटएसीडॉटइन पर लागिन करें। सैफ लैब में रसायन आदि की जांच होती है। यह कार्य रिसर्च स्टूडेंट्स व इंडस्ट्री करवाती हैं। सालभर में पीयू की इस लैब के पास 13 हजार से अधिक नमूने जांच के लिए आते हैं। इसमें 60 फीसदी नमूने दूसरे राज्यों से आते हैं।
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इनकी जांच के लिए मैनपावर व उपकरण पर्याप्त नहीं है। इसमें समय अधिक लगता है। साथ ही कई प्रकार के नमूनों की जांच यहां नहीं हो पाती है। इसी को ध्यान में रखकर पीयू ने इस लैब के विस्तार की योजना बनाई है। इस पर मार्च से काम शुरू हो जाएगा।
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दस साल के लिए रखे जाएंगे तकनीशियन
इस प्रोजेक्ट के जरिये मैनपावर भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए 30 से अधिक तकनीशियन रखे जाएंगे। कुछ नॉन टेक्नीशियन स्टाफ भी रखा जाएगा। इनकी सैलरी का प्रबंध भी प्रोजेक्ट के जरिये होगा।
ये होंगी नई सुविधाएं, खरीदे जाएंगे उपकरण
- इस लैब में एडवांस एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट्स होंगे। इसमें एक्स रे-फोटोलेक्ट्रोन स्पेक्ट्रोस्कॉपी, वाइब्रेटिंग सैंपल मैगनेटोमीटर, बायो एएफएम, आईआर एमेजिंग, एएफएम विद रमन, एचपीटीएलसी, जैनेटिक एनालाइजर, पीसीआर वर्क स्टेशन।
- फूड एंड सॉइल टेस्टिंग फैसिलिटी। इसके लिए मल्टी कलेक्टर आईसीपी एमएस, एचआरजीसीएमएस, यूपीएलसी, इसोटोप रेटियो आदि उपकरण खरीदें जाएंगे।
- प्रोटोटाइप मैन्यूफैक्चरिंग एंड डिवाइस फैब्रिकेशन फैसिलिटी : मोलिक्यूलर बीम ईपीटेक्सी, इलेक्ट्रोन बीम लीथोग्राफी, थ्री डी प्रिंटर आदि उपकरण खरीदे जाएंगे।
- एनर्जी रिसॉर्स रिसर्च शुरू होगा। इसके अलावा आरडीई सिस्टम विकसित किया जाएगा।
ये होंगी नई सुविधाएं, खरीदे जाएंगे उपकरण
- इस लैब में एडवांस एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंट्स होंगे। इसमें एक्स रे-फोटोलेक्ट्रोन स्पेक्ट्रोस्कॉपी, वाइब्रेटिंग सैंपल मैगनेटोमीटर, बायो एएफएम, आईआर एमेजिंग, एएफएम विद रमन, एचपीटीएलसी, जैनेटिक एनालाइजर, पीसीआर वर्क स्टेशन।
- फूड एंड सॉइल टेस्टिंग फैसिलिटी। इसके लिए मल्टी कलेक्टर आईसीपी एमएस, एचआरजीसीएमएस, यूपीएलसी, इसोटोप रेटियो आदि उपकरण खरीदें जाएंगे।
- प्रोटोटाइप मैन्यूफैक्चरिंग एंड डिवाइस फैब्रिकेशन फैसिलिटी : मोलिक्यूलर बीम ईपीटेक्सी, इलेक्ट्रोन बीम लीथोग्राफी, थ्री डी प्रिंटर आदि उपकरण खरीदे जाएंगे।
- एनर्जी रिसॉर्स रिसर्च शुरू होगा। इसके अलावा आरडीई सिस्टम विकसित किया जाएगा।
पीयू में इस लैब के जरिये होती है देशभर के नमूनों की जांच
पंजाब विश्वविद्यालय के वीसी प्रो. राजकुमार ने बुधवार को सैफ व सीआईएल लैब की नई वेबसाइट लांच की। इस वेबसाइट के जरिये स्टूडेंट्स, शोधार्थियों व शिक्षकों को कई लाभ होंगे। निदेशक प्रो. एसके मेहता ने बताया कि लैब कर्मियों की कड़ी मेहनत व डीएसटी दिल्ली से अनीता के सहयोग से यह वेबसाइट तैयार की गई है। वेबसाइट पर हर प्रकार की जानकारी उपलब्ध है। जांच के प्रकार, उनका शुल्क, ऑनलाइन पंजीकरण, कार्यशाला का विवरण, सेमिनार, आगामी योजना आदि के बारे में जानकारी दी गई है। आने वाले नमूनों की रिपोर्ट की प्रगति भी जानी जा सकेगी।
इनकी होती है जांच
सैफ और सीआईएएल लैब में फेसिम, एनएमआर, एलसीएमएस, जीसीएमएस, एक्सआरडी, एक्सआरएफ, एसएएक्सएस आदि की जांच होती है। इन नमूनों की जांच के लिए शुल्क निर्धारित है। इस समय इन नमूनों की जांच कर पीयू लगभग सवा करोड़ रुपये कमा रहा है। जब 122 करोड़ रुपये से लैब का विस्तार होगा तो फिर यही कमाई पीयू की लगभग चार करोड़ रुपये पहुंच जाएगी।
सैफ लैब विस्तार के लिए 122 करोड़ का प्रोजेक्ट वीसी केमाध्यम से सरकार को भेजा गया है। जब प्रस्ताव मंजूर हो जाएगा तो उसकेबाद उस पर काम होगा।
- डॉ. एसके मेहता, इंचार्ज सैफ लैब
इनकी होती है जांच
सैफ और सीआईएएल लैब में फेसिम, एनएमआर, एलसीएमएस, जीसीएमएस, एक्सआरडी, एक्सआरएफ, एसएएक्सएस आदि की जांच होती है। इन नमूनों की जांच के लिए शुल्क निर्धारित है। इस समय इन नमूनों की जांच कर पीयू लगभग सवा करोड़ रुपये कमा रहा है। जब 122 करोड़ रुपये से लैब का विस्तार होगा तो फिर यही कमाई पीयू की लगभग चार करोड़ रुपये पहुंच जाएगी।
सैफ लैब विस्तार के लिए 122 करोड़ का प्रोजेक्ट वीसी केमाध्यम से सरकार को भेजा गया है। जब प्रस्ताव मंजूर हो जाएगा तो उसकेबाद उस पर काम होगा।
- डॉ. एसके मेहता, इंचार्ज सैफ लैब